UP: शिक्षा के मंदिर में गंदे पानी से होकर जा रही छात्राएं, GGIC परिसर में परेशानी; बदबू और संक्रमण का खतरा
कॉलेज परिसर में सीवर का गंगा पानी भर जाने से शिक्षिकाओं और छात्राओं को परेशानी हो रही है। संक्रमण और बीमारी का भी खतरा बना हुआ है। कक्षाओं में पानी घुस जाने से पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है।
विस्तार
बलिया के चितबड़ागांव नगर पंचायत के वार्ड संख्या चार के मालवीय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। गंदे नाली के लगातार रिसाव और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण विद्यालय परिसर में गंदा पानी में पसरा हैं, जिससे विद्यालय में पंजीकृत करीब 300 छात्राओं और करीब आठ शिक्षकों को रोजाना गंदे पानी के बीच होकर गुजरना पड़ता है।
यह विद्यालय कस्बे के गरीब, मजदूर और मध्यमवर्गीय परिवारों की बेटियों के लिए शिक्षा का सबसे बड़ा सहारा है, लेकिन मौजूदा हालात में विद्यालय पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। बरसात के मौसम में समस्या विकराल हो जाती है, पानी में काई जमने से फिसलने और चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाती है।
बढ़ रही परेशानी
बेटियों की पढ़ाई संकट विद्यालय की प्राध्यापिका आराधना गुप्ता ने बताया कि नाली के रिसाव की शिकायत नगर पंचायत को लिखित रूप से कई बार दी गई, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बरसात में पानी इतना भर जाता है कि कई बार कक्षाओं तक पानी घुस जाता है और पढ़ाई ठप हो जाती है।
छात्राओं ने कहा कि वे रोज़ाना अपने कपड़े गंदे करके घर लौटती हैं। कई को पैरों में खुजली और संक्रमण की समस्या भी हो रही है। वहीं, अभिभावक कृपा शंकर ने नाराज़गी जताते हुए कहा, हम अपनी बेटियों को पढ़ने भेजते हैं, लेकिन उन्हें रोज गंदे पानी में चलना पड़ता है।
नगर पंचायत के जिम्मेदारों की लापरवाही शर्मनाक है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो हम सड़क पर उतरेंगे। गंदगी और जलभराव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। वहीं, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी हुई है तो जलभराव की समस्या का त्वरित समाधान कराया जाएगा।