रामगढ़/दया छपरा। गंगा की लहरें प्रलयकारी होती जा रही हैं। लहरें वर्ष 2016 के रिकॉर्ड तोड़ने से महज 73 सेंटीमीटर दूर रह गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन ने भी लोगों को अलर्ट रहने का निर्देश जारी किया है। समुचित व्यवस्था में खाने-पीने की आवश्यक सामग्री खरीद कर घरों में रखने की सलाह दी है ताकि किसी भी विषम परिस्थिति से निपटा जा सके।
घौलपुर बैराज से चला पानी 30 या 31 अगस्त तक जनपद में पहुंच सकता है। गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे गांव में फैलता जा रहा है। दुबहर बीआरसी परिसर, कंपोजिट और प्राथमिक विद्यालय के साथ ही थाना परिसर में पानी घुस गया है। अभिलेखों को किसी तरीके से सुरक्षित किया जा रहा है। प्रभावितों को सड़कों पर भोजन आदि की व्यवस्था तो उपलब्ध करा दी गई है लेकिन गांव तक समुचित व्यवस्था नहीं पहुंच पा रही है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.660 मीटर दर्ज किया गया। प्रति घंटा एक सेंटीमीटर का बढ़ाव बना हुआ है। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। वर्ष 2016 का बाढ़ का सबसे सर्वाधिक रिकॉर्ड 60.390 मीटर था। बाढ़ का पानी ने अब धीरे-धीरे ग्राम पंचायतों के अंदर पहुंच कर एक-दूसरे के घर से ग्रामीणों का संपर्क तोड़ने लगा है। सबसे बुरी स्थिति बैरिया थाना क्षेत्र के गंगा उस पार बसे नौरंगा, भुवाल छपरा ग्राम सभा की है। गंगा की लहरों ने अब ग्रामीणों के घर के अंदर घुसने लगा। निर्माणाधीन राजकीय इंटर कॉलेज में गंगा का पानी पहुंच गया। निर्माण के लिए रखा गया करीब 50 बोरी सीमेंट व बालू बर्बाद हो गया। नौरंगा गांव में सोमवार को लहरें कटान करते हुए बस्ती के समीप जा पहुंची। कटान से घरों की दूरी महज 15 से 20 फीट रह गई है। अगर इसी प्रकार थोड़ा सा भी कटान हुआ तो नौरंगा गांव के करीब-करीब 10 मकान कटान की जद में आ सकते हैं।