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भले कार्यालयों पर हैं ताले, पर सभी आफिस हैं आए

Sat, 18 Dec 2021 10:53 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Dec 2021 10:53 PM IST
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Even though there are locks on the offices, but all the offices have come
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय इन दिनों पूरी तरह बीमार चल रहा है। इसके अलावा इसके अधीनस्थ अस्पतालों का भी यही हाल है। सीएमओ कार्यालय में तैनात अधिकारी एवं बड़े बाबू समय से नहीं पहुंचते हैं। अगर कोई पहुंच गया तो उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर लगाकर पूरे दिन लापता हो जाता है। जिसके कारण सीएमओ कार्यालय आए कर्मचारियों व फरियादियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने सीएमओ कार्यालय की पड़ताल की तो हालात ऐसे ही दिखे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बलिया। मुखिया के अभाव में जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि समय से न तो चिकित्सक अस्पतालों पर पहुंचते हैं और न ही उनका स्टाफ। सीएमओ कार्यालय पर तैनात लिपिकों को अस्पताल, उपकेंद्र, चिकित्सक, स्टाफ आदि के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। आलम यह है कि सब एक दूसरे पर पटल देखने की बात अपना पिंड छुड़ा रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ आम लोगों को कैसे मिल रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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केंद्र और प्रदेश सरकार स्वास्थ्य महकमे को सुदृढ़ करने का दावा कर रही है। लेकिन धरातल पर सीएमओ कार्यालय से लेकर पूरे स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्था इन दिनों ध्वस्त नजर आ रही है। सीएमओ कार्यालय और उनके अधीनस्थ अस्पतालों की सुधि लेने वाला कोई अधिकारी नहीं है। सीएमओ कार्यालय की जब ये दुर्दशा है तो अस्पतालों में ओपीडी कैसे चल रही होगी इसका अंदाजा अपने आप लगाया जा सकता है। निगरानी और कोई पुरसाहाल नहीं नहीं होने से अस्पतालों पर ओपीडी पूर्ण रूप से नहीं चल पा रही है। वहीं, अधिकतर अस्पतालों पर इमरजेंसी सेवा पूर्ण रूप से बंद रहती है। मजबूर होकर क्षेत्रवासियों को न चाहते हुए भी उन्हें अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों के बजाय जिला अस्पताल या झोलाछाप डॉक्टरों की शरण जाना पड़ता है।
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स्थान- सीएमओ कार्यालय..
समय- 11.48 बजे:
सीएमओ कार्यालय के डिस्पैच कार्यालय में बड़े बाबू की कुर्सी खाली मिली। जिसके चलते डिस्पैच को लेने व देने का कार्य ठप था। वहीं कार्यालय में दो बाहरी लोग प्रार्थना पत्र लिखते पाए गए।
समय- 11.49 बजे:
सीएमओ कार्यालय के स्थापना कार्यालय के बड़े बाबू की कुर्सी खाली मिली। बड़ेबाबू का दूर-दूर तक पता नहीं था। जिसके चलते कर्मचारियों को बैैरंग लौटना पड़ा।
समय- 11.50 बजे:
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की कुर्सी खाली मिली। उनके कार्यालय में जिला प्रशासनिक अधिकारी डा. योगेश पांडेय उपस्थित पाए गए।
समय- 11.51 बजे:
सीएमओ कार्यालय के लेखा विभाग में तैनात बाबू की कुर्सी खाली पाई गई। जिनका दूर-दूर तक पता नहीं था। इस कार्यालय में कर्मचारी धमेंद्र कुमार पाठक उपस्थित पाए गए।
समय- 11.52 बजे:
सीएमओ कार्यालय के मेडिकल बोर्ड व अवर अभियंता कार्यालय में कर्मचारी उपस्थित पाए गए, जहां फरियादियों की सुनवाई एवं मेडिकल कागजात बनाए जा रहे थे।
समय- 11.53 बजे:
सीएमओ कार्यालय के प्रथम तल पर स्थित कमरा नंबर एक एसीएमओ के कार्यालय में ताला लटका हुआ पाया गया। पता चला कि एसीएमओ कभी आते ही नहीं है।
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समय- 11.54 बजे:
सीएमओ कार्यालय के कमरा नंबर दो में एसीमओ की कुर्सी खाली मिली। बताया कि साहब आए थे बाहर कहीं चले गए है।
समय- 11.55 बजे:
सीएमओ कार्यालय के कमरा नंबर तीन एसीएमओ परिवार कल्याण तथा कमरा नंबर चार वित्त एवं लेखाधिकारी और कमरा नंबर पांच डिप्टी सीएमओ कार्यालय में ताला लटका हुआ मिला। इसके आगे पर्दा लगाया गया था।

समय- 11.56 बजे:
सीएमओ कार्यालय के कमरा नंबर छह स्थापना लिपिक/सामान्य मेडिकल कार्यालय में भी ताला लटका मिला। जिससे सामान्य मेडिकल से जुड़े कार्य नहीं हो पा रहे हैं। वहीं सीएमओ के स्टेनो उपस्थित पाए गए।
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