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Ballia News: 12 दिनों बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ सका है गेहूं खरीद
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नगरा। जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू की गई है। नगरा क्षेत्र में चार क्रय क्रय केंद्र बनाए गए हैं। गेंहू का सरकारी रेट 2125 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 12 दिन बीतने के बाद भी खरीद का कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। चार केंद्रों पर अब तक केवल 704 क्विंटल गेंहू खरीदा गया है।
इसमें सबसे अधिक खाद्य विभाग द्वारा नगरा में संचालित क्रय केंद्र पर पांच किसानों से 406 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। पीसीएफ द्वारा संचालित साधन सहकारी समिति खारी पर एक किसान का 38 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। साधन सहकारी समिति करनी पर एक किसान से 30 क्विंटल की खरीदारी हुई है। साधन सहकारी समिति कसौंडर पर चार किसानों का 230 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
केंद्र प्रभारियों ने बताया कि किसान अपना गेहूं लेकर केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं। इसका कारण गल्ला कारोबारियों का अधिक रेट पर खेत से ही गेहूं खरीद लेना है। सरकारी रेट 2125 रुपये है जबकि कारोबारी खेत में ही जाकर 2100 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहे हैं। किसान भी सोचता है कि सरकारी क्रय केंद्र पर ले जाने पर किराया के साथ ही अन्य परेशानी उठानी पड़ेगी। इससे अच्छा है साहूकारों से तुरंत नकदी मिल जा रही है।
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विपणन निरीक्षक दानिस खान का कहना है कि केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो गयी है। इसका कारण कारोबारियों का सक्रिय होना है। जो किसान गेहूं लेकर आ रहे हैं उनकी खरीद हो रही है। साधन सहकारी समिति खारी के प्रभारी लालबाबू सिंह, करनी के प्रभारी रामाश्रय यादव व साधन सहकारी समिति कसौंडर के केंद्र प्रभारी हरेंद्र सिंह ने भी बताया कि किसान गेहूं लेकर केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं।
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इसमें सबसे अधिक खाद्य विभाग द्वारा नगरा में संचालित क्रय केंद्र पर पांच किसानों से 406 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। पीसीएफ द्वारा संचालित साधन सहकारी समिति खारी पर एक किसान का 38 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। साधन सहकारी समिति करनी पर एक किसान से 30 क्विंटल की खरीदारी हुई है। साधन सहकारी समिति कसौंडर पर चार किसानों का 230 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है।
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केंद्र प्रभारियों ने बताया कि किसान अपना गेहूं लेकर केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं। इसका कारण गल्ला कारोबारियों का अधिक रेट पर खेत से ही गेहूं खरीद लेना है। सरकारी रेट 2125 रुपये है जबकि कारोबारी खेत में ही जाकर 2100 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीद रहे हैं। किसान भी सोचता है कि सरकारी क्रय केंद्र पर ले जाने पर किराया के साथ ही अन्य परेशानी उठानी पड़ेगी। इससे अच्छा है साहूकारों से तुरंत नकदी मिल जा रही है।
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विपणन निरीक्षक दानिस खान का कहना है कि केंद्रों पर गेहूं की आवक कम हो गयी है। इसका कारण कारोबारियों का सक्रिय होना है। जो किसान गेहूं लेकर आ रहे हैं उनकी खरीद हो रही है। साधन सहकारी समिति खारी के प्रभारी लालबाबू सिंह, करनी के प्रभारी रामाश्रय यादव व साधन सहकारी समिति कसौंडर के केंद्र प्रभारी हरेंद्र सिंह ने भी बताया कि किसान गेहूं लेकर केंद्र पर पहुंच ही नहीं रहे हैं।