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बंदी के बीच 9265 आवेदन लंबित, छात्रों को हो रही परेशानी
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बलिया। जिला मुख्यालय पर लगातार बंदी का असर प्रमाण पत्रों के आवेदनों के निस्तारण पर भी पड़ने लगा है। जिले के विभिन्न तहसीलों में प्रमाण पत्रों के 9265 आवेदन लंबित हैं जिसमें सदर तहसील में सबसे अधिक हैं। इन दिनों विभिन्न स्कूलों में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है और छात्रों को समय से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सात साल पहले सरकार ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए ग्रामीणों को घर बैठे सुविधाएं देने की व्यवस्था की। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में जनसेवा केंद्रों का संचालन शुरू कराया गया और इसके संचालन की जिम्मेदारी एक सेवा प्रदाता एजेंसी को दी गई। इसके बाद वर्ष 2015 में जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल कर लिया गया और सभी सेवाओं को इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। इसके तहत तहसीलों से जारी से जारी होने वाले आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के लिए जनसेवा केंद्रों से ऑनलाइन किया जाता है और तहसीलों की ओर से डिजिटल हस्ताक्षर कर जारी किया जाता है। 11 जुलाई से जिला मुख्यालय पर बंदी के चलते अधिकांश कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है। इसमें तहसीलों से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों का निस्तारण भी है जो समय से निस्तारित नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि जिले में प्रमाण पत्रों के कुल 9265 आवेदन लंबित हैं जिसमें सदर तहसील में ही 3413 आवेदन हैं। इन आवेदनों को संबंधित लेखपालों के यहां जांच को भेजा गया है लेकिन अधिकांश लेखपालों की ओर से इसकी जांच पूरी नहीं की गई है।
ऑनलाइन आवेदनों को जांच के लिए संबंधित लेखपालों को भेजा जाता है और उनकी ओर से संस्तुति के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। इस संबंध में सभी लेखपालों को आवेदनों का निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-पं. शिवसागर दुबे, तहसीलदार, सदर, बलिया।
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सात साल पहले सरकार ने आठ विभागों की 26 सेवाओं को ऑनलाइन करते हुए ग्रामीणों को घर बैठे सुविधाएं देने की व्यवस्था की। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में जनसेवा केंद्रों का संचालन शुरू कराया गया और इसके संचालन की जिम्मेदारी एक सेवा प्रदाता एजेंसी को दी गई। इसके बाद वर्ष 2015 में जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट योजना में शामिल कर लिया गया और सभी सेवाओं को इसी के माध्यम से देने की व्यवस्था की गई। इसके तहत तहसीलों से जारी से जारी होने वाले आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों के लिए जनसेवा केंद्रों से ऑनलाइन किया जाता है और तहसीलों की ओर से डिजिटल हस्ताक्षर कर जारी किया जाता है। 11 जुलाई से जिला मुख्यालय पर बंदी के चलते अधिकांश कार्यालयों में कामकाज प्रभावित है। इसमें तहसीलों से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों का निस्तारण भी है जो समय से निस्तारित नहीं हो पा रहा है। आलम यह है कि जिले में प्रमाण पत्रों के कुल 9265 आवेदन लंबित हैं जिसमें सदर तहसील में ही 3413 आवेदन हैं। इन आवेदनों को संबंधित लेखपालों के यहां जांच को भेजा गया है लेकिन अधिकांश लेखपालों की ओर से इसकी जांच पूरी नहीं की गई है।
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ऑनलाइन आवेदनों को जांच के लिए संबंधित लेखपालों को भेजा जाता है और उनकी ओर से संस्तुति के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। इस संबंध में सभी लेखपालों को आवेदनों का निस्तारण करने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-पं. शिवसागर दुबे, तहसीलदार, सदर, बलिया।