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चिकित्सक के अभाव में बालिका की मौत

Sun, 25 Mar 2018 11:02 PM IST
ballia
ballia Updated Sun, 25 Mar 2018 11:02 PM IST
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Girl's death due to doctor's absence
मासूम के मौत के बाद सीएचसी परिसर में धरने पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठे नपं रेवती अध्यक्ष के प्रतिनिधि कनक पाण्डेय। - फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकों के अभाव में कस्बा रेवती की एक चार वर्षीय बालिका ने स्थानीय सीएचसी पर रविवार की सुबह दम तोड़ दिया। जिसकी जानकारी होने पर नगर पंचायत रेवती के अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय शंकर पांडेय उर्फ कनक पीड़ित परिवार के साथ सीएचसी पर मृत बालिका के परिवार को मुआवजा देने की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए। धरना स्थल पर पहुंचे एसीएमओ द्वारा मांगों को पूरा किये जाने के आश्वासन के बाद साढ़े पांच घंटे बाद धरना समाप्त हुआ।
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रेवती कस्बा के वार्ड नं. 13 निवासी रामलखन चौहान की चार वर्षीय पुत्री जाह्नवी तेज बुखार से पीड़ित थी। रविवार की सुबह बच्ची को लेकर परिजन सीएचसी पहुंचे, जहां न तो कोई चिकित्सक था न ही फार्मासिस्ट। इलाज के अभाव में बच्ची ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजनों और उनके साथ आए लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। जानकारी मिलते ही नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कनक पांडेय अस्पताल पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। इसके बाद दर्जनों समर्थकों के साथ वह अस्पताल के मुख्य द्वार पर मुआवजे की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए। साढ़े पांच घंटे बाद धरना स्थल पर एसीएमओ डा. एके सिंह पहुंचे और अध्यक्ष प्रतिनिधि वार्ता की। पांडेय ने बताया कि अस्पताल में प्रसव के दौरान अवैध वसूली के साथ ही रोगियों एवं उनके तीमारदारों से बदसलूकी आम बात है।
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कहा कि यहां तीन फार्मासिस्टों की तैनाती है। जिसमें एक को छोड़कर अन्य गायब रहते है। कहा कि यदि चिकित्सक मौजूद  तो बालिका की मौत न होती। उन्होंने मांग किया कि ऐसे निष्क्रिय चिकित्सक व कर्मचारियों को हटाया जाय। एसीएमओ ने शिकायतों के निस्तारण के साथ ही लापरवाह कर्मियों के साथ ही चिकित्सकों को स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया। जिस पर धरना समाप्त किया गया। मुआवजे की बाबत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने बताया कि एसडीएम से बात करने पर उनके द्वारा बताया गया कि इस तरह की मौत पर मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। धरना देने वालों में सभासद रूपेश पांडेय, राजू पांडेय, मुकेश सिंह, योगेश पांडेय, कुंदन पांडेय, माहताब आलम, मुनमुन पांडेय, दाऊल चौधरी, शौकत खां आदि शामिल रहे।
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