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Ballia News: नीट में लाभ के लिए बनवाए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित का प्रमाण पत्र
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बलिया। डीएम के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का आश्रित प्रमाण पत्र बनाने की जांच तेज हो गई है। जालसाजों ने नकली प्रमाण पत्र बनाकर 11 अभ्यार्थियों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में स्वतंत्रता सेनानी कोटे से लाभ दिलाने का प्रयास किया है। इसमें एक ही गांव के तीन छात्र शामिल हैं। डीएम ने जांच के लिए एसडीएम सदर तिमराज सिंह के नेतृत्व में दो-दो नायब तहसीलदारों की टीम जांच के लिए बनाई है।
इसमें सदर तहसील के 6 गांवों के 11 अभ्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का फर्जी आश्रित प्रमाण पत्र जारी किया गया है। शासन से 12 अभ्यार्थियों को जारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें से मात्र एक प्रमाण पत्र सही पाया गया है। शेष 11 प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इनमें तीन छात्र एक ही गांव बढवलिया के रहने वाले हैं। वहीं, शेष छात्र सदर तहसील के कारो, शाहपुर, फिरोजपुर, पखनपुरा, चितबड़ागांव, नगवा गाई गांव के है। जून व जुलाई में इन सभी को डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी किया गया था।
शासन से चयनित कॉलेजों में इन सभी ने प्रवेश धनराशि भी जमा कर दी है। ऐसे में प्रशासनिक अमला इस तरह का प्रमाण पत्र जारी करने वाले गिरोह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई है। प्रशासन फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की भी तैयारी में है। एडीएम अनिल कुमार ने बताया कि शासन की तरफ से हर प्रमाण पत्र आनलाइन जारी किए जाते है। इससे आनलाइन सत्यापन भी तत्काल हो जा रहा है लेकिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों का प्रमाण पत्र अभी आनलाइन नहीं है। ऐसे में शासन से सत्यापन के लिए भेजा गया है। नीट के एडमिशन में अंक का लाभ लेने के लिए फर्जी बनाकर इसका उपयोग किया गया है।
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वर्जन--
निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की तरफ से 12 चयनित अभ्यार्थियों की तरफ से लगाए गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्रों की जांच के लिए भेजा गया है। जांच में 11 स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र यहां से जारी नहीं हुए है। यह पूरी तरह से फर्जी है। इसकी रिपोर्ट शासन को तत्काल भेजी जाएगी। इस तरह का कार्य करने वालों पर कठोर कार्रवाई भी होगी।
-मंगला प्रसाद सिंह, डीएम।
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इसमें सदर तहसील के 6 गांवों के 11 अभ्यार्थियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का फर्जी आश्रित प्रमाण पत्र जारी किया गया है। शासन से 12 अभ्यार्थियों को जारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें से मात्र एक प्रमाण पत्र सही पाया गया है। शेष 11 प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इनमें तीन छात्र एक ही गांव बढवलिया के रहने वाले हैं। वहीं, शेष छात्र सदर तहसील के कारो, शाहपुर, फिरोजपुर, पखनपुरा, चितबड़ागांव, नगवा गाई गांव के है। जून व जुलाई में इन सभी को डीएम के फर्जी हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी किया गया था।
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शासन से चयनित कॉलेजों में इन सभी ने प्रवेश धनराशि भी जमा कर दी है। ऐसे में प्रशासनिक अमला इस तरह का प्रमाण पत्र जारी करने वाले गिरोह तक पहुंचने के प्रयास में जुट गई है। प्रशासन फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की भी तैयारी में है। एडीएम अनिल कुमार ने बताया कि शासन की तरफ से हर प्रमाण पत्र आनलाइन जारी किए जाते है। इससे आनलाइन सत्यापन भी तत्काल हो जा रहा है लेकिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों का प्रमाण पत्र अभी आनलाइन नहीं है। ऐसे में शासन से सत्यापन के लिए भेजा गया है। नीट के एडमिशन में अंक का लाभ लेने के लिए फर्जी बनाकर इसका उपयोग किया गया है।
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निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की तरफ से 12 चयनित अभ्यार्थियों की तरफ से लगाए गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्रों की जांच के लिए भेजा गया है। जांच में 11 स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र यहां से जारी नहीं हुए है। यह पूरी तरह से फर्जी है। इसकी रिपोर्ट शासन को तत्काल भेजी जाएगी। इस तरह का कार्य करने वालों पर कठोर कार्रवाई भी होगी।
-मंगला प्रसाद सिंह, डीएम।