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10 गांवों में कूड़ा निस्तारण केंद्र को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज
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बलिया। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिले के 164 गांवों को मॉडल ओडीएफ के लिए चिह्नित किया गया है। इसके सापेक्ष 10 गांवों में 693.73 लाख से कार्य कराए जाएंगे। इन गांवों में बुलंदशहर जिले के शहजादपुर कनैनी मॉडल के तहत कार्य होंगे, इसको लेकर विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में ओडीएफ प्लस की उत्कृष्ट श्रेणी (मॉडल) के ग्राम बनाए जाने के लिए जिले के 108 ग्राम पंचायतों के 164 गांवों को चिह्नित किया गया है। यह सभी गांव पांच हजार से अधिक आबादी वाले हैं। इसमें राजस्व गांव के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सभी राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया गया है। इन गांवों में ओडीएफ स्थायित्व, ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर इत्यादि के प्रबंधन हेतु निर्मित शौचालयों का समुचित उपयोग निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, प्रयोग व रख-रखाव, कूड़ा संग्रहण केंद्र, कूड़ा संग्रहण हेतु ई-रिक्शा वाहनों की खरीद आदि के इंतजाम किए जाएंगे। विकास खंड स्तरीय प्लास्टिक एकत्रीकरण एवं प्रबंधन केंद्र भी संचालित होगा। यह सभी कार्य बुलंदशहर जिले के शहजादपुर कनैनी गांव की तर्ज पर होगा। अधिकारियों की मानें तो पहले चरण में 10 गांवों को मॉडल ओडीएफ बनाने के लिए शासन की ओर से 693.73 लाख स्वीकृत है। अब इसके धरातल पर उतारने की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि प्रत्येक गांव में कम से कम 300 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध हो। यह कार्य भी अंतिम दौर में है।
इन गांवों में धरातल पर उतरेगी योजना
दुबहर ब्लॉक के दुबहर व शिवपुर दीयर नई बस्ती, मनियर के बालूपुर व सुल्तानपुर, चिलकहर के चिलकहर, बैरिया के चकिया गांव हैं। इसके अलावा नगरा ब्लॉक का ताड़ीबड़ागांव, सीयर का अवाया, बेरुआरबारी के मैरीटार व गड़वार ब्लॉक के गड़वार गांव के लिए धन स्वीकृत है।
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कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करने के लिए शासन से 10 गांवों के लिए कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है और धन का आवंटन हो चुका है। योजना पर धरातल उतारने की प्रक्रिया चल रही है।
- इसरार अहमद, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन, बलिया
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वित्तीय वर्ष 2022-23 में ओडीएफ प्लस की उत्कृष्ट श्रेणी (मॉडल) के ग्राम बनाए जाने के लिए जिले के 108 ग्राम पंचायतों के 164 गांवों को चिह्नित किया गया है। यह सभी गांव पांच हजार से अधिक आबादी वाले हैं। इसमें राजस्व गांव के साथ ही संबंधित ग्राम पंचायत के सभी राजस्व ग्रामों को सम्मिलित किया गया है। इन गांवों में ओडीएफ स्थायित्व, ठोस व तरल अपशिष्ट, प्लास्टिक, गोबर इत्यादि के प्रबंधन हेतु निर्मित शौचालयों का समुचित उपयोग निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा व्यक्तिगत शौचालय निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, प्रयोग व रख-रखाव, कूड़ा संग्रहण केंद्र, कूड़ा संग्रहण हेतु ई-रिक्शा वाहनों की खरीद आदि के इंतजाम किए जाएंगे। विकास खंड स्तरीय प्लास्टिक एकत्रीकरण एवं प्रबंधन केंद्र भी संचालित होगा। यह सभी कार्य बुलंदशहर जिले के शहजादपुर कनैनी गांव की तर्ज पर होगा। अधिकारियों की मानें तो पहले चरण में 10 गांवों को मॉडल ओडीएफ बनाने के लिए शासन की ओर से 693.73 लाख स्वीकृत है। अब इसके धरातल पर उतारने की प्रक्रिया चल रही है। प्रयास है कि प्रत्येक गांव में कम से कम 300 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध हो। यह कार्य भी अंतिम दौर में है।
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इन गांवों में धरातल पर उतरेगी योजना
दुबहर ब्लॉक के दुबहर व शिवपुर दीयर नई बस्ती, मनियर के बालूपुर व सुल्तानपुर, चिलकहर के चिलकहर, बैरिया के चकिया गांव हैं। इसके अलावा नगरा ब्लॉक का ताड़ीबड़ागांव, सीयर का अवाया, बेरुआरबारी के मैरीटार व गड़वार ब्लॉक के गड़वार गांव के लिए धन स्वीकृत है।
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कूड़ा निस्तारण केंद्र स्थापित करने के लिए शासन से 10 गांवों के लिए कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है और धन का आवंटन हो चुका है। योजना पर धरातल उतारने की प्रक्रिया चल रही है।
- इसरार अहमद, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन, बलिया