{"_id":"66dcedb4fb3c16b6f1023a76","slug":"illegal-recovery-from-shopkeepers-at-night-in-the-name-of-vigilance-team-ballia-news-c-190-1-ana1001-122442-2024-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: विजिलेंस टीम के नाम पर दुकानदारों से रात में कर रहे अवैध वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: विजिलेंस टीम के नाम पर दुकानदारों से रात में कर रहे अवैध वसूली
विज्ञापन
नरही। वसूली कांड का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि अवैध वसूली का दूसरा मामला सामने आया है। रात में थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विजिलेंस पुलिस प्रवर्तन दल के नाम पर दर्जनों लोगों से अवैध धन उगाही का मामला प्रकाश में आया है। पांच से लेकर पचास हजार तक की वसूली की बात आ रही है।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार कोटवा नारायणपुर से नरही तक के दुकानदारों के पास रात में वाहन से कुछ लोग पहुंचते हैं। खुद को विजिलेंस टीम का बताकर बिजली चोरी का वीडियो बनाने के बाद लिखा पढ़ी करते हुए पांच लाख तक जुर्माना करने व मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हैं। टीम में शामिल खुद को सिपाही बताने वाला रसड़ा में आकर मुलाकात करने की बात कहता है, लेकिन वहां जाने पर कोई नहीं मिलता।
पीड़ित दुकानदारों ने बताया कि रात में दस बजे के लगभग पहंुचने वाले ये लोग पहले मोबाइल को पाकेट में रखवाते है। उसके बाद पांच हजार से लेकर पचास हजार तक की वसूली करते हैं। इसमें कुछ स्थानीय लोग भी भूमिका बिचौलिए की होती है। वे टीम व दुकानदार के बीच लेनदेन करवाते हैं। टीम के संरक्षण में क्षेत्रीय दलाल बिना कनेक्शन के चलने वाली आटा चक्की और ट्यूबवेल से वसूली करते हैं। इस बाबत बिजली निगम के जेई राजकुंवर भगत ने बताया की इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, किसी के साथ इस तरह की वसूली हुई है तो शिकायत करे, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस टीम बिना विभागीय आदेश के जांच जांच नहीं करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार कोटवा नारायणपुर से नरही तक के दुकानदारों के पास रात में वाहन से कुछ लोग पहुंचते हैं। खुद को विजिलेंस टीम का बताकर बिजली चोरी का वीडियो बनाने के बाद लिखा पढ़ी करते हुए पांच लाख तक जुर्माना करने व मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हैं। टीम में शामिल खुद को सिपाही बताने वाला रसड़ा में आकर मुलाकात करने की बात कहता है, लेकिन वहां जाने पर कोई नहीं मिलता।
विज्ञापन
पीड़ित दुकानदारों ने बताया कि रात में दस बजे के लगभग पहंुचने वाले ये लोग पहले मोबाइल को पाकेट में रखवाते है। उसके बाद पांच हजार से लेकर पचास हजार तक की वसूली करते हैं। इसमें कुछ स्थानीय लोग भी भूमिका बिचौलिए की होती है। वे टीम व दुकानदार के बीच लेनदेन करवाते हैं। टीम के संरक्षण में क्षेत्रीय दलाल बिना कनेक्शन के चलने वाली आटा चक्की और ट्यूबवेल से वसूली करते हैं। इस बाबत बिजली निगम के जेई राजकुंवर भगत ने बताया की इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है, किसी के साथ इस तरह की वसूली हुई है तो शिकायत करे, जांच कर कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस टीम बिना विभागीय आदेश के जांच जांच नहीं करती है।
विज्ञापन