{"_id":"63ab249fd824712b73747ce2","slug":"if-the-land-was-forcibly-taken-then-the-fight-across-ballia-news-vns690775572","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: जबरन जमीन ली गई तो आर-पार की लड़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: जबरन जमीन ली गई तो आर-पार की लड़ाई
विज्ञापन
बैरिया। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे में बैरिया तहसील क्षेत्र के जिन किसानों की भूमि ली जानी है, उन किसानों की ओर से गठित किसान संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को तहसील पहुंचकर एसडीएम बैरिया से मिला। उन्हें पत्रक सौंपा और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
किसानों ने आरोप लगाया कि जो बातें अपर आयुक्त आजमगढ़ के समक्ष तय हुई थी, उसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारी जबरन औने-पौने मूल्य पर जमीन हथियाना चाह रहे हैं। सीधे-साधे किसानों में भय की स्थिति पैदा की जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर जमीन रजिस्ट्री नहीं किए तो आप की जमीन अधिग्रहीत कर ली जाएगी। पैसा लेने के लिए आपको लखनऊ जाना पड़ेगा। इससे किसान डरने वाले नहीं है। जब तक किसानों के साथ न्याय नहीं होगा। हम लोग अपनी जमीन देने वाले नहीं हैं। अगर वास्तविक मूल्य नहीं मिला तो किसान एकजुट होकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
मौके पर किसान संघर्ष समिति बैरिया के अध्यक्ष अधिवक्ता धनंजय सिंह, रामकुमार चौबे, श्यामबिहारी पांडेय, सुशील, राधेश्याम चौधरी, धरीछन चौरसिया, सुमेर कुंवर, बच्चा कुंवर, सत्येंद्र, सुरेश चंद्र सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, रोहित चौबे, कमलेश सिंह आदि काफी संख्या में किसान रहे।
विज्ञापन
वर्जन
6609 किसानों से 125 हेक्टयर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीद करनी है। 56 किसानों ने 3.21 हेक्टेयर जमीन अब तक रजिस्ट्री कर चुके हैं। किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी, लेकिन शासन से तय गाइडलाइन से अलग नहीं जाया जा सकता है, किसान देश और राष्ट्रहित में सहयोग करें। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया
विज्ञापन
किसानों ने आरोप लगाया कि जो बातें अपर आयुक्त आजमगढ़ के समक्ष तय हुई थी, उसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारी जबरन औने-पौने मूल्य पर जमीन हथियाना चाह रहे हैं। सीधे-साधे किसानों में भय की स्थिति पैदा की जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर जमीन रजिस्ट्री नहीं किए तो आप की जमीन अधिग्रहीत कर ली जाएगी। पैसा लेने के लिए आपको लखनऊ जाना पड़ेगा। इससे किसान डरने वाले नहीं है। जब तक किसानों के साथ न्याय नहीं होगा। हम लोग अपनी जमीन देने वाले नहीं हैं। अगर वास्तविक मूल्य नहीं मिला तो किसान एकजुट होकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
विज्ञापन
मौके पर किसान संघर्ष समिति बैरिया के अध्यक्ष अधिवक्ता धनंजय सिंह, रामकुमार चौबे, श्यामबिहारी पांडेय, सुशील, राधेश्याम चौधरी, धरीछन चौरसिया, सुमेर कुंवर, बच्चा कुंवर, सत्येंद्र, सुरेश चंद्र सिंह, सुभाष चंद्र सिंह, रोहित चौबे, कमलेश सिंह आदि काफी संख्या में किसान रहे।
विज्ञापन
वर्जन
6609 किसानों से 125 हेक्टयर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए जमीन खरीद करनी है। 56 किसानों ने 3.21 हेक्टेयर जमीन अब तक रजिस्ट्री कर चुके हैं। किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी, लेकिन शासन से तय गाइडलाइन से अलग नहीं जाया जा सकता है, किसान देश और राष्ट्रहित में सहयोग करें। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया