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तेज हवा और बारिश से आई तापमान में गिरावट
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बलिया/बेल्थरारोड। जनपद में सोमवार 11 बजे के आसपास तेज हवा के साथ आई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के रोपाई के लिए खेतों में पानी भर रहे किसानों को काफी राहत मिली। धान की रोपाई के कार्य में तेजी आ गई है। उधर, बरसात ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के निचले क्षेत्रों की सूरत बिगाड़ दी है।
शहर काजीपुरा, मिड्ढी, स्टेडियम, पुलिस लाइन, एसपी आफिस श्रीराम बिहारी कालोनी, एससी कालेज के आसपास, विवेकानंद कालोनी आदि निचले स्थानों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलजमाव हो गया। इससे नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई। साथ ही कीचड़ और फिसलन से लोगों को फजीहत उठानी पड़ रही है। बेल्थरारोड के भी कुंडैल-बहोरवां मार्ग पर जलजमाव से दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बारिश के गंदे पानी से होकर गुजरना मजबूरी बन गई है। मालगोदाम रोड स्थित जीएमएएम इंटर कॉलेज के सामने, कुंडैल- सोनाडीह मार्ग, इमिलिया रोड और बस स्टेशन के दोनों मुख्य गेट के सामने जलजमाव है। निर्माणाधीन चौकिया मोड़ से मधुबन मार्ग होते हुए तेंदुआ तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क पर कीचड़ की वजह से लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। नालों की सफाई नहीं होने से जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। बरसात ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दिया है। कृषि कार्य के लिए बरसात को अनुकूल माना जा रहा है। किसान धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने के लिए पूरे मनोयोग से जुट गए हैं। साथ ही सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
नदी की प्रकृति में आई स्थिरता
बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे तक लाल निशान से 1.390 मीटर नीचे रहने के बाद नदी की प्रकृति में स्थिरता आ गई। उसके बाद जलस्तर में वृद्धि का क्रम शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को सुबह जलस्तर 62.620 मीटर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान 64.010 मीटर है। वहीं, अपराह्न जलस्तर 62.650 मीटर रिकॉर्ड किया गया। आयोग के अनुसार पिछले 24 घंटे तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद आधा से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि जलस्तर अभी लाल निशान से काफी नीचे है, फिर भी नदी के मिजाज में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सशंकित हैं।
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शहर काजीपुरा, मिड्ढी, स्टेडियम, पुलिस लाइन, एसपी आफिस श्रीराम बिहारी कालोनी, एससी कालेज के आसपास, विवेकानंद कालोनी आदि निचले स्थानों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलजमाव हो गया। इससे नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई। साथ ही कीचड़ और फिसलन से लोगों को फजीहत उठानी पड़ रही है। बेल्थरारोड के भी कुंडैल-बहोरवां मार्ग पर जलजमाव से दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को बारिश के गंदे पानी से होकर गुजरना मजबूरी बन गई है। मालगोदाम रोड स्थित जीएमएएम इंटर कॉलेज के सामने, कुंडैल- सोनाडीह मार्ग, इमिलिया रोड और बस स्टेशन के दोनों मुख्य गेट के सामने जलजमाव है। निर्माणाधीन चौकिया मोड़ से मधुबन मार्ग होते हुए तेंदुआ तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क पर कीचड़ की वजह से लोगों का आवागमन दूभर हो गया है। नालों की सफाई नहीं होने से जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है। बरसात ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल कर रख दिया है। कृषि कार्य के लिए बरसात को अनुकूल माना जा रहा है। किसान धान की रोपाई के लिए खेतों को तैयार करने के लिए पूरे मनोयोग से जुट गए हैं। साथ ही सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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नदी की प्रकृति में आई स्थिरता
बेल्थरारोड। सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे तक लाल निशान से 1.390 मीटर नीचे रहने के बाद नदी की प्रकृति में स्थिरता आ गई। उसके बाद जलस्तर में वृद्धि का क्रम शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार को सुबह जलस्तर 62.620 मीटर दर्ज किया गया। जबकि खतरे का निशान 64.010 मीटर है। वहीं, अपराह्न जलस्तर 62.650 मीटर रिकॉर्ड किया गया। आयोग के अनुसार पिछले 24 घंटे तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद आधा से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि जलस्तर अभी लाल निशान से काफी नीचे है, फिर भी नदी के मिजाज में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सशंकित हैं।
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