{"_id":"653d36c0277e53d290011fda","slug":"four-doctors-including-ent-surgeon-deployed-ballia-news-c-190-1-svns1007-6140-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: ईएनटी सर्जन सहित चार चिकित्सकों की हुई तैनाती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: ईएनटी सर्जन सहित चार चिकित्सकों की हुई तैनाती
विज्ञापन
जिला अस्पताल में चार चिकित्सकों की तैनाती लंबे समय बाद हुई है। ईएनटी सर्जन का पद काफी दिनों से खाली चल रहा था, जिसके अभाव में ऑडियोलॉजिस्ट मरीजों का इलाज करता था। अस्पताल प्रशासन की मांग पर शासन ने ईएनटी सर्जन सहित चार चिकित्सकों की तैनात की है। इसमें दो चिकित्सक वाक इंटरव्यू वाले है। एक वर्ष के लिए शासन से अनुबंध पर आए है। सभी चिकित्सकों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इसमें डाॅ. प्रमोद कुमार ईएनटी सर्जन, राकेश गुप्ता जनरल सर्जन, डाॅ. कर्ण सिंह चौहान आर्थो व डाॅ. रिखी लाल आई सर्जन शामिल हैं। इसके पूर्व रिखीलाल एमबीबीएस के पद पर अटैच थे। चिकित्सकों की तैनाती के बाद मरीजों को चिकित्सकीय सुविधा का लाभ मिलने लगा है।
जिला अस्पताल में 236 बेड संचालित होता है। जिसके सापेक्ष संविदा समेत करीब 24 चिकित्सक तैनात है। इसमें चार चिकित्सक सीएमओ के अधीनस्थ है, जबकि पांच चिकित्सक का पद रिक्त है। पूर्व के 176 बेड के सापेक्ष 30 चिकित्सक का मानक है, लेकिन 236 संचालित बेड पर 24 चिकित्सक के देखभाल की जिम्मेदारी है। अस्पताल में रोज 1800 सौ से दो हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। ओपीडी में ज्यादा भीड़ होने के कारण आए दिन मरीजों व स्वास्थ्यकर्मियों में विवाद होता है। अस्पताल में अभी न्यूरो सर्जन है और मानसिक रोग चिकित्सक की कमी है। मजबूर होकर गंभीर मरीजों को जिला चिकित्सालय से रेफर करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में मरीजों का बहुत ज्यादा लोड है। शासन से संसाधन के साथ डाॅक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बढ़ाने की मांग की गई है। उसके बाद मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
-- डाॅ. एसके यादव, सीएमएस।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में 236 बेड संचालित होता है। जिसके सापेक्ष संविदा समेत करीब 24 चिकित्सक तैनात है। इसमें चार चिकित्सक सीएमओ के अधीनस्थ है, जबकि पांच चिकित्सक का पद रिक्त है। पूर्व के 176 बेड के सापेक्ष 30 चिकित्सक का मानक है, लेकिन 236 संचालित बेड पर 24 चिकित्सक के देखभाल की जिम्मेदारी है। अस्पताल में रोज 1800 सौ से दो हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। ओपीडी में ज्यादा भीड़ होने के कारण आए दिन मरीजों व स्वास्थ्यकर्मियों में विवाद होता है। अस्पताल में अभी न्यूरो सर्जन है और मानसिक रोग चिकित्सक की कमी है। मजबूर होकर गंभीर मरीजों को जिला चिकित्सालय से रेफर करना पड़ता है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में मरीजों का बहुत ज्यादा लोड है। शासन से संसाधन के साथ डाॅक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बढ़ाने की मांग की गई है। उसके बाद मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन