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Ballia News: किसानों ने नहीं करने दिया एप्रोच मार्ग का निर्माण

Wed, 10 Dec 2025 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Dec 2025 12:51 AM IST
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Farmers did not allow the construction of the approach road.
चितबड़ागांव। टोंस नदी पर बने पुल के निर्माणाधीन एप्रोच मार्ग को लेकर किसानों में तीसरे दिन भी नाराजगी है। सेतु निगम और राजस्व विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए किसानों ने निर्माण कार्य रोक रखा।
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किसानों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होते ही सेतु निगम के अधिकारियों ने सरकारी धन का घपला और भूमि खरीद में गड़बड़ी शुरू कर दी थी। पुल निर्माण और एप्रोच मार्ग के लिए जमीन खरीद में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया है। बिना मुआवजा दिए एप्रोच मार्ग का निर्माण शुरू कर दिया गया। मार्ग को नक्शे के अनुरूप नहीं बनाया जा रहा है।
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किसानों के विरोध के कारण तीसरे दिन भी एप्रोच मार्ग पर गिट्टी डालने का कार्य शुरू नहीं हो सका। हालांकि सेतु निगम के कर्मचारी मौजूद थे। किसानों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पुनः जिलाधिकारी से मिलने बलिया पहुंचा। डीएम के अनुपस्थित रहने पर उपजिलाधिकारी सदर तिमराज सिंह से मुलाकात की। उपजिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि समस्या के समाधान के लिए जल्द कदम उठाए जाएंगे। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला तो वे धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
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सीमांकन पत्थर उखाड़ने पर भी कार्रवाई नहीं
एप्रोच मार्ग विवाद बढ़ने के बाद उपजिलाधिकारी सदर और सेतु निगम की संयुक्त टीम ने पुल के दोनों ओर सीमांकन कर पत्थर लगाए थे। किसानों का कहना है कि एक काश्तकार ने इन पत्थरों को उखाड़ दिया लेकिन राजस्व विभाग एवं सेतु निगम ने इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसे लेकर क्षेत्र में प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। एप्रोच मार्ग से सटी एक बाउंड्री को न तोड़ने पर सेतु निगम का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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90 लाख के गोलमाल की चर्चा : स्थानीय ग्रामीणों में चर्चा है कि मार्ग निर्माण के लिए करीब 400 एयर भूमि की आवश्यकता थी लेकिन सेतु निगम ने इसके लिए 785 एयर भूमि की फाइल शासन को भेजी। इससे लगभग 90 लाख रुपये के गोलमाल की आशंका जताई जा रही है। कई किसानों की जमीन तो ले ली गई लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। जिससे विवाद और गहरा गया है।
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