फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Family members wandered between the emergency and trauma centers for 45 minutes with the injured Avinash; he died due to a lack of treatment.

Ballia News: घायल अविनाश को लेकर 45 मिनट तक इमरजेंसी और ट्राॅमा सेंटर में भटकते रहे परिजन, इलाज के अभाव में मौत

Fri, 26 Jun 2026 01:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 01:29 AM IST
विज्ञापन
Family members wandered between the emergency and trauma centers for 45 minutes with the injured Avinash; he died due to a lack of treatment.
ट्रैक्टर की जद में आने से मृतक माल्देपुर गांव निवासी अविनाश। फाइल फोटो, परिजन
बलिया / फेफना। जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर व इमरजेंसी में एक बार फिर लापरवाही सामने आई। सड़क हादसे में घायल माल्देपुर गांव निवासी अविनाश (48) को लेकर परिजन 45 मिनट से ज्यादा समय तक भटकते रहे लेकिन इलाज नहीं हुआ। आखिर उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन

परिजनों ने ट्राॅमा सेंटर में चिकित्सक न होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। नाराज परिजनों ने ट्राॅमा सेंटर का इमरजेंसी कक्ष बंद होने से दरवाजे का शीशा तोड़ दिया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने परिजनों को हटाने का प्रयास किया तो झड़प हो गई। करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में गहमागहमी बनी रही। सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा अस्पताल पहुंचे। लापरवाह चिकित्सक पर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मामला शांत हुआ। सीएमओ डॉक्टर अभय नारायण राय ने पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन कर जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। वहीं, ट्राॅमा सेंटर में तैनात डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की रिपोर्ट तलब की।
विज्ञापन


सदर कोतवाली के माल्देपुर गांव निवासी अविनाश प्रजापति (48) के छोटे भाई की लड़की का बुधवार को सुबह में मुंडन हुआ, बृहस्पतिवार की शाम को भोज था। इसी तैयारी में वह जुटे थे। खोरीपाकड़ निवासी दोस्त अनिल गुप्ता को निमंत्रण देकर बाइक से लौटते समय पीछे से आ रहे ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, तब तक परिजन भी पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाई अमित प्रजापति ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो हालत गंभीर होने के बावजूद बिना प्राथमिक इलाज के चिकित्सक ने ट्राॅमा सेंटर भेज दिया। ट्रामा सेंटर में कोई चिकित्सक व कर्मचारी नहीं था, ट्रामा सेंटर का इमरजेंसी कक्ष बंद था। काफी खोजबीन के बावजूद किसी कर्मचारी ने गेट नहीं खोला। इसपर गेट का शीशा तोड़कर घायल अविनाश को लेकर अंदर गए। लेकिन कोई चिकित्सक जांच के लिए नहीं पहुंचा। करीब 45 मिनट तक चिकित्सक व किसी कर्मचारी के न आने पर प्राथमिक इलाज के लिए परिजन इमरजेंसी व ट्रामा सेंटर के बीच चक्कर लगाते रहे। ट्राॅमा सेंटर में चिकित्सक न होने से अविनाश की मौत हो गई। इससे नराज परिजनों व सैकड़ों लोगों ने हंगामा कर दिया।

------------
लापरवाह चिकित्सक का नाम बताने से बचते रहे, दो घंटे प्रभावित रही ओपीडी


ड्यूटी के बावजूद अनुपस्थित डॉक्टर की खोजबीन परिजन करने लगे। लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। अस्पताल प्रशासन ने नाम बताने से इन्कार कर दिया। परिजनों ने सीएमएस कार्यालय में ड्यूटी से गायब कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामा के कारण करीब दो घंटे तक ओपीडी प्रभावित रही। वहीं, ट्राॅमा सेंटर में चिकित्सक हंगामा को देखते हुए नहीं बैठे, मरीज परेशान होकर चिकित्सक को खोजते नजर आए।

