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Ballia News: 2 सेमी प्रति घंटे बढ़ रही गंगा, 4 साल का रिकॉर्ड तोड़ने की ओर, 71 गांवों की बिजली काट दी गई है
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नरही क्षेत्र में नाव के सहारे भेड़ों को सुरक्षित स्थानों पर लेकर जाते लोग।संवादनरही क्षेत्र मे
- फोटो : संवाद
बलिया/मझौंवां। जिले में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ की चपेट में आए करीब 71 गांवों की बिजली काट दी गई है, इन गांवों में 60 हजार की आबादी फंसी है। गंगा के जलस्तर में 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसा ही रहा तो चार साल पहले के रिकाॅर्ड को तोड़ देगी। गंगा की कटान से मुहम्मदपुर में लोग अपने घरों को खाली करने में लगे हैं।
केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर सोमवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.730 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। गंगा नदी इस समय खतरा बिंदु से 2.115 मीटर ऊपर यानी 59.73 मीटर पर बह रही है। यहां 2016 में सर्वाधिक जलस्तर 60.390 मीटर रिकार्ड किया गया था। 2021 में नदी 60.250 मीटर तक पहुंची थी। उधर,गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शहर के बंधे की दक्षिण ओर कटान तेज हो गई है। नदी किनारे नगर पालिका परिषद के मुहम्मदपुर डेरा, गायत्री काॅलोनी व निहोरा नगर में फंसे 45 बाढ़ पीड़ितों को बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ की टीम के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है।
एनएच-31 पर ठोकर मारने लगीं गंगा की लहरें : मझौंवां, गंगा की लहरें नेशनलहाईवे पर ठोकर मार रही हैं। पलट प्रवाह से एनएच के किमी 26.250 से 27.950 के बीच दबाव बढ़ता जा रहा है। बाढ़ विभाग की ओर से मझौवां से लेकर टेंगरही तक एनएच-31 के दक्षिण किनारे पर प्लास्टिक की बोरी में बालू भरकर डाला जा रहा है। बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगा उस पार चक्की नौरंगा गांव में शैलेश राम का मकान गंगा में कटकर बह गया।
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कई जगहों पर नावों की कमी : इधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग खाने-पीने की सामग्री, मेडिसिन, पशु चारा और सुरक्षित आश्रय की तलाश में है। नाव की कमी होने के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर अपना घरेलू सामग्री जुटाने में लगे हुए हैं। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, वंश गोपाल छपरा, मुरली छपरा, पाण्डेयपुर, टेंगरही, लक्ष्मणपुर से लागायत एनएच-31 व गंगा नदी के दक्षिण बसे गांव टापू बन गए हैं।
दुबेछपरा व उदई छपरा गांव के रास्ते जलमग्न : दया छपरा। बैरिया तहसील के ग्राम पंचायत गोपालपुर के दुबे छपरा और उदई छपरा की सारे रास्ते बंद हो गए हैं। दया छपरा की प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला ,मुरली छपरा, बुधन चक, बड़का बुधन चक, पहाड़ गिरी के मठिया आदि पूरवा बाढ़ के पानी से पूरी तरह से जलमग्न हो गया। प्राइमरी पाठशाला प्रसाद छपरा, कंपोजिट विद्यालय बुधन चक में बाढ़ का पानी घुस गया है।
अब तक गिरे 24 मकान, पीड़ितों को जल्द मिलेगी सहायता : नगर पालिका परिषद बलिया के ग्राम मुहम्मदपुर में 4 पक्के, 20 कच्चे और 2 झोपड़ियां गिर गईं। एडीएम अनिल कुमार ने बताया कि राहत टीम सभी का बैंक खाता ले रही है। 24 घंटे के अंदर धनराशि खाते में पहुंचेगी। सभी परिवार को राशन कीट वितरित की जा रही।
टोंस व मगई खतरा बिंदु से ऊपर : नरहीं। गंगा के बढ़ने से टोंस और मगई नदी भी उफान पर है। बाढ़ का पानी सोमवार को इच्छा चौबे का पूरा, मिल्की, मठिया, शाहपुर बभनौली, रैया खाड़ी, गंगहरा कुल्हड़िया,कोट अंजोरपुर गांव में घुस गया। टोंस नदी व मगई नदी का पानी पांचगांवा के सिवान होते हुए टुटुवारी मेड़वरा कला गांव तक पहुंच गया है। करइल क्षेत्र में धान के खेत जलमग्न हो गए हैं। बाढ के पानी से गंगहरा, रैया खाड़ी, शाहपुर बभनौली पुरानी बस्ती इच्छा चौबे का पूरा गांव टापू बन गए हैं। शाहपुर बभनौली, गंगहरा रैया खाड़ी,बेल्सी पाह गांव का संपर्क टूट गया है।
