{"_id":"5830890f4f1c1b5936901ad8","slug":"fair-bestselling-makeup-stuff","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेले में खूब बिके श्रृंगार सामान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेले में खूब बिके श्रृंगार सामान
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:47 PM IST
विज्ञापन
मेले में खूब बिके श्रृंगार सामान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तिहासिक ददरी मेला प्रांगण में लगने वाले मीना बाजार में शनिवार को दर्शकों की भीड़ देखने लायक रही। महिलाओं ने अपने जरुरत की सामानों के साथ श्रृंगार के सामानों की खरीद फरोख्त की। वहीं युवा वर्ग झूले और चर्खी की ओर आकर्षित दिख। महिलाओं के साथ आए बच्चे अपने जिद से अभिभावकों को परेशान करते नजतर आए।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से लगने वाले ददरी मेला के मीना बाजार की रौनक भले ही हर साल की अपेक्षा फीकी हो। लेकिन हर कोई ददरी मेला घूमने की चाह में मचल उठता है। पांच सौ तथा एक हजार के बड़े नोट उनके लिए काफी दु:खदायाी है।
जिनके पास पैसे होने के बाद भी मेले में खरीदने के लिए सौ के नोट नहीं है। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मेले में आए लोगों ने विभिन्न शिविर में जाकर उनसे संबंधित जानकारी ली। बच्चों के साथ अभिभावक भी मेले का लुत्फ लेते रहे। महिलाओं के साथ आई युवतियों को अपने मनपसंद सामानों की खरीददारी में कोई दिक्कत न हो। इसके लिए सहयोगी युवतियों के सलाह पर भी खरीददारी की गई। लोगों ने मेले में मस्ती की। इस अवसर पर अनेक आयोजन किये गये जिसका आनंद लोगों ने उठाया।ं
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर पालिका प्रशासन की ओर से लगने वाले ददरी मेला के मीना बाजार की रौनक भले ही हर साल की अपेक्षा फीकी हो। लेकिन हर कोई ददरी मेला घूमने की चाह में मचल उठता है। पांच सौ तथा एक हजार के बड़े नोट उनके लिए काफी दु:खदायाी है।
विज्ञापन
जिनके पास पैसे होने के बाद भी मेले में खरीदने के लिए सौ के नोट नहीं है। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मेले में आए लोगों ने विभिन्न शिविर में जाकर उनसे संबंधित जानकारी ली। बच्चों के साथ अभिभावक भी मेले का लुत्फ लेते रहे। महिलाओं के साथ आई युवतियों को अपने मनपसंद सामानों की खरीददारी में कोई दिक्कत न हो। इसके लिए सहयोगी युवतियों के सलाह पर भी खरीददारी की गई। लोगों ने मेले में मस्ती की। इस अवसर पर अनेक आयोजन किये गये जिसका आनंद लोगों ने उठाया।ं
विज्ञापन