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कटान की भेंट चढ़ी पांच बीघा जमीन
ballia
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:48 PM IST
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बाढ़
- फोटो : amar ujala
बैरिया तहसील के अठगांवा में घाघरा का कहर जारी है। बुधवार की शाम से करीब पांच बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ गया। इसको लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटान का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा तो जल्द ही बंधा भी कटान के दायरे में आ जाएगा।
जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव जयप्रकाश नगर (सिताबदियारा) वर्षों से घाघरा की कटान का दंश झेलता चला आ रहा है। लेकिन आज तक तमाम शासन प्रशासन व राजनैतिक लोगों द्वारा मात्र सर्वे निरीक्षण करने के सिवाय कुछ नहीं किया गया। क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत के लोगों को घाघरा की प्रलयकारी लहरें हमेशा से दर्द देती आ रही हैं। वर्तमान में घाघरा अपनी विभीषिका जारी रखते हुए कृषि योग्य भूमि अपने आगोश में लेते हुए बकुल्हा संसार टोला बंधे से करीब 50 मीटर की दूरी पर आ चुकी है।
बुधवार को घाघरा की लहरें चांद दियर पंचायत के किसान पारस यादव , रामचन्द्र यादव, देवता सिंह, बृज सिंह , सीताराम सिंह, जौलेंद्र सिंह आदि की करीब दस एकड़ तो वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार के किसान गोपाल जी पांडेय, हरेकृष्ण पांडेय , परमेश्वर सिंह , रामेश्वर सिंह आदि करीब पांच एकड़ कृषि योग्य भूमि अपने आगोश में लिया। अभी वह बकुल्हा संसार टोला बंधे से करीब 50 मीटर की दूरी पर है। जबकि पखवाड़ाभर पहले घाघरा करीब चार सौ मीटर की दूरी पर बहा करती थी।
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उधर, घाघरा के उग्र रूप को देख चुके तटवासियों में दहशत बनने लगी है। उन्हें अपने आशियाने बनाने के लिए चिंता सता रही है। उनमें इस बात की नाराजगी भी है कि प्रशासन हर साल घाघरा के रौद्र रूप को जानता है इसके बाद भी लापरवाही बरकार है। जबकि ग्रामीणों ने अपनी परेशानी के बाबत विभागीय अधिकारियों को पहले ही जानकारी दे दी थी। लेकिन अभी तक विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है।
इस बाबत बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि कटान को रोकने के संबंध में उच्चाधिकारियों के यहां कार्ययोजना बनाकर भेजा जा चुका है। ज्यों ही आदेश प्राप्त होगा तुरंत कटानरोधी कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव जयप्रकाश नगर (सिताबदियारा) वर्षों से घाघरा की कटान का दंश झेलता चला आ रहा है। लेकिन आज तक तमाम शासन प्रशासन व राजनैतिक लोगों द्वारा मात्र सर्वे निरीक्षण करने के सिवाय कुछ नहीं किया गया। क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत के लोगों को घाघरा की प्रलयकारी लहरें हमेशा से दर्द देती आ रही हैं। वर्तमान में घाघरा अपनी विभीषिका जारी रखते हुए कृषि योग्य भूमि अपने आगोश में लेते हुए बकुल्हा संसार टोला बंधे से करीब 50 मीटर की दूरी पर आ चुकी है।
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बुधवार को घाघरा की लहरें चांद दियर पंचायत के किसान पारस यादव , रामचन्द्र यादव, देवता सिंह, बृज सिंह , सीताराम सिंह, जौलेंद्र सिंह आदि की करीब दस एकड़ तो वहीं इब्राहिमाबाद नौबरार के किसान गोपाल जी पांडेय, हरेकृष्ण पांडेय , परमेश्वर सिंह , रामेश्वर सिंह आदि करीब पांच एकड़ कृषि योग्य भूमि अपने आगोश में लिया। अभी वह बकुल्हा संसार टोला बंधे से करीब 50 मीटर की दूरी पर है। जबकि पखवाड़ाभर पहले घाघरा करीब चार सौ मीटर की दूरी पर बहा करती थी।
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उधर, घाघरा के उग्र रूप को देख चुके तटवासियों में दहशत बनने लगी है। उन्हें अपने आशियाने बनाने के लिए चिंता सता रही है। उनमें इस बात की नाराजगी भी है कि प्रशासन हर साल घाघरा के रौद्र रूप को जानता है इसके बाद भी लापरवाही बरकार है। जबकि ग्रामीणों ने अपनी परेशानी के बाबत विभागीय अधिकारियों को पहले ही जानकारी दे दी थी। लेकिन अभी तक विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है।
इस बाबत बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि कटान को रोकने के संबंध में उच्चाधिकारियों के यहां कार्ययोजना बनाकर भेजा जा चुका है। ज्यों ही आदेश प्राप्त होगा तुरंत कटानरोधी कार्य शुरू करा दिया जाएगा।