टोंस नदी उफान पर,घरों में घुसा पानी : चितबड़ागांव: टोंस नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने चितबड़ागांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है। चितबड़ागांव को नगवा गाई, अख़्तियारपुर, टिकरी सहित दर्जनों गांवों से जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह डूब चुकी हैं।
000सरयू भी उफान पर, 24 घंटे में 16 सेमी बढ़ा जलस्तर : बेल्थरारोड। सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। पिछले तीन दिनों से जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। धीरे-धीरे जलस्तर खतरे की निशान की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम जलस्तर 63.400 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 मीटर से 61 सेंटीमीटर कम है। आयोग का कहना है कि एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान 16 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान किया है।
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राहत कार्य में लगा है प्रशासन : डीएम : जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चल रहा है। पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा रही है। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एडीएम अनिल कुमार, सीआरओ त्रिभुवन के साथ सोमवार को बाढ़ प्रभावित महावीर घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक एवं बाढ़ विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही प्रभावित लोगों को विश्वास दिलाया कि आपदा में पीड़ितों को सारी सहायता सुविधा मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बालेश्वर घाट शनिचरी मंदिर पर बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री का भी वितरण किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। उधर, बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के लिए लिस्ट तैयार कर ली गई है। सीओओ त्रिभुवन व एडीएम अनिल कुमार ने एनडीआरएफ की टीम के साथ शहर समेत बैरिया तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ितों से जानकारी ली।
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केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर सोमवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.730 मीटर रिकाॅर्ड किया गया। यहां खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। गंगा नदी इस समय खतरा बिंदु से 2.115 मीटर ऊपर यानी 59.73 मीटर पर बह रही है। यहां 2016 में सर्वाधिक जलस्तर 60.390 मीटर रिकार्ड किया गया था। 2021 में नदी 60.250 मीटर तक पहुंची थी। उधर,गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शहर के बंधे की दक्षिण ओर कटान तेज हो गई है। नदी किनारे नगर पालिका परिषद के मुहम्मदपुर डेरा, गायत्री काॅलोनी व निहोरा नगर में फंसे 45 बाढ़ पीड़ितों को बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ की टीम के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुसने लगा है।
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एनएच-31 पर ठोकर मारने लगीं गंगा की लहरें : मझौंवां, गंगा की लहरें नेशनलहाईवे पर ठोकर मार रही हैं। पलट प्रवाह से एनएच के किमी 26.250 से 27.950 के बीच दबाव बढ़ता जा रहा है। बाढ़ विभाग की ओर से मझौवां से लेकर टेंगरही तक एनएच-31 के दक्षिण किनारे पर प्लास्टिक की बोरी में बालू भरकर डाला जा रहा है। बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगा उस पार चक्की नौरंगा गांव में शैलेश राम का मकान गंगा में कटकर बह गया।
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कई जगहों पर नावों की कमी : इधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोग खाने-पीने की सामग्री, मेडिसिन, पशु चारा और सुरक्षित आश्रय की तलाश में है। नाव की कमी होने के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर अपना घरेलू सामग्री जुटाने में लगे हुए हैं। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, प्रसाद छपरा, वंश गोपाल छपरा, मुरली छपरा, पाण्डेयपुर, टेंगरही, लक्ष्मणपुर से लागायत एनएच-31 व गंगा नदी के दक्षिण बसे गांव टापू बन गए हैं।
