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तहसीलदार ने पुरानी फाइलों को खंगालना शुरू किया

Sun, 13 Dec 2020 10:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2020 10:32 PM IST
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बलिया। सरकारी जमीन पर कब्जाधारकों पर कार्रवाई को लेकर सदर तहसीलदार ने 15 साल पुरानी फाइलों को खंगालना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों की मानेे तो तत्कालीन अपर तहसीलदार ने कब्जाधारियों के खिलाफ जुर्माना और बेदखली का आदेश जारी किया था। तहसीलदार ने बताया कि जल्द कार्रवाई होगी।
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अमर उजाला ने 13 दिसंबर के अंक में इस प्रकरण को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। नरही थाना क्षेत्र के सरायकोटा और अमांव गांव में सार्वजनिक जमीनों से बेदखली की कार्रवाई को लेकर सदर तहसील प्रशासन हरकत में आ गया है। प्रकरण सामने आने के बाद तहसीलदार गुलाब चंद्रा ने बताया कि मामला पुराना है। लिहाजा पत्रावलियों को निकलवाया जा रहा है ताकि पूर्व के आदेश को देेखा जा सके। बताया कि सार्वजनिक जमीनों पर किए गए कब्जे को जल्द ही हटवाया जाएगा और अवैध कब्जाधारकों पर निर्धारित जुर्माना की वसूली भी होगी। बता दें कि नरही थाना के सरायकोटा गांव में पोखरे का भीटा, खाद का गड्ढा और ग्रामसभा की जमीन पर बीते दो दशक से दबंगों का कब्जा है। 2005 में तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच कराई और गांव के अमला यादव समेत कुल 21 लोगों पर 1.75 लाख का जुर्माना तय करते हुए सार्वजनिक जमीन से कब्जा हटाने का निर्देश दिया था। नारायनपुर गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को एसडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि यह दबंग सरायकोटा और नजदीकी गांव के चक नाली, रास्ता आदि पर भी सालों से कब्जा किए हैं, जिससे किसानों को खेती करने में परेशानी हो रही है। गांव के लोगों ने आरोप लगाया था कि जिले के एक पुलिस अधिकारी व राजस्व विभाग के अधिकारी का संरक्षण इन दबंगों को मिल रहा है, जिससे इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है। उधर, थाना क्षेत्र के ही अमांव गांव के सरकारी भूमि पर सालों से दबंगों ने कब्जा कर रखा है। वर्ष 2014 में गांव के तत्कालीन लेखपाल की रिपोर्ट पर तहसील प्रशासन ने पांच लोगों पर 62 हजार का जुर्माना लगाते हुए बेदखली का आदेश दिया लेकिन यह आदेश भी तहसील के ठंडे बस्ते में है।
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सांसद की पहल पर पंचायत भवन से हटा कब्जा
बैरिया। विकास खंड मुरली छपरा के ग्राम पंचायत दलन छपरा स्थित पंचायत भवन पर कुछ लोगों ने काफी दिनों से कब्जा कर रखा था। ग्राम प्रधान की उदासीनता के चलते कोई भी ग्रामवासी इस पर कुछ नहीं कर पाता था। इसकी सूचना जब समाजसेवी सुशील पांडेय को ग्रामीणों ने दी तो उन्होंने इस मसले को सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के यहां रखा। उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी और डीपीआरओ को फोन पर यह जानकारी दी। दोनों अधिकारियों के निर्देश पर दलन छपरा के पंचायत भवन को खाली कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त पंचायत भवन में अराजकतत्वों का उठना बैठना हो गया था और कुछ लोग उसमें सामान रखवा कर किराया भी वसूलते थे। पंचायत भवन खाली होने से ग्रामीणों में हर्ष है। वहीं, सांसद ने डीपीआरओ को निर्देश दिया है कि अविलंब उक्त पंचायत भवन की रंगाई पुताई के बाद वहां पर बाउंड्रीवाल हो जाना चाहिए।
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