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Ballia News: दो वर्ष में चार करोड़ से ज्यादा का सरकारी धन कागजों में खपा दिया

Thu, 08 Jan 2026 01:17 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 01:17 AM IST
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In two years, more than Rs 4 crore of government money was spent on paper
बलिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की विशेष मरम्मत के नाम पर स्वास्थ्य विभाग ने चहेती फर्म को लाभ पहुंचाया। बिना टेंडर और अधूरे कार्यों के बावजूद शत-प्रतिशत भुगतान किया गया। बीते दो वर्षों में एक ही फर्म से काम कराया गया। चार करोड़ रुपये से ज्यादा का सरकारी धन कागजों में खपा दिया गया।
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सिकंदरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आवासीय व अन्य भवनों की ‘विशेष मरम्मत’ के नाम पर बिना टेंडर के करीब 34 लाख रुपये के भुगतान ने पूरे खेल की पोल खोल दी है। पड़ताल में सामने आया कि वाराणसी की एक फर्म को योजनाबद्ध ढंग से नियमों से छूट देते हुए काम सौंपा गया है। वाराणसी की फर्म को सौंपे गए कार्यों की फेहरिस्त लंबी है। करीब 1.10 करोड़ रुपये से अगऊर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आवासीय-अनावासीय भवन, 34 लाख से नगरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 8 लाख से वैना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साथ ही एएनएम सेंटर (सीएमओ आवास के बगल में) और दवा स्टोर के टीन शेड का पुनर्निर्माण, टाइली लगाने और सीएमओ कार्यालय का रंग-रोगन सहित लगभग एक दर्जन पीएचसी और सीएचसी का मेंटेनेंस कार्य सौंपा गया।
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हर जगह अधूरा काम होने के बाद भी पूरा भुगतान कर दिया गया। अगऊर सीएचसी जीता-जागता सबूत है। बाहर से लकदक पर ऑपरेशन थिएटर और ओपीडी की खिड़कियां टूटी हैं। कमरों में नाममात्र का रंग, झूलते पुराने बिजली के तार, गंदे-बदहाल शौचालय और परिसर में झाड़िया उगी हैं। आवासीय भवनों की रंगाई-पुताई अधूरी है। फिर भी भुगतान शत-प्रतिशत किया गया है। वैना पीएचसी और नगरा सीएचसी की तस्वीर भी अलग नहीं है। जिन केंद्रों पर कायाकल्प का दावा किया गया, वहां 45 से 50 प्रतिशत कार्य आज भी अधूरे हैं।
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जिम्मेदारों पर ठेकेदार से गठजोड़ का लग रहा आरोप


विभागीय सूत्रों का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी की फर्म से सांठगांठ है। एक पूर्व सीएमओ के करीबी बताए जा रहे ठेकेदार को उनके स्थानांतरण के बाद भी बिना किसी बाधा के काम मिलता रहा। सूत्र बताते हैं कि बीते दो वर्षों में उक्त फर्म ने जिले के 12 सीएचसी और पीएचसी में काम किया और हर जगह 45 से 50 प्रतिशत कार्य अधूरा रहा। इसके बावजूद भुगतान होता रहा। सभी कार्य बिना टेंडर के दिए गए।


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स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत व रंग रोगन के लिए जिम्मेदारी नियम अनुसार फर्म को दी जाती है। पूर्व में कराए गए कामों की जानकारी मांगी गई है। धरातल पर काम नहीं मिलने पर संबंधित फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -- डॉ. विजय यादव, प्रभारी सीएमओ बलिया।
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