फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Fake manure being sold in the market in the name of organic fertilizer

बाजारों में जैविक उर्वरक के नाम पर बेची जा रही नकली खाद

Wed, 15 Dec 2021 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:33 PM IST
विज्ञापन
Fake manure being sold in the market in the name of organic fertilizer
बलिया। बाजारों में जैविक उर्वरक के नाम पर नकली उर्वरक की बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। कई इलाकों में तो नकली डीएपी भी बेचे जाने की शिकायत किसान कर रहे हैं। हालांकि तीन सप्ताह पहले कृषि अधिकारी ने सीमावर्ती मऊ जिले के गांव में छापा मारकर नकली डीएपी बनाने की फैक्ट्री पकड़ी थी। इसके बावजूद नकली खाद की बिक्री पर लगाम नहीं लग पा रही है।
विज्ञापन

वर्तमान में रबी फसलों की बोआई जोरों पर है लेकिन बाजारों में डीएपी की कमी के कारण कुछ दुकानदार जैविक डीएपी के नाम पर नकली खाद बेच रहे हैं। डीएपी की तरह दिखने वाली जैविक डीएपी को लेकर भरौली के किसान रामानंद व सुनील ने बताया कि यह उर्वरक खेतों में डालते ही राख की तरह हो जा रही है। यह भी बताया कि सीमावर्ती गाजीपुर के किसी गांव से लाकर बाजारों में नकली खाद धड़ल्ले से बेची जा रही है। इसकी जांच होनी चाहिए। उधर, तीन सप्ताह पहले जिला कृषि अधिकारी ने सीमावर्ती मऊ जिले के मोहनसराय गांव में छापा मार कर नकली डीएपी बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इसमें एक आरोपी भी पकड़ा गया था।
विज्ञापन

-------------------
माह में दूूसरी बार पहुंची 2650 मीट्रिक टन इफ्को डीएपी
बलिया। जिले में एक माह में दूसरी बार 2650 मीट्रिक टन इफ्को डीएपी की खेप रविवार की देर शाम में फेफना रैक प्वाइंट पर पहुंच गई। इस उर्वरक को जिले के कुल 113 सहकारी समितियों पर भेजने का काम भी सोमवार को प्रारंभ हो गया। जिला कृषि अधिकारी के अनुसार जिले में लक्ष्य के सापेक्ष डीएपी प्राप्त हो चुका है और समितियों पर किसानों को डीएपी का वितरण करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------------
डीएपी के बिक्री की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। तीन दिनों पहले ही भरौली चौराहे पर बिहार ले जा रहे डीएपी के मामले में कार्रवाई की गई है। जल्द ही छापेेमारी की जाएगी और जैविक डीएपी के नाम पर बेचे जा रहे उर्वरक की सैंपलिंग की जाएगी। जिले में डीएपी की कोई कमी नहीं है। 2650 मीट्रिक टन इफको डीएपी को सहकारी समितियों पर भेजा जा रहा है। - विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed