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Ballia News: सड़क हादसा वाले स्थानों की होगी जियो टैगिंग
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बलिया। जिले में आए दिन हो रहे सड़क हादसों में कमी लाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से नई कवायद शुरू की गई है। इसके तहत ऐसे स्थानों को चिन्हित किया जाएगा और उनकी जियो टैगिंग कराई जाएगी, जहां बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्स एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) एप की मदद ली जाएगी। एप के माध्यम से संयुक्त रूप से पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और लोनिवि काम करेंगे। ताकि हादसों पर नियंत्रण लगाया जा सके। एप में डाटा अपलोड करने के बाद बताएगा कि किस वजह से हादसा हुआ है। इसके बाद सुधार कर हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग के आरआई राज भूषण चौधरी ने बताया कि इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईरेड) पर हादसों का पूरा ब्योरा और सड़क दुर्घटनाओं पर रीयल टाइम डाटा एकत्रित करना और इसमें शामिल व्यक्तियों व वाहनों का विवरण शामिल रहेगा। पोर्टल पर डाटा भरते ही पता चलेगा कि किस वजह से हादसा हुआ है। हादसा होने के एक-एक बिंदु को पोर्टल अपडेट करेगा और जानकारी देगा। खास बात है कि जांच अधिकारी को सहयोग करेगा और हादसा स्थल की जियो टैगिंग भी उपलब्ध कराएगा। हादसा स्थल की दूरी व अन्य जानकारियां भी मुहैया कराएगा।
पोर्टल पर आसानी से दर्ज होगा विवरण
ई-डीएआर पोर्टल पर दुर्घटनाला आदि के फोटो और घोडियो भी अपलोड किए जा सकेंगे। दुर्घटना हाॅटसपाट की भी पहचान करेगा। ताकि हादसों को रोकने में मदद मिल सकें और संबंधित विभाग आवश्यक समाधान निकाल सकें।
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परिवहन विभाग के आरआई राज भूषण चौधरी ने बताया कि इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आईरेड) पर हादसों का पूरा ब्योरा और सड़क दुर्घटनाओं पर रीयल टाइम डाटा एकत्रित करना और इसमें शामिल व्यक्तियों व वाहनों का विवरण शामिल रहेगा। पोर्टल पर डाटा भरते ही पता चलेगा कि किस वजह से हादसा हुआ है। हादसा होने के एक-एक बिंदु को पोर्टल अपडेट करेगा और जानकारी देगा। खास बात है कि जांच अधिकारी को सहयोग करेगा और हादसा स्थल की जियो टैगिंग भी उपलब्ध कराएगा। हादसा स्थल की दूरी व अन्य जानकारियां भी मुहैया कराएगा।
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पोर्टल पर आसानी से दर्ज होगा विवरण
ई-डीएआर पोर्टल पर दुर्घटनाला आदि के फोटो और घोडियो भी अपलोड किए जा सकेंगे। दुर्घटना हाॅटसपाट की भी पहचान करेगा। ताकि हादसों को रोकने में मदद मिल सकें और संबंधित विभाग आवश्यक समाधान निकाल सकें।
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