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Ballia News: बलिया के चार होनहारों यूपीएससी में लिखी सफलता की इबारत

Thu, 18 Apr 2024 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Apr 2024 01:09 AM IST
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Four promising students from Ballia wrote the story of success in UPSC
बलिया। संघ लोक सेवा आयोग की ओर से मंगलवार को घोषित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 के रिजल्ट में जिले के चार होनहारों ने सफलता हासिल की है। इसमें दो युवा और दो युवती शामिल हैं। आयोग की ओर से जारी लिस्ट में 1016 उम्मीदवारों ने जगह बनाई है, जिसमें जिले के कुसौरा गांव निवासी जयबिन्द कुमार गुप्ता, जनपद मुख्यालय से सटे ईश्वरपुरा (गोठहुली) निवासी आफताब आलम और चिलकहर थाना क्षेत्र के उचेड़ा गांव निवासी निवेदिता चंद्रा के साथ ही खड़सरा निवासी मोनिका श्रीवास्तव शामिल हैं। इन होनेहारों की सफलता से जिले में हर्ष का माहौल है।
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हवलदार का बेटा बना आईपीएस
जिले के कुसौरा गांव निवासी व आईआईटी मुम्बई से भू-विज्ञान से एमएससी करने वाले जयबिन्द का चयन बतौर आईपीएस हुआ है। इनके पिता जयराम गुप्ता आसाम पुलिस में हवलदार हैं, जबकि मां मीरा गुप्ता गृहणी। जयबिन्द कुमार गुप्ता ने सनबीम वाराणसी से 12वीं तथा बीएचयू वाराणसी से बीएससी की पढ़ाई की है। आरंभ से ही जयबिंद का रूझान सिविल सेवा परीक्षा की ओर रहा। इसी को लक्ष्य मानकर जयबिन्द ने तैयारी की, जिसमें उन्हें सफलता भी मिल गई। तीन भाई व एक बहन में जयबिन्द सबसे छोटे हैं।
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बनना था इंजीनियर बन गए आईपीएस
जनपद मुख्यालय से सटे ईश्वरपुरा (गोठहुली) निवासी आफताब आलम पुत्र मकबूल अंसारी ने यूपीएससी में 512 रैंक प्राप्त कर गांव व जिले का मान बढ़ाया है। आईआईटी, इंदौर से मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई कर इंजीनियर की नौकरी का सपना संजोने वाले आफताब आलम की प्रारंभिक शिक्षा जिले के सेंट थामस स्कूल से हुई है। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से पूरी की है। वर्तमान में आफताब जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी, दिल्ली से यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। आफताब ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत के अलावा पिता मकबूल अंसारी, माता शकीला खातून और भाई मोहम्मद महताब आलम को दिया है।
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दूसरे प्रयास में हासिल की सफलता
जिले के खड़सरा निवासी और बिहार के समस्तीपुर में इंजीनियर ब्रजेश श्रीवास्तव व औरंगाबाद में शिक्षिका भारती श्रीवास्तव की बेटी मोनिका ने सिविल सेवा की परीक्षा में 455 रैंक हासिल की है। मोनिका ने दूसरे ही प्रयास में सिविल सेवा में सफलता हासिल की है। वर्ष 2016 में आईआईटी गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग के बाद मोनिका ने करीब छह वर्ष तक यूएस की एक कंपनी में चेन्नई में रहकर जॉब किया। नौकरी के साथ ही यूपीएससी में सफलता हासिल की है। इसके पूर्व उसने वर्ष 2022 की बीपीएससी की परीक्षा में ऑल ओवर छठीं रैंक हासिल की थी, जबकि महिला वर्ग में उनकी पहली रैंक थी। फिलहाल उनका प्रशिक्षण चल रहा है।

डिप्टी एसपी बनीं निवेदिता
जिले के चिलकहर थाना क्षेत्र के उचेड़ा गांव निवासी और डिप्टी एसपी का प्रशिक्षण ले रही निवेदिता चंद्रा ने यूपीएससी की परीक्षा में 1008वीं रैंक हासिल की है। वर्ष 2019 में बीआईटी मेसरा से बीटेक करने के बाद निवेदिता ने उसी वर्ष दिल्ली में जाकर कोचिंग लिया। इसके बाद उनका चयन डिप्टी एसपी पद पर हुआ। निवेदिता के पिता स्व. दीनानाथ राम समाज कल्याण अधिकारी थे। वर्ष 2019 में वे रिटायर हुए। 2021 में उनका निधन हो गया। जबकि मां पूनम बेसिक शिक्षा विभाग में प्रयागराज में अध्यापिका हैं।
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