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परीक्षा से पहले हाईस्कूल संस्कृत का हल पेपर वायरल
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बलिया/नगरा। प्रशासन द्वारा बोर्ड परीक्षा नकल विहीन परीक्षा कराने का दावा जिले में तार-तार होता नजर आया। सोमवार रात से ही हाईस्कूल स्कूल विषय की हल उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। रात से ही मंगलवार को होने वाली हाईस्कूल की संस्कृत के पेपर की हल कॉपी बाजार में खूब बिकी। एक दिन पहले से वायरल हो रहा साल्व पेपर मंगलवार को हुए संस्कृत के पेपर से मैच भी कर रहा है। इसके बाद भी जिला प्रशासन ने इसे पेपर आउट मानने से इनकार किया है। मामले की जांच के लिए पुलिस ने टीम गठित करने के अलावा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। ये टीम, जो सोशल मीडिया पर वायरल पेपर की जांच करेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन सम्पन्न कराने को लेकर प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद था। इसके तहत केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के अलावा वायस रेकार्डर आदि लगाए गए थे। साथ प्रश्नपत्रों को डबल लॉक में रखा गया था। ताकि नकल माफिया उन अपनी पहुंच ना बना सकें। बावजूद इसके परीक्षा आरंभ होने से पूर्व ही नगरा क्षेत्र में नकल माफिया बोर्ड की डुप्लीकेट कॉपी खुलेआम बेच रहे थे। इसकी खबर सोशल मीडिया से लगायत अखबारों में प्रकाशित हुई। खबर का असर प्रशासन पर नहीं हुआ। इसका परिणाम रहा कि नकल माफिया परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर की हल कापियां बेचना शुरू कर दी। मंगलवार की सुबह होने वाली हाईस्कूल के संस्कृत विषय की परीक्षा के पेपर की हल कॉपी सोमवार की रात में बिकनी शुरू हो गई थीं। मामला संज्ञान में आने के बाद इस बारे में डीआईओएस से जानकारी की गई तो प्रशासन भी सक्रिय हो गया। वायरल साल्व पेपर के मंगलवार को हुए पेपर से मैच करने के बाद भी जिला प्रशासन ने इसे पेपर आउट होना नहीं मान रहा है। फिलहाल मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
चिलहर क्षेत्र में भी बिका साल्व पेपर
चिलकहर। यूपी बोर्ड हाई स्कूल की संस्कृत परीक्षा के दिन परीक्षा शुरू होने से पांच घंटे पहले से ही प्रश्न पत्र और उसकी हल कापियां सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ ही बाजारों में बिकने लगी। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई प्रशासन ने खूब हाथ पांव मारा, लेकिन नकल माफियाओं के आगे जिला प्रशासन बौना साबित हुआ। हल कपियां 500 से 1000 रुपये में बेची गईं। सोशल मीडिया पर वायरल संस्कृत का प्रश्न पत्र जिसका कोड 801 था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षार्थियों के मोबाइल में हल कापियां पहुंच गईं। इसके बाद सेंटरों के बाहर अपने मोबाइल में परीक्षार्थी उस के माध्यम से तैयारी करते हुए नजर आए। तो कुछ सेंटरों के अंदर भी ले जाते हुए नजर आए।
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परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर की जांच
भीमपुरा। हाईस्कूल की परीक्षा में संस्कृत का हल किया पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी की ओर से गठित टीम जांच में जुट गई। अभी तक हाथ खाली हैं। संदेह पर आधा दर्जन लोगों को नगरा थाने में बैठाया गया है। देर शाम तक जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. बृजेश मिश्र ने भीमपुरा क्षेत्र के आधा दर्जन परीक्षा पर सीसी फुटेज सहित अन्य गतिविधियों की जांच की। वायरल हल पेपर का मिलान करने पर पूर्ण रूप से मिल रहा है।
मामले का संज्ञान लेते हुए वायरल साल्व कॉपी और प्रश्नपत्र की जांच के लिए त्रिस्तरीय कमेटी के अलावा पुलिस टीम को लगाया गया है। जांच टीम में डीआईओएस, एसडीएम और सीओ को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल कॉपी और पेपर कहां का है।
आईबी सिंह, जि66लाधिकारी, बलिया।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन सम्पन्न कराने को लेकर प्रशासन इस बार पूरी तरह से मुस्तैद था। इसके तहत केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के अलावा वायस रेकार्डर आदि लगाए गए थे। साथ प्रश्नपत्रों को डबल लॉक में रखा गया था। ताकि नकल माफिया उन अपनी पहुंच ना बना सकें। बावजूद इसके परीक्षा आरंभ होने से पूर्व ही नगरा क्षेत्र में नकल माफिया बोर्ड की डुप्लीकेट कॉपी खुलेआम बेच रहे थे। इसकी खबर सोशल मीडिया से लगायत अखबारों में प्रकाशित हुई। खबर का असर प्रशासन पर नहीं हुआ। इसका परिणाम रहा कि नकल माफिया परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर की हल कापियां बेचना शुरू कर दी। मंगलवार की सुबह होने वाली हाईस्कूल के संस्कृत विषय की परीक्षा के पेपर की हल कॉपी सोमवार की रात में बिकनी शुरू हो गई थीं। मामला संज्ञान में आने के बाद इस बारे में डीआईओएस से जानकारी की गई तो प्रशासन भी सक्रिय हो गया। वायरल साल्व पेपर के मंगलवार को हुए पेपर से मैच करने के बाद भी जिला प्रशासन ने इसे पेपर आउट होना नहीं मान रहा है। फिलहाल मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है।
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चिलहर क्षेत्र में भी बिका साल्व पेपर
चिलकहर। यूपी बोर्ड हाई स्कूल की संस्कृत परीक्षा के दिन परीक्षा शुरू होने से पांच घंटे पहले से ही प्रश्न पत्र और उसकी हल कापियां सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ ही बाजारों में बिकने लगी। इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई प्रशासन ने खूब हाथ पांव मारा, लेकिन नकल माफियाओं के आगे जिला प्रशासन बौना साबित हुआ। हल कपियां 500 से 1000 रुपये में बेची गईं। सोशल मीडिया पर वायरल संस्कृत का प्रश्न पत्र जिसका कोड 801 था। परीक्षा शुरू होने से पहले ही परीक्षार्थियों के मोबाइल में हल कापियां पहुंच गईं। इसके बाद सेंटरों के बाहर अपने मोबाइल में परीक्षार्थी उस के माध्यम से तैयारी करते हुए नजर आए। तो कुछ सेंटरों के अंदर भी ले जाते हुए नजर आए।
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परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर की जांच
भीमपुरा। हाईस्कूल की परीक्षा में संस्कृत का हल किया पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी की ओर से गठित टीम जांच में जुट गई। अभी तक हाथ खाली हैं। संदेह पर आधा दर्जन लोगों को नगरा थाने में बैठाया गया है। देर शाम तक जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. बृजेश मिश्र ने भीमपुरा क्षेत्र के आधा दर्जन परीक्षा पर सीसी फुटेज सहित अन्य गतिविधियों की जांच की। वायरल हल पेपर का मिलान करने पर पूर्ण रूप से मिल रहा है।
मामले का संज्ञान लेते हुए वायरल साल्व कॉपी और प्रश्नपत्र की जांच के लिए त्रिस्तरीय कमेटी के अलावा पुलिस टीम को लगाया गया है। जांच टीम में डीआईओएस, एसडीएम और सीओ को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल कॉपी और पेपर कहां का है।
आईबी सिंह, जि66लाधिकारी, बलिया।