दुबेछपरा व उदई छपरा गांव के रास्ते जलमग्न : दया छपरा। बैरिया तहसील के ग्राम पंचायत गोपालपुर के दुबे छपरा और उदई छपरा की सारे रास्ते बंद हो गए हैं। दया छपरा की प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला ,मुरली छपरा, बुधन चक, बड़का बुधन चक, पहाड़ गिरी के मठिया आदि पूरवा बाढ़ के पानी से पूरी तरह से जलमग्न हो गया। प्राइमरी पाठशाला प्रसाद छपरा, कंपोजिट विद्यालय बुधन चक में बाढ़ का पानी घुस गया है।
अब तक गिरे 24 मकान, पीड़ितों को जल्द मिलेगी सहायता : नगर पालिका परिषद बलिया के ग्राम मुहम्मदपुर में 4 पक्के, 20 कच्चे और 2 झोपड़ियां गिर गईं। एडीएम अनिल कुमार ने बताया कि राहत टीम सभी का बैंक खाता ले रही है। 24 घंटे के अंदर धनराशि खाते में पहुंचेगी। सभी परिवार को राशन कीट वितरित की जा रही।
टोंस व मगई खतरा बिंदु से ऊपर : नरहीं। गंगा के बढ़ने से टोंस और मगई नदी भी उफान पर है। बाढ़ का पानी सोमवार को इच्छा चौबे का पूरा, मिल्की, मठिया, शाहपुर बभनौली, रैया खाड़ी, गंगहरा कुल्हड़िया,कोट अंजोरपुर गांव में घुस गया। टोंस नदी व मगई नदी का पानी पांचगांवा के सिवान होते हुए टुटुवारी मेड़वरा कला गांव तक पहुंच गया है। करइल क्षेत्र में धान के खेत जलमग्न हो गए हैं। बाढ के पानी से गंगहरा, रैया खाड़ी, शाहपुर बभनौली पुरानी बस्ती इच्छा चौबे का पूरा गांव टापू बन गए हैं। शाहपुर बभनौली, गंगहरा रैया खाड़ी,बेल्सी पाह गांव का संपर्क टूट गया है।
टोंस नदी उफान पर,घरों में घुसा पानी : चितबड़ागांव: टोंस नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने चितबड़ागांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है। चितबड़ागांव को नगवा गाई, अख़्तियारपुर, टिकरी सहित दर्जनों गांवों से जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह डूब चुकी हैं।
000सरयू भी उफान पर, 24 घंटे में 16 सेमी बढ़ा जलस्तर : बेल्थरारोड। सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। पिछले तीन दिनों से जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी है। धीरे-धीरे जलस्तर खतरे की निशान की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम जलस्तर 63.400 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान 64.010 मीटर से 61 सेंटीमीटर कम है। आयोग का कहना है कि एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान 16 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान किया है।
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राहत कार्य में लगा है प्रशासन : डीएम : जिलाधिकारी एमपी सिंह ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चल रहा है। पीड़ितों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा रही है। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एडीएम अनिल कुमार, सीआरओ त्रिभुवन के साथ सोमवार को बाढ़ प्रभावित महावीर घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रशासनिक एवं बाढ़ विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने के साथ ही प्रभावित लोगों को विश्वास दिलाया कि आपदा में पीड़ितों को सारी सहायता सुविधा मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने बालेश्वर घाट शनिचरी मंदिर पर बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ राहत सामग्री का भी वितरण किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज, सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे। उधर, बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करने के लिए लिस्ट तैयार कर ली गई है। सीओओ त्रिभुवन व एडीएम अनिल कुमार ने एनडीआरएफ की टीम के साथ शहर समेत बैरिया तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ितों से जानकारी ली।