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कोविड-19 प्रोटोकाल से नियंत्रित होगा ‘बुखार’: सीएमओ
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बलिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैला बुखार न तो मलेरिया है, न डेंगू है और न ही यह कोरोना का थर्ड वेब है। यह वायरस या बैक्टीरिया का संक्रमण है। जो सही समय पर इलाज शुरू हो जाने पर ठीक हो जा रहा है। यह बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय कक्कड़ ने सोमवार को विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में फैले बुखार में मरीज को वही सारी दिक्कतें हो रही हैं, जो एक वायरल बुखार में होती हैं। समय पर जांच और इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाने पर यह बुखार बहुत कम समय में ठीक भी हो जा रहा है। इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: वायरस दो प्रकार के होते हैं। एक कोल्ड वायरस और दूसरा हॉट वायरस। बताया कि इस मौसम में संक्रामक बीमारियां बढ़ती हैं। इस बुखार का वायरस एक रिस्पिरेटरी वायरस है। यदि कोविड प्रोटोकाल का सही से पालन करें तो इस तरह के बीमरियों को रोकने में सफल हो सकते हैं। इसलिए सावधान रहें और बहुत आवश्यक स्थिति में ही बाहर निकलें। उन्होंने बताया कि बुखार, कमजोरी जैसी शरीर में कोई भी समस्या आने पर एकदम नहीं घबराएं। जिले के किसी भी सीएचसी से परामर्श लेकर नि:शुल्क जांच और इलाज कराएं। जिले में वर्तमान में पांच बेड सीएचसी पर और 10 बेड जिला स्तर पर आरक्षित हैं। विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
लक्षण
बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, कंधे जाम हो जाना, अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी होना।
यह दवाएं न लें
एस्पीरिन, डिस्प्रिन, आइबूप्रोफेन, डिइक्लोफेनैक, एसीक्लोफेनैक, निमुसुलाइड और कार्टीसोन या स्टेरॉयड आदि।
क्या करें
क्वारंटीन रहें ताकि संक्रमण दूसरों तक नहीं फैले।
विभिन्न तरीकों से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाएं।
ओआरएस घोल की सही मात्रा तैयार कर पीएं।
रसदार फल, नारियल पानी, सूप का सेवन करें।
अधिक से अधिक समय आराम करें।
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उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में फैले बुखार में मरीज को वही सारी दिक्कतें हो रही हैं, जो एक वायरल बुखार में होती हैं। समय पर जांच और इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाने पर यह बुखार बहुत कम समय में ठीक भी हो जा रहा है। इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: वायरस दो प्रकार के होते हैं। एक कोल्ड वायरस और दूसरा हॉट वायरस। बताया कि इस मौसम में संक्रामक बीमारियां बढ़ती हैं। इस बुखार का वायरस एक रिस्पिरेटरी वायरस है। यदि कोविड प्रोटोकाल का सही से पालन करें तो इस तरह के बीमरियों को रोकने में सफल हो सकते हैं। इसलिए सावधान रहें और बहुत आवश्यक स्थिति में ही बाहर निकलें। उन्होंने बताया कि बुखार, कमजोरी जैसी शरीर में कोई भी समस्या आने पर एकदम नहीं घबराएं। जिले के किसी भी सीएचसी से परामर्श लेकर नि:शुल्क जांच और इलाज कराएं। जिले में वर्तमान में पांच बेड सीएचसी पर और 10 बेड जिला स्तर पर आरक्षित हैं। विभाग पूरी तरह अलर्ट है।
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लक्षण
बुखार, सिरदर्द, जोड़ों में दर्द, कंधे जाम हो जाना, अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी होना।
यह दवाएं न लें
एस्पीरिन, डिस्प्रिन, आइबूप्रोफेन, डिइक्लोफेनैक, एसीक्लोफेनैक, निमुसुलाइड और कार्टीसोन या स्टेरॉयड आदि।
क्या करें
क्वारंटीन रहें ताकि संक्रमण दूसरों तक नहीं फैले।
विभिन्न तरीकों से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाएं।
ओआरएस घोल की सही मात्रा तैयार कर पीएं।
रसदार फल, नारियल पानी, सूप का सेवन करें।
अधिक से अधिक समय आराम करें।