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बलियाः खाद्यान्न घोटाले में एक और आरोपी कोटेदार वाराणसी से गिरफ्तार, कर्मचारियों से मिलीभगत से 45 लाख गबन का मामला
Sat, 18 Sep 2021 07:24 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: उत्पल कांत
Updated Sat, 18 Sep 2021 07:24 PM IST
सार
केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर से संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एसजीआरवाई) का क्रियान्वयन वर्ष 2002 से 2005 के मध्य जनपद बलिया में किया गया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई थी।
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आरोपी कोटेदार वाराणसी से गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी के बलिया जिले के चर्चित खाद्यान्न घोटाले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन) वाराणसी की टीम ने शनिवार को 45 लाख के गबन के एक और आरोपी कोटेदार को वाराणसी कचहरी से गिरफ्तार कर लिया। ईओडब्ल्यू वाराणसी के पीआरओ इंस्पेक्टर सुनील वर्मा ने बताया कि श्रमिकों को श्रम के बदले खाद्यान्न और नकद पैसे दिए जाने की योजना में नगरा ब्लॉक के तत्कालीन कोटेदारों की ओर से जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों एवं ब्लॉक प्रमुख से मिलीभगत करते हुए 45 लाख रुपये का गबन किया गया था।
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निरीक्षक कृष्ण मुरारी मिश्र की टीम ने शनिवार की दोपहर कचहरी चौराहा वाराणसी से तत्कालीन कोटेदार लल्लन गिरि पुत्र जगदीश गिरि निवासी ग्राम वीरपुरा उर्फ चकरा कोल्हुआ, थाना पकडी को गिरफ्तार कर लिया।
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वर्ष 2002 से 2005 के बीच हुआ था घोटाला
केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर से संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (एसजीआरवाई) का क्रियान्वयन वर्ष 2002 से 2005 के मध्य जनपद बलिया में किया गया था। इस दौरान बड़े पैमाने पर खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई थी।
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योजना के तहत जनपद के विभिन्न गांवों में मिट्टी, नाली निर्माण, खड़ंजा निर्माण, पटरी मरम्मत कार्य, संपर्क मार्ग निर्माण, पुलिया निर्माण कार्य आदि के लिए श्रमिकों का चयन कर कराया जाना था तथा श्रमिकों को श्रम के बदले खाद्यान्न और नकद पैसे दिए जाने का निर्देश था।