{"_id":"66f20ba651f7f2834a07a06b","slug":"foot-stuck-in-pit-dug-for-ganga-expressway-young-man-dies-due-to-drowning-ballia-news-c-190-1-svns1007-123409-2024-09-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलिया में दर्दनाक हादसा: गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसा पैर, डूबने से युवक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलिया में दर्दनाक हादसा: गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसा पैर, डूबने से युवक की मौत
Tue, 24 Sep 2024 04:21 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Sep 2024 04:21 PM IST
सार
बलिया जिले में पशुओं के लिए चारा लेकर जा रहे युवक का पैर गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसा, जिससे वह गड्ढे में गिरकर डूब गया। उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलिया जिले के दुबहर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहन छपरा निवासी एक युवक सोमवार को गंगा नदी के छाड़न में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसने से डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार मोहनछपरा टेकार गांव निवासी गौरी शंकर खरवार (46) पुत्र गोपाल जी खरवार सोमवार की सुबह पशुओं के लिए चारा लाने के लिए दियारे में जा रहा था। जैसे ही वह गंगा नदी के छाड़न को पार करने लगा, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बनाए गए गड्ढे में पैर चला गया, जिससे वह गहरे गड्ढे में चला गया। इससे वह डूब गया।
आसपास के लोगों ने उस डूबते हुए देखा तथा शोर मचाने लगे। देखते ही देखते वहां आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। गोताखोरों की मदद से उसे पानी से निकाला गया। ग्रामीण उसे जिला चिकित्सालय लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गौरी शंकर के मरने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची। पत्नी सुशीला खरवार सहित बच्चे रोने लगे, जिससे पूरे परिवार एवं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार मोहनछपरा टेकार गांव निवासी गौरी शंकर खरवार (46) पुत्र गोपाल जी खरवार सोमवार की सुबह पशुओं के लिए चारा लाने के लिए दियारे में जा रहा था। जैसे ही वह गंगा नदी के छाड़न को पार करने लगा, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बनाए गए गड्ढे में पैर चला गया, जिससे वह गहरे गड्ढे में चला गया। इससे वह डूब गया।
विज्ञापन
आसपास के लोगों ने उस डूबते हुए देखा तथा शोर मचाने लगे। देखते ही देखते वहां आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। गोताखोरों की मदद से उसे पानी से निकाला गया। ग्रामीण उसे जिला चिकित्सालय लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गौरी शंकर के मरने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची। पत्नी सुशीला खरवार सहित बच्चे रोने लगे, जिससे पूरे परिवार एवं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
विज्ञापन