------------
बोले जिम्मेदार


सीएमओ डॉक्टर अभय नारायण राय ने कहा कि इस बाबत सीएमएस से वार्ता हुई है। पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी। वहीं, सीएमएस डॉक्टर एसके यादव ने बताया कि घटना बहुत दुखद है। ड्यूटी पर ट्रामा सेंटर में डॉ. मनोज कुमार व अस्पताल के इमरजेंसी में डॉ. संतोष कुमार थे। चिकित्सक न होने का आरोप है, पूरे मामले की जांच के उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

--------
खुशी का माहौल मातम में तब्दील हो गया

माल्देपुर गांव निवासी अविनाश के छोटे भाई की लड़की का मुंडन संस्कार था। घर में मंगल गीत चल रहा था, शाम को भोज-भात की तैयारी थी। इसी बीच सड़क दुर्घटना में मौत की खबर पर परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। खुशी का माहौल गम में बदल गया। पूरा गांव शोकाकुल है। घटना की सूचना पर क्षेत्र के करीब दो सौ से ज्यादा लोग अस्पताल पहुंचे थे। मौत की खबर पर पत्नी ममता देवी, दो लड़के, एक लड़की व अन्य सदस्ये बेसुध हो गए। अविनाश का सबसे बड़ा बेटा 22 वर्ष का है, वह फर्नीचर की दुकान चलाते हैं, पत्नी माल्देपुर स्कूल में शिक्षक हैं।

-----------
दिन-रात चलते हैं मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली

कोतवाली व फेफना थाना के तटवर्ती इलाकों में मिट्टी व बालू खनन होता है। प्रशासनिक संरक्षण के कारण शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती है। अक्सर मिट्टी लदे ट्रैक्टर ट्रॉली से दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती है। अविनाश के छोटे भाई ने अवैध खनन व शाम ढलते ही मिट्टी लदे ट्रैक्टर ट्रॉली चलने का आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे ही एक ट्रॅक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से भाई की मौत हुई है।

-----------
परिजनों को मऊ जाने को बरगलाते रहे दलाल

सड़क दुर्घटना में घायल अविनाश को इलाज न मिलने से दर्द से कराह रहे थे, परिजन चिकित्सक की तलाश कर रहे थे, वहीं ट्रामा सेंटर में सक्रिय दलाल व निजी एंबुलेंस चालक बेहतर इलाज की बात कह मऊ व वाराणसी लेकर चलने को लेकर परिजनों को बरगलाते रहे। परिजनों ने सक्रिय दलालों पर कार्रवाई की मांग की।

----------
ट्राॅमा के नाम पर सिर्फ ड्रामा



सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को गोल्डन आवर में बेहतर इलाज के लिए 2006 में तैयार ट्रामा सेंटर में सुविधाएं नाकाफी हैं। इसके लिए सर्जन, ईएमओ व अन्य कर्मचारियों की तैनाती हुई। लेकिन विशेष उपकरणों की यहां कमी है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सिर्फ पेट दर्द उल्टी दस्त, हार्ट अटैक सहित अन्य मरीजों का इलाज होता है। अक्सर गंभीर रूप से घायल मरीज पहले जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचते हैं तो तैनात चिकित्सक ट्राॅमा सेंटर भेज देते हैं। ट्रामा सेंटर में दो महीने पहले 60 लाख के उपकरण मिले थे, लेकिन अब तक इंस्टॉल नहीं किए गए।

-----------------------
ट्रैक्टर-ट्राॅली की चपेट में आने से बाइक सवार के घायल होेने की खबर पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची थी। ट्रैक्टर-ट्राॅली को कब्जे ले लिया गया है। चालक की खोज चल रही है, तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -- अखिलेश चंद्र पांडेय, फेफना थानाध्यक्ष।

ट्रैक्टर की जद में आने से मृतक माल्देपुर गांव निवासी अविनाश। फाइल फोटो, परिजन

ट्रैक्टर की जद में आने से मृतक माल्देपुर गांव निवासी अविनाश। फाइल फोटो, परिजन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed