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खेल, राजनीति व शिक्षा के क्षेत्र में बलिया की बेटियों ने मनवाया लोहा
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बलिया। जिले की होनहार बेटियों ने खेल, शिक्षा व राजनीति के क्षेत्र में अपना जलवा बिखेरा है। खेल प्रतिस्पर्धा में बलिया की बेटी ने रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार को अपने नाम किया तो राजनीति की क्षेत्र में सामाजिक सेवा कर रसतर कला की निवर्तमान प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी से दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार समेत अन्य पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। ये बेटियां अपने-अपने क्षेत्र में जनपद से लेकर राज्य व देश स्तर पर फलक जगाने का काम कर रही हैं।
खो-खो प्रतिस्पर्धा में अंतर्राष्ट्रीय फलक पर जलवा बिखरेनी वाली बलिया की बेटी प्रीति गुप्ता पर जनपदवासियों को फक्र है। 22 वर्ष की प्रीति ने खो-खो खेल प्रतिस्पर्धा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया। वर्ष 2016 में इंदौर में आयोजित इंटरनेशनल खो-खो चैंयिनशिप में अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन की बदौलत गोल्ड मेडल हासिल कर जनपद को गौरवान्वित करने के साथ प्रदेश का भी नाम ऊंचा किया। इसी की बदौलत प्रीति गुप्ता को 24 दिसंबर 2017 को सेंचुरी अवार्ड से सम्मानित किया गया। बीएचयू वाराणसी के प्रोफेसर केएन उड्डपा सभागार में आयोजित समारोह में प्रीति गुप्त को अवार्ड के साथ आठवां केशर रामखेल छात्रवृत्ति पुरस्कार 2017 से बतौर मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलसचिव डा नीरज त्रिपाठी ने नवाजा था। उपलब्धि का सिलसिला यहीं नहीं रूका और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर 30 अगस्त 2017 को प्रीति गुप्ता को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से लखनऊ में मुख्यमंत्री ने नवाजा था। तहसीली स्कूल से आठवीं तक की पढ़ाई करने के बाद महर्षि बाल्मीकी विद्या मंदिर से हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई पूरी की है। मूलरूप से बैरिया हालमुकाम दुबहर की रहने वाली प्रीति का रूझान बचपन से खेलों के प्रति रहा और इसी की बदौलत उसने यह उपलब्धियां हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। उधर, पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करने वाली स्वायत्तशासी संस्था अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय सचिव पद पर रतसर कला के निवर्तमान प्रधान स्मृति सिंह को राष्ट्रीय महासचिव एसएस विजय मिश्रा ने मनोनीत किया था। मूलरूप से बलिया के गड़वार ब्लाक के रतसरकला ग्राम पंचायत की बेटी स्मृति सिंह के पिता स्व.अखण्डानन्द सिंह गड़वार ब्लाक के वर्षो ब्लाक प्रमुख तथा बाबा स्व. सहजानंद सिंह डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन रह चुके है। वहीं बड़े पिता स्व. पद्मश्री शारदानंद सिंह भारतीय सेना में मेजर जनरल व गुजरात रिफाइनरी के प्रथम प्रबंध निदेशक रह चुके है। लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षित स्मृति सिंह को ग्राम पंचायत में अपने बेहतर रचनात्मक व सामाजिक कार्यों के लिये उत्तर प्रदेश की अति प्रतिष्ठित रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार, प्रधानमंत्री मोदी से दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार तथा राज्य निर्वाचन आयोग सहित अनेकों विश्वविद्यालयों, समाजिक संस्थाओं से सम्मानित किया जा चुका है। 18 अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेन्सिंग द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने ग्राम प्रधान स्मृति सिंह के सुझाव पर हेल्पलाइन में क्षेत्रीय भाषाओं में बात करने का विकल्प पर सहमति जताई थी।
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खो-खो प्रतिस्पर्धा में अंतर्राष्ट्रीय फलक पर जलवा बिखरेनी वाली बलिया की बेटी प्रीति गुप्ता पर जनपदवासियों को फक्र है। 22 वर्ष की प्रीति ने खो-खो खेल प्रतिस्पर्धा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया। वर्ष 2016 में इंदौर में आयोजित इंटरनेशनल खो-खो चैंयिनशिप में अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन की बदौलत गोल्ड मेडल हासिल कर जनपद को गौरवान्वित करने के साथ प्रदेश का भी नाम ऊंचा किया। इसी की बदौलत प्रीति गुप्ता को 24 दिसंबर 2017 को सेंचुरी अवार्ड से सम्मानित किया गया। बीएचयू वाराणसी के प्रोफेसर केएन उड्डपा सभागार में आयोजित समारोह में प्रीति गुप्त को अवार्ड के साथ आठवां केशर रामखेल छात्रवृत्ति पुरस्कार 2017 से बतौर मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलसचिव डा नीरज त्रिपाठी ने नवाजा था। उपलब्धि का सिलसिला यहीं नहीं रूका और राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर 30 अगस्त 2017 को प्रीति गुप्ता को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से लखनऊ में मुख्यमंत्री ने नवाजा था। तहसीली स्कूल से आठवीं तक की पढ़ाई करने के बाद महर्षि बाल्मीकी विद्या मंदिर से हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई पूरी की है। मूलरूप से बैरिया हालमुकाम दुबहर की रहने वाली प्रीति का रूझान बचपन से खेलों के प्रति रहा और इसी की बदौलत उसने यह उपलब्धियां हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। उधर, पंचायतीराज मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्य करने वाली स्वायत्तशासी संस्था अखिल भारतीय पंचायत परिषद के राष्ट्रीय सचिव पद पर रतसर कला के निवर्तमान प्रधान स्मृति सिंह को राष्ट्रीय महासचिव एसएस विजय मिश्रा ने मनोनीत किया था। मूलरूप से बलिया के गड़वार ब्लाक के रतसरकला ग्राम पंचायत की बेटी स्मृति सिंह के पिता स्व.अखण्डानन्द सिंह गड़वार ब्लाक के वर्षो ब्लाक प्रमुख तथा बाबा स्व. सहजानंद सिंह डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन रह चुके है। वहीं बड़े पिता स्व. पद्मश्री शारदानंद सिंह भारतीय सेना में मेजर जनरल व गुजरात रिफाइनरी के प्रथम प्रबंध निदेशक रह चुके है। लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षित स्मृति सिंह को ग्राम पंचायत में अपने बेहतर रचनात्मक व सामाजिक कार्यों के लिये उत्तर प्रदेश की अति प्रतिष्ठित रानी लक्ष्मी बाई वीरता पुरस्कार, प्रधानमंत्री मोदी से दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार तथा राज्य निर्वाचन आयोग सहित अनेकों विश्वविद्यालयों, समाजिक संस्थाओं से सम्मानित किया जा चुका है। 18 अक्टूबर को वीडियो कांफ्रेन्सिंग द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने ग्राम प्रधान स्मृति सिंह के सुझाव पर हेल्पलाइन में क्षेत्रीय भाषाओं में बात करने का विकल्प पर सहमति जताई थी।
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