{"_id":"62e0308e954b28585d020292","slug":"government-suspended-the-eo-of-napa-ballia-news-vns6660796193","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia: बलिया आए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी को दो सप्ताह में ही क्यों किया गया निलंबित ?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia: बलिया आए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी को दो सप्ताह में ही क्यों किया गया निलंबित ?
Wed, 27 Jul 2022 09:17 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Jul 2022 09:17 AM IST
सार
दो सप्ताह पहले ही नगर पालिका परिषद बलिया के ईओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने कार्यभार संभाला था। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि उन्हें निलंबित कर दिया गया।
विज्ञापन
suspended demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
नगर पालिका परिषद बलिया का करीब दो सप्ताह पूर्व कार्यभार संभालने वाले नवागत ईओ अखिलेश कुमार त्रिपाठी को शासन ने वित्तीय अनिमित्ता के आरोप में निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि में ईओ को लखनऊ स्थित मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
जानकारी के अनुसार बस्ती से स्थानांतरित होकर बलिया आए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी पर आरोप है कि अपने पूर्ववर्ती कार्यकाल यानि बस्ती जिले में तैनाती के दौरान उन्होंने राज्य वित्त से आवंटित धन को ठेकेदारों को भुगतान करने में प्रयोग किया था। जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि राज्य वित्त के मद का उपयोग कर्मचारियों के तनख्वाह, पेंशन, पीएफ और एलआईसी आदि के भुगतान में ही किया जाए।
बावजूद इसके नगर पालिका बस्ती के तत्कालीन व नगर पालिका बलिया के अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने कोरोना काल में राज्य वित्त के मद से ही डीजल और अन्य खरीदे गए सामानों का भुगतान किया था। इससे नगर पालिका बस्ती के कर्मचारियों का वेतन, पेंशन और पीएफ के अलावा एलआईसी आई का भुगतान लंबित हो गया था। इसके विरोध में कर्मचारी हाई कोर्ट चले गए थे। जिस पर उच्च न्यायालय ने शासन से जबाव तलब किया था। इसके बाद शासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें बस्ती के तत्कालीन ईओ प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए, जिसका संज्ञान लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार बस्ती से स्थानांतरित होकर बलिया आए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अखिलेश त्रिपाठी पर आरोप है कि अपने पूर्ववर्ती कार्यकाल यानि बस्ती जिले में तैनाती के दौरान उन्होंने राज्य वित्त से आवंटित धन को ठेकेदारों को भुगतान करने में प्रयोग किया था। जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि राज्य वित्त के मद का उपयोग कर्मचारियों के तनख्वाह, पेंशन, पीएफ और एलआईसी आदि के भुगतान में ही किया जाए।
विज्ञापन
बावजूद इसके नगर पालिका बस्ती के तत्कालीन व नगर पालिका बलिया के अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार त्रिपाठी ने कोरोना काल में राज्य वित्त के मद से ही डीजल और अन्य खरीदे गए सामानों का भुगतान किया था। इससे नगर पालिका बस्ती के कर्मचारियों का वेतन, पेंशन और पीएफ के अलावा एलआईसी आई का भुगतान लंबित हो गया था। इसके विरोध में कर्मचारी हाई कोर्ट चले गए थे। जिस पर उच्च न्यायालय ने शासन से जबाव तलब किया था। इसके बाद शासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें बस्ती के तत्कालीन ईओ प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए, जिसका संज्ञान लेते हुए उन्हें निलंबित कर दिया।
विज्ञापन