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Ballia News: कहीं 17 बच्चों को पढ़ाने के लिए पांच अध्यापक तो कहीं एक भी नहीं

Sun, 09 Feb 2025 11:09 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 09 Feb 2025 11:09 PM IST
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In some places there are five teachers to teach 17 children and in some places not even one.
बलिया। जिले के 2249 परिषदीय स्कूलों में आठ हजार शिक्षक और 10 हजार शिक्षामित्र व अनुदेशक तैनात हैं, लेकिन कहीं पांच, छह, आठ बच्चों को पढ़ाने के लिए दो-दो अध्यापक हैं तो एक स्कूल में 17 बच्चों पर पांच अध्यापक तैनात हैं। जबकि नगरीय क्षेत्र के एक विद्यालय में एक भी शिक्षक की नहीं है।
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जिले में 2249 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 226644 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 518 विद्यालय ऐसे हैं, जहां छात्रों की संख्या 50 या उससे कम है। इनमें करीब 150 स्कूल ऐसे है, जहां शिक्षकों की संख्या मानक से अधिक है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र बैरिया में 14 स्कूलों में 50 से कम बच्चे हैं। इनमें 12 स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षकों की तैनाती है। बलिया नगर में आठ स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 या उससे कम है। जबकि दो स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक हैं। जबकि प्राथमिक विद्यालय, रामपुर-2 शिक्षक विहीन है।
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बांसडीह ब्लॉक में कुल 17 स्कूलों में 50 से कम बच्चे हैं। जबकि पांच ऐसे स्कूल हैं, जहां 10 से 20 छात्रों पर दो-दो शिक्षक नियुक्त हैं। प्राथमिक विद्यालय कचनार दीयर में छह बच्चों पर दो शिक्षक हैं। शिक्षा क्षेत्र बेलहरी में 14 स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 से कम है। जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालय जवही दीयर में 16 बच्चों पर दो, प्राथमिक विद्यालय बसुधरपाह में 33 पर तीन और प्राथमिक विद्यालय दीघार नई बस्ती में 34 छात्रों पर तीन अध्यापकों को तैनात किया गया है।

बेरुआरबारी ब्लॉक के छह स्कूलों में छात्रों की संख्या 50 से नीचे है। यहां प्राथमिक विद्यालय असेगी में 36 पर तीन, शिवरामपट्टी में 31 पर तीन और चितरौली में 46 बच्चों पर चार शिक्षक हैं। शिक्षा क्षेत्र चिलकहर में 44 विद्यालयों में बच्चों की संख्या 50 से कम है। जबकि आठ ऐसे स्कूल हैं, जहां 15 से 32 बच्चों को पढ़ाने के लिए दो से चार शिक्षक हैं। दुबहड़ ब्लॉक 22 में से दो स्कूलों में 18-18 बच्चों पर तीन-तीन अध्यापक हैं। शिक्षा क्षेत्र गड़वार के 55 स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 से कम है। जबकि सात स्कूलों में 11 से 24 बच्चों पर दो से तीन शिक्षक हैं। हनुमानगंज के 21 स्कूलों में बच्चों की संख्या 50 से कम है। यहां एक स्कूल उ.प्रा.विद्यालय, परिखराकला में 17 बच्चों पर पांच शिक्षक नियुक्त हैं।



मनियर ब्लॉक में 26 स्कूलों बच्चों की संख्या कम है। यहां उच्च प्राथमिक विद्यालय, मोहनपुर में पांच बच्चों पर दो अध्यापक हैं। विकास खंड मुरलीछपरा में प्रा.विद्यालय मनीराय के टोला में 15 बच्चों पर दो, नगरा में प्राथमिक विद्यालय बलुआ नगरा में 14 बच्चों पर दो, नवानगर में उ.प्रा.विद्यालय हरिपुर में 12 पर तीन शिक्षक हैं। प्रा.विद्यालय विहरा नं.-2 में 12 बच्चों पर दो, पंदह के संदवापुर में 11 पर दो, अहिरौली में 15 पर तीन और चरांव में 16 बच्चों पर तीन अध्यापक हैं। रसड़ा में लबकारा में 14 पर दो, पचवारा में 25 पर तीन, रेवती ब्लॉक के केवा में 13 पर दो, दुपंथा में आठ छात्रों पर दो शिक्षक हैं। सीयर विकास खंड के बभनौली में 17 पर दो और सोहांव ब्लॉक के शाहपुर बभनौली में 12 बच्चों पर दो, आसपुर में 39 बच्चों पर पांच तथा लड्डूपुर में 25 बच्चों पर तीन शिक्षक हैं।


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शिक्षकों का समायोजन शासन करता है। जिला स्तर पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर सकता है। जल्द ही शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा। - डीपी सिंह, प्रभारी बीएसए/खंड शिक्षा अधिकारी रेवती व मुरलीछपरा।

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