फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Escalation continues in Ganga and Saryu, water reached many new areas, leakage in many dams

गंगा व सरयू में बढ़ाव जारी, कई नए इलाकों में पहुंचा पानी, कई बंधों में रिसाव

Fri, 14 Oct 2022 10:45 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 10:45 PM IST
विज्ञापन
Escalation continues in Ganga and Saryu, water reached many new areas, leakage in many dams
बलिया। जिले में गंगा और सरयू के जलस्तर में बढ़ाव जारी है। नए इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई बंधों के रेगुलेटर में रिसाव हो रहा है। शुक्रवार की सुबह चांदपुर गेट पर भी जलस्तर लाल निशान को पार कर गया।
विज्ञापन

बेल्थरारोड में भी सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी है। शुक्रवार की शाम जलस्तर 65.560 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो लाल निशान से 1.55 मीटर अधिक है। गाय घाट गेज पर गंगा का जलस्तर लाल निशान के करीब है। यहां लाल निशान 57.615 मी पर है और गंगा का जलस्तर 57.07 मी पर पहुंच चुका है। सिकंदरपुर क्षेत्र के डूहा बिहरा में बने बंधे से रिसाव होने से क्षेत्र के लोग चिंतित हैं। इसके अलावा, कोइली मोहान रेगुलेटर, तुर्तीपार-टंगुनिया बांध में रिसाव होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची और बंधा सुरक्षित करने के लिए तत्काल कार्य शुरू कराने को कहा।
विज्ञापन

डूहा-बिहरा बांध में रिसाव, कराई गई मरम्मत
नवानगर/सिकंदरपुर। लखीमपुर खीरी स्थित गिरजा बैराज से 7.68 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे स्थानीय तहसील क्षेत्र के डूहा-विहरा, कठौड़ा, निपनिया और खरीद में बाढ़ का पानी घुसने से हालात काफी बिगड़ गया है। अनवरत बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। उधर, बिहरा में रिंग बंधे में शुक्रवार की सुबह रिसाव शुरू होने के बाद इलाके में खलबली मच गई। लोगों के जेहन में 1998 की भयावहता उभर आई। ग्रामीण अपने स्तर से रिसाव को रोकने के प्रयास में जुट गए। वहीं, बंधे में रिसाव की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो उठा। विभागीय अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी सौम्य अग्रवाल ने मौके का निरीक्षण किया। बढ़ते जलस्तर और दबाव को देखते हुए रिसाव रोकने को लेकर के लिए युद्धस्तर से कार्य शुरू कर दिया गया है। बालू और गिट्टी डालकर रिसाव को तत्काल रोक दिया गया है। नदी के रुख को देखकर ग्रामीण काफी दहशत में हैं। स्थानीय निवासी दिनेश राजभर, अजय सिंह, मीना देवी, बालजीत ने बताया कि बीती रात से जलस्तर काफी तेजी से बढ़ रहा है। यदि स्थिति रही तो हालात काफी बदतर हो जाएगी। जिलाधिकारी के साथ एसपी राजकरन नय्यर, अधिक्षण अभियंता बाढ़ खंड संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड प्रथम सीबी पटेल, सहायक अभियंता इंद्रासन कुमार गौतम, जेई राजेश कुमार राव और गणेश यादव भी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

बस्तियों में पानी घुसने से लोगों की बढ़ी परेशानी
नवानगर। सरयू के जलस्तर में बढ़ाव के कारण क्षेत्र के कठौड़ा स्थित मल्लाह बस्ती और निपनिया गांव के दर्जनों परिवार बंधे पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति कठौड़ा के मल्लाह बस्ती की है। यहां के ढाई दर्जन घरों में करीब दो फुट पानी घुस गया है। इससे शिवरतन, नवरंगी, सुकई, प्रह्लाद, दूधनाथ, बजरंगी, शिवबजन, मानिकचंद, जालिम और जुलुम सहित अन्य परिवार सड़क पर आ गए है। लगभग यही स्थिति निपनिया की भी है। यहां गांव में बाढ़ का पानी घुसने से एक दर्जन परिवारों के सामने संकट पैदा हो गया है।
चांदपुर गेज पर भी सरयू ने किया लाल निशान पार
रेवती। टीएस बंधा स्थित दतहां चट्टी के उत्तर स्थित नदी के पेटे में ऊपर की ओर उभरा हुआ एक भूखंड है। जहां से टकराकर नदी सरयू दो भागों में बंट जा रही है। इसकी एक धारा बिहार के तरफ होकर बह रही है तथा दूसरी धारा स्थानीय क्षेत्र के टीएस बंधा से टकराते हुए पूरब की ओर निकल जाती है। नदी की दक्षिणी धारा बैक रोल करते हुए टीएस बंधा के डेंजर जोन पर आकर इन दिनों बुरी तरह टकरा रही है। इस रफ्तार से नदी डेंजर जोन से टकराते हुए आगे बढ़ रही है उससे बंधा के ठीक सटे बसे तिलापुर वासियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। उक्त गांव के निवासियों ने बताया कि नदी के तेज बहाव के चलते बंधा के 69.400 किमी के समीप बंधा के नदी की तरफ निचले स्तर पर के कुछेक बोल्डर नदी के पेटा में समा गए हैं।
टीएस बंधा के उत्तर ग्रामीणों की कठिनाइयां बढ़ीं
रेवती। सरयू का पानी के बढ़ने के चलते बंधा के उत्तर स्थित गांव नौकागांव, देवपुर,धूप नाथ का डेरा, बैजनाथ का डेरा आदि के बाशिंदे घोर कठिनाइयों में घिरे पड़े हैं। नौकागांव को जाने वाला टीएस बंधा संपर्क मार्ग गांव के पास बाढ़ के पानी से जलमग्न हो चला है जिसके कारण लोगों को पानी से होकर गुजारना पड़ता है। गांव के चारो तरफ पानी से घिरे होने के चलते विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, विद्यार्थियों, वृद्ध जनों को घोर कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
उधर, देवपुर गांव के बिंद तथा पासवान बस्ती के लोगों की दुश्वारियां का अंत नहीं है। इस बस्ती के प्रकार बिंद, मनु, विश्वकर्मा, गामा, बालाजी, