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गंगा किनारे ग्रीन कॉरिडोर नहीं चढ़ा परवान, सात माह में 80 हेक्टेयर में ही हुआ पौधरोपण

Tue, 08 Nov 2022 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 10:30 PM IST
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Green corridor did not reach the banks of Ganga, plantation was done in 80 hectares in seven months
बलिया। नमामि गंगे योजना के तहत गंगा किनारे के 41 गांवों में ग्रीन कॉरिडोर निर्माण परवान नहीं चढ़ सका है। इस वर्ष निर्धारित कुल 200 हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष 80 हेक्टेयर में ही पौधरोपण हो सका है। किसानों की मांग के अनुसार फलदार पौधरोपण होना है और किसानों को सहायता राशि का भुगतान भी होना है। लेकिन अभी तक यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है।
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उधर, गंगा में दो बार आई बाढ़ से भी नुकसान उठाना पड़ा है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने, गंगा किनारे हरियाली रखने तथा गंगा की धारा अविरल बनाने के लिए शासन की ओर से नमामि गंगे योजना के तहत जिले में गंगा के तटवर्ती गांवों के किसानों के माध्यम से ग्रीन कॉरिडोर निर्माण वर्ष 2021-22 में शुरू की गई। योजना के तहत, गंगा किनारे के खेतों में फलदार पौधरोपण का प्रावधान किया गया। इस बागवानी और कॉरिडोर में आम, अमरूद, नींबू, कटहल, लीची, मौसमी आदि फलदार पौधे लगाने का निर्देश है ताकि इससे न सिर्फ गंगा क्षेत्र का पर्यावरण शुद्ध होगा बल्कि किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इसके लिए गंगा किनारे के 41 गांवों को चिह्नत किया गया है। इन गांवों में गंगा किनारे कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इस वर्ष शासन की ओर से 200 हेक्टेयर में ग्रीन कॉरिडोर का लक्ष्य निर्धारित है। विभागीय अधिकारी की मानें तो अब तक करीब 80 हेक्टेयर में पौधरोपण हो चुका है। वर्ष 2021-22 में शासन की ओर से गंगा किनारे के 100 हेक्टेयर में ग्रीन कॉरिडोर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। लेकिन काफी प्रयास के बावजूद मात्र 18 हेक्टेयर में ही फलदार बाग लगाने के लिए किसानों ने दिलचस्पी ली।
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किसानों की बढ़ेगी आय
अभियान के तहत जनपद के गंगा के तटवर्ती 41 गांवों में बागवानी की जानी है। इसमें सभी पौधे फलदार होंगे। करीब तीन वर्ष बाद इन पौधों पर फल आने शुरू हो जाएंगे। इस बीच किसान पेड़ों के बीच में फसल से सकते हैं। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा। इसके अलावा फलदार पौधों के संरक्षण के लिए विभाग की ओर से भी किसानों को तीन वर्ष तक सहायता राशि दी जाएगी।
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नमामि गंगे के तहत यह गांव हैं चयनित
योजना के तहत सोहांव ब्लॉक के बसंतपुर, कुतुबपुर, नसीरपुरमठ, नरही, सरयां, शाहपुर, बभनौली, सिकंदरपुर और उजियार। मुरलीछपरा ब्लॉक के बहुआरा, दोकटी, हृदयपुर, कोड़हरा नौबरार, मुरारपट्टी, रामपुर कोड़हरा, शिवपुर कपूर दियर। बेलहरी ब्लॉक के बघौंच, बहादुरपुर, बजरहां, बेलहरी, भरसौता, एकौना, गंगापुर, हल्दी, मुड़ाडीह, मझौवां, नंदपुर, रेपुरा, उदवंत छपरा। दुबहड़ ब्लॉक के जनाड़ी, नगवा, ओझाकछुआ, ओझवलिया, जमुआ, दुबहड़, बधुचंक, दोपही, उदयपुरा। बैरिया विकास खंड के दयाछपरा, गोपालपुर और केहरपुर गांव हैं।

शीतला प्रसाद वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी गंगा किनारे के 41 गांवों में फलदार पौधे रोपित करने का कार्य जारी है। दो बार आई बाढ़ के कारण कारण कुछ नुकसान भी हुआ। करीब 80 हेक्टेयर में पौधरोपण हो चुका है। किसानों की डिमांड के अनुसार जनपद के नर्सरी में पौधे नहीं होने के कारण अन्य जनपदों से मंगाया जाता है। जल्द ही महाराजगंज से पौधे की खेप पहुंचेगी जिसे किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
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