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ईश्वर संपत्ति या बाहरी दिखावे से नहीं, श्रद्धा और समर्पण से प्रसन्न होते हैं : जया किशोरी
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बांसडीहरोड क्षेत्र के छोड़हर गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दौरान प्रवचन करती जया किशोरी।
बांसडीह रोड। क्षेत्र के छोड़हर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा एवं आध्यात्मिक महोत्सव के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को कथा वाचिका जया किशोरी के प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
बारिश के बावजूद लोगों की आस्था और उत्साह में कमी नहीं आई। उनके मधुर भजनों पर महिलाएं और अन्य श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। पूरे पंडाल में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा। कथा के दौरान जया किशोरी ने भक्ति, समर्पण और निर्मल मन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईश्वर व्यक्ति की संपत्ति या बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि उसकी श्रद्धा, भावना और समर्पण से प्रसन्न होते हैं।
भगवान के प्रति सच्चा प्रेम और मन की पवित्रता ही भक्ति का वास्तविक आधार है। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं और बाहरी दिखावे में उलझा हुआ है, जबकि ईश्वर की प्राप्ति के लिए सच्चे मन और पवित्र भाव की आवश्यकता होती है।
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उन्होंने कहा कि सच्चे हृदय से किया गया ईश्वर का स्मरण कठिन परिस्थितियों में भी शक्ति और संबल प्रदान करता है। जीवन में कितनी भी परेशानियां आएं, विश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखने से उनका सामना करने की शक्ति मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति के साथ अच्छे कर्मों को भी जीवन में महत्व देने की अपील की।
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बारिश के बावजूद लोगों की आस्था और उत्साह में कमी नहीं आई। उनके मधुर भजनों पर महिलाएं और अन्य श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते नजर आए। पूरे पंडाल में भक्ति और आध्यात्मिकता का माहौल बना रहा। कथा के दौरान जया किशोरी ने भक्ति, समर्पण और निर्मल मन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ईश्वर व्यक्ति की संपत्ति या बाहरी दिखावे से नहीं, बल्कि उसकी श्रद्धा, भावना और समर्पण से प्रसन्न होते हैं।
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भगवान के प्रति सच्चा प्रेम और मन की पवित्रता ही भक्ति का वास्तविक आधार है। उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं और बाहरी दिखावे में उलझा हुआ है, जबकि ईश्वर की प्राप्ति के लिए सच्चे मन और पवित्र भाव की आवश्यकता होती है।
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उन्होंने कहा कि सच्चे हृदय से किया गया ईश्वर का स्मरण कठिन परिस्थितियों में भी शक्ति और संबल प्रदान करता है। जीवन में कितनी भी परेशानियां आएं, विश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखने से उनका सामना करने की शक्ति मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भक्ति के साथ अच्छे कर्मों को भी जीवन में महत्व देने की अपील की।