{"_id":"59fdff4c4f1c1bd1538baeab","slug":"full-moon-plunge","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्णिमा पर लगाई पुण्य की डुबकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्णिमा पर लगाई पुण्य की डुबकी
अमर उजाला ब्यूरो/बलिया
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
पुजन करती महिला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महर्षि भृगु मुनि की तपोस्थली गंगा तमसा तट पर शनिवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान तट पर जनसैलाब उमड़ा रहा। स्नान ध्यान करने के बाद श्रद्धालुओं ने सूर्य को अर्घ्य देकर ब्राह्मणों को दान-पुण्य किया।
शनिवार की दोपहर बाद कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए नगर क्षेत्र के गंगा तट पर बिहार प्रांत के बक्सर, आरा, छपरा, सिवान के साथ ही पूर्वांचल के कई जनपदों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे, जहां गंगा में स्नान किया। शाम तक नगर में भीड़ उमड़ी रही। शिवरामपुर गंगा घाट पर गंगा महाआरती देखने के लिए शुक्रवार की शाम हजारों श्रद्धालु पहुंच गए थे। जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ही आरती की रस्म अदा की गई। इस दौरान रात 11 बजे तक शिवरामपुर गंगा घाट श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। वही रात में लोग मंदिर, होटल, धर्मशाला तथा रेलवे स्टेशन के साथ ही विभिन्न शिविरों में श्रद्धालु शरण लिए हुए थे। रात के 12 बजते ही श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। तत्पश्चात भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद भृगु मुनि तथा उनके शिष्य दर्दर मुनि का पूजन-अर्चन कर परिवार के मंगलमय की कामना की।
विज्ञापन
शनिवार की दोपहर बाद कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए नगर क्षेत्र के गंगा तट पर बिहार प्रांत के बक्सर, आरा, छपरा, सिवान के साथ ही पूर्वांचल के कई जनपदों से भी लाखों श्रद्धालु पहुंचे, जहां गंगा में स्नान किया। शाम तक नगर में भीड़ उमड़ी रही। शिवरामपुर गंगा घाट पर गंगा महाआरती देखने के लिए शुक्रवार की शाम हजारों श्रद्धालु पहुंच गए थे। जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ही आरती की रस्म अदा की गई। इस दौरान रात 11 बजे तक शिवरामपुर गंगा घाट श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। वही रात में लोग मंदिर, होटल, धर्मशाला तथा रेलवे स्टेशन के साथ ही विभिन्न शिविरों में श्रद्धालु शरण लिए हुए थे। रात के 12 बजते ही श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। तत्पश्चात भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद भृगु मुनि तथा उनके शिष्य दर्दर मुनि का पूजन-अर्चन कर परिवार के मंगलमय की कामना की।
विज्ञापन