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गंगा में जल बढ़ा, विभाग सक्रिय
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Wed, 29 Jul 2015 10:48 PM IST
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गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बाढ़ विभाग सजग हो गया है। हालांकि विभागीय कर्मचारी अपने पुराने ढर्रे पर ही काम कर रहे हैं और जो काम बाढ़ से पहले हो जाना चाहिए था वो अब हो रहा है। अब जबकि गंगा का जलस्तर बढ़ रह है तो विभाग के कर्मचारी बालू की बोरियों को गंगा के तट पर डालने में जुटे हैं, ताकि जमकर बंदरबांट करने का मौका मिले।
डेंजर जोन अंतर्गत पचरूशखिया और मझौंवा पर बने स्परों की हालत पहले से ही है। ऐेसे में विभाग हर साल गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने पर बाढ़ निरोधक कार्य में जुट जाता है। बचाव कार्य के नाम पर बालू की बोरियां नदी में डालनी शुरू हो जातीं हैं ताकि नदी के बैक रोलिंग को कम किया जा सके। लेकिन गंगा की उफनाती लहरों में यह बोरियां किस तलहटी में चली जाती है, इसका कहीं आता-पता नहीं चलता है। बाढ़ का जलस्तर घटने में हालत फिर वैसी ही हो जाती है।
स्पर संख्या 17 से 23 तक की हालत पहले से ही नाजुक है। वर्ष 2013 में स्पर संख्या 17 से 23 के बीच जीओ विधि से प्लेटफार्म बनाया गया। लेकिन उसी साल गंगा के जलस्तर गिरने के बाद कुछ बोरियां का तो अता-पता नहीं चला तो कुछ धूप और पानी की वजह से फट गईं।
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ऐसे में एक बार फिर बाढ़ विभाग डेंजर जोन मझौंवा पचरूखिया के हुकुम छपरा घाट पर बने स्परों के मरम्मत के नाम पर धन का बंदरबाट शुरू हो गया है। इस बाबत बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ निरोधक कार्य कराया जा रहा है। हाल फिलहाल एनएच-31 पर कोई खतरा नहीं है।
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डेंजर जोन अंतर्गत पचरूशखिया और मझौंवा पर बने स्परों की हालत पहले से ही है। ऐेसे में विभाग हर साल गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने पर बाढ़ निरोधक कार्य में जुट जाता है। बचाव कार्य के नाम पर बालू की बोरियां नदी में डालनी शुरू हो जातीं हैं ताकि नदी के बैक रोलिंग को कम किया जा सके। लेकिन गंगा की उफनाती लहरों में यह बोरियां किस तलहटी में चली जाती है, इसका कहीं आता-पता नहीं चलता है। बाढ़ का जलस्तर घटने में हालत फिर वैसी ही हो जाती है।
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स्पर संख्या 17 से 23 तक की हालत पहले से ही नाजुक है। वर्ष 2013 में स्पर संख्या 17 से 23 के बीच जीओ विधि से प्लेटफार्म बनाया गया। लेकिन उसी साल गंगा के जलस्तर गिरने के बाद कुछ बोरियां का तो अता-पता नहीं चला तो कुछ धूप और पानी की वजह से फट गईं।
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ऐसे में एक बार फिर बाढ़ विभाग डेंजर जोन मझौंवा पचरूखिया के हुकुम छपरा घाट पर बने स्परों के मरम्मत के नाम पर धन का बंदरबाट शुरू हो गया है। इस बाबत बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता योगेंद्र यादव ने बताया कि बाढ़ निरोधक कार्य कराया जा रहा है। हाल फिलहाल एनएच-31 पर कोई खतरा नहीं है।