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अस्पताल के कर्मचारी गैरहाजिर, मांगा स्पष्टीकरण
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जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. दिवाकर से जानकारी लेती जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल।
- फोटो : BALLIA
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बलिया। नवागत जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने मंगलवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान निरीक्षण में मिली कमियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमओ व सीएमएस को सुधार लाने की चेतावनी दी। वही अनुपस्थित करीब आधा दर्जन अधिकारी व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेने तथा उनका एक दिन का वेतन काटने का आदेश सीएमएस को दिया।
जिलाधिकारी सबसे पहले इमरजेंसी मुख्यगेट पर पहुंची। इसके बाद सीएमएस कार्यालय पहुंची, जहां सबसे पहले चिकित्सकों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। जिसमें डाक्टरों के सीरियल नंबर में खाली स्थान पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस से स्पष्टीकरण देने को कहा। इसके साथ ही सीएल, मेडिकल समेत अन्य अवकाश का अवलोकन करने के बाद सभी का मिलान करने का आदेश दिया। इस दौरान कई डाक्टरों के हस्ताक्षर नौ बजे के बाद पाए गए। जिस पर नाराजगी जताई और आठ बजे हस्ताक्षर करने तथा ओपीडी में बैठने का आदेश दिया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका चेक किया। जिसमें कई कर्मचारी सीएल व मेडिकल अवकाश लंबे समय से पाए गए। सबसे बड़ी बात निरीक्षण में यह सामने आई कि एक कर्मचारी का हस्ताक्षर एडवांस में 15 जून को पाया गया। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस से कार्रवाई करने का आदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान जो कमिया मिली उसे तत्काल सुधारने का आदेश दिया। तत्पश्चात डीएम ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया और ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया, जहां कई डाक्टर अनुपस्थित पाए गए। सीएमएस द्वारा बताया गया कि इनकी ड्यूटी दूसरे जगह लगाई गई है। ट्रामा सेंटर परिसर में खड़े एम्बुलेंस के बारे में पूछताछ की। जिस पर बताया कि एक शव वाहन है, वहीं अन्य वाहन 108 एम्बुलेंस के नहीं मिलने पर भेजी जाती है। निरीक्षण में अन्य वाहन के साथ ही एक बिना नंबर प्लेट की 108 एम्बुलेंस खड़ी मिली। जिसकी जांर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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इमरजेंसी के बाहर लगे आरो मशीन को चेक किया तो पानी निकलता नहीं मिला। जिसे नगर पालिका के माध्यमसे तत्काल ठीक कराने का आदेश दिया। जिसका नतीजा रहा कि खराब पड़ा आरो मशीन बना दिया गया। जिससे मरीजों व तीमारदारों को इस भीषण गर्मी में शुद्घ पेयजल नसीब होना आरम्भ हो गया।
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जिलाधिकारी सबसे पहले इमरजेंसी मुख्यगेट पर पहुंची। इसके बाद सीएमएस कार्यालय पहुंची, जहां सबसे पहले चिकित्सकों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। जिसमें डाक्टरों के सीरियल नंबर में खाली स्थान पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस से स्पष्टीकरण देने को कहा। इसके साथ ही सीएल, मेडिकल समेत अन्य अवकाश का अवलोकन करने के बाद सभी का मिलान करने का आदेश दिया। इस दौरान कई डाक्टरों के हस्ताक्षर नौ बजे के बाद पाए गए। जिस पर नाराजगी जताई और आठ बजे हस्ताक्षर करने तथा ओपीडी में बैठने का आदेश दिया। इसके बाद अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका चेक किया। जिसमें कई कर्मचारी सीएल व मेडिकल अवकाश लंबे समय से पाए गए। सबसे बड़ी बात निरीक्षण में यह सामने आई कि एक कर्मचारी का हस्ताक्षर एडवांस में 15 जून को पाया गया। जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस से कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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निरीक्षण के दौरान जो कमिया मिली उसे तत्काल सुधारने का आदेश दिया। तत्पश्चात डीएम ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया और ओपीडी कक्ष का निरीक्षण किया, जहां कई डाक्टर अनुपस्थित पाए गए। सीएमएस द्वारा बताया गया कि इनकी ड्यूटी दूसरे जगह लगाई गई है। ट्रामा सेंटर परिसर में खड़े एम्बुलेंस के बारे में पूछताछ की। जिस पर बताया कि एक शव वाहन है, वहीं अन्य वाहन 108 एम्बुलेंस के नहीं मिलने पर भेजी जाती है। निरीक्षण में अन्य वाहन के साथ ही एक बिना नंबर प्लेट की 108 एम्बुलेंस खड़ी मिली। जिसकी जांर कार्रवाई करने का आदेश दिया।
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इमरजेंसी के बाहर लगे आरो मशीन को चेक किया तो पानी निकलता नहीं मिला। जिसे नगर पालिका के माध्यमसे तत्काल ठीक कराने का आदेश दिया। जिसका नतीजा रहा कि खराब पड़ा आरो मशीन बना दिया गया। जिससे मरीजों व तीमारदारों को इस भीषण गर्मी में शुद्घ पेयजल नसीब होना आरम्भ हो गया।