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Ballia News: फ्लड जोन में निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, बाढ़ व कटान का रहेगा खतरा

Wed, 22 Apr 2026 12:22 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:22 AM IST
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Greenfield Expressway Under Construction in Flood Zone Poses Risk of Flooding and Erosion
फेफना क्षेत्र के नदी के किनारे नो निर्माण जोन के लिए लगाया गया पत्थर। जागरुक पाठक
बलिया। जिले में गंगा की तबाही से हर साल बड़ी आबादी प्रभावित होती है। नदियों के किनारे गांव होने से कटान का दंश झेलना पड़ता है, वहीं हजारों परिवारों को संकट का सामना करना पड़ता है। नदियों की धारा में बदलाव होने के कारण कई गांवों का अस्तित्व खत्म हो गया है। इधर, शहरी क्षेत्र में फ्लड जोन में कालोनियां बसी हैं। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर गंगा नदी का फ्लड जोन का चिह्नांकन किया जा रहा है। इसके लिए तट पर पिलर लगाने का काम तेज से जारी है।
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कोटवा नारायनपुर से सिताबदियारा तक नदी के किनारे फ्लड जोन का पिलर लगाया जाएगा। इसके अंदर किसी तरह का निर्माण कार्य पूरी तरह से बाधित होगा। सागरपाली से लेकर दुबहड़ तक गाजीपुर से लेकर मांझी तक बन रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी फ्लड जोन में आ रहा है। इससे हर साल बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
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माल्देपुर के सामने गंगा नदी की धारा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। इस क्षेत्र में कटान होने से पिछले वर्ष कटानरोधी कार्य कराए गए थे लेकिन कटान का दौर थमा नहीं। बाढ़ विभाग की तरफ से लगाये जा रहे पिलर व गंगा नदी के बीच में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे आ रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार गंगा की बाढ़ से 144 गांवों के 91,567 लोग प्रभावित होते हैं।
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जिला में गंगा नदी की लंबाई-104 किमी
पिलयों की संख्या- 424

अवमुक्त धनराशि-30 लाख

100 वर्ष के आंकड़ों के अध्ययन के बाद हो रहा कार्य
गंगा नदी के 100 साल पहले की बाढ़ के अध्ययन के बाद पिलर लगाने का कार्य किया जा रहा है। 2017 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गंगा नदी में फ्लड प्लेन जोन बनाने के निर्देश दिए थे। योजना का जिम्मा नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हाइड्रोलाजी (एनआइएच) रुड़की को सौंपा गया था। विस्तृत सर्वे के आधार पर फ्लड प्लेन जोन का मास्टर प्लान तैयार किया, उसी आधार पर सीमांकन कार्य हो रहा है।

गंगा नदी के सर्वे के बाद पिलर लगाने का कार्य चल रहा है। इसके अंदर निर्माण कार्य पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंप दिया है। निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी फ्लड जोन में कुछ जगहाें पर आ रहा है। - संजय मिश्र, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग, बाढ़ खंड़, बलिया।
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