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आंधी-बारिश से दो की मौत, रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 21 May 2016 11:01 PM IST
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आंधी-बारिश से दो की मौत, रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़
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जनपद में शुक्रवार की शाम और शनिवार की सुबह आई तेज आंधी ने दो लोगों की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओेर सहतवार रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनों का आवागमन घंटों तक बाधित रहा। सहतवार-रेवती मार्ग पर विशालकाय पेड़ गिरने से दबकर दर्जनों लंगूर मर गए।
तपती गर्मी के बीच आई बारिश ने राहत देने के साथ ही जानमाल पर भी कहर बरपाया। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बलिपुर गांव निवासी किसान रमाशंकर पांडेय (62) शुक्रवार की शाम बैंगन की खेत की निगरानी करने के लिए मचान पर सोए थे। इसी बीच आई आंधी-बारिश में उनपर बिजली गिर पड़ी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। भोजन लेकर जब परिवार का सदस्य वहां पहुंचा तो उन्हें झुलसा देख अवाक रह गया।
उसने तत्काल परिवार वालों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार और पड़ोसी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।वहीं सहतवार में थाना क्षेत्र के त्रिकालपुर निवासी श्रीभगवान चौहान शुक्रवार की शाम आंधी के दौरान अपने घर के ही बाहर स्थित नीम के पेड़ से बंधी गाय खोलने गए थे। इस बीच पेड़ की एक विशाल टहनी उसके ऊपर टूटकर गिर पड़ी।
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उसमें दबकर श्रीभगवान गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। आनन-फानन में घर के लोग उसे जब अस्पताल ले जाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया है। उधर इसी गांव के सहतवार-रेवती मार्ग पर महुआ का विशालकाय पेड़ गिरने से उसमें दबकर दर्जनों लंगूर मर गए। देरसुबह वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटवाया। लेकिन मरे पड़े लंगूरों को उसी अवस्था में वहीं पर छोड़ दिया गया। बाद में स्थानीय लोगों ने मरे लंगूरों को दफनाया। वहीं सहतवार-रेवती मार्ग पर रेलवे ट्रैक पर पेड़ टूटकर गिरने से अपउत्सर्ग और सेनानी को एक घंटे तक स्टेशन पर खड़ा रहना पड़ा।
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तपती गर्मी के बीच आई बारिश ने राहत देने के साथ ही जानमाल पर भी कहर बरपाया। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के बलिपुर गांव निवासी किसान रमाशंकर पांडेय (62) शुक्रवार की शाम बैंगन की खेत की निगरानी करने के लिए मचान पर सोए थे। इसी बीच आई आंधी-बारिश में उनपर बिजली गिर पड़ी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। भोजन लेकर जब परिवार का सदस्य वहां पहुंचा तो उन्हें झुलसा देख अवाक रह गया।
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उसने तत्काल परिवार वालों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार और पड़ोसी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।वहीं सहतवार में थाना क्षेत्र के त्रिकालपुर निवासी श्रीभगवान चौहान शुक्रवार की शाम आंधी के दौरान अपने घर के ही बाहर स्थित नीम के पेड़ से बंधी गाय खोलने गए थे। इस बीच पेड़ की एक विशाल टहनी उसके ऊपर टूटकर गिर पड़ी।
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उसमें दबकर श्रीभगवान गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। आनन-फानन में घर के लोग उसे जब अस्पताल ले जाते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया है। उधर इसी गांव के सहतवार-रेवती मार्ग पर महुआ का विशालकाय पेड़ गिरने से उसमें दबकर दर्जनों लंगूर मर गए। देरसुबह वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटवाया। लेकिन मरे पड़े लंगूरों को उसी अवस्था में वहीं पर छोड़ दिया गया। बाद में स्थानीय लोगों ने मरे लंगूरों को दफनाया। वहीं सहतवार-रेवती मार्ग पर रेलवे ट्रैक पर पेड़ टूटकर गिरने से अपउत्सर्ग और सेनानी को एक घंटे तक स्टेशन पर खड़ा रहना पड़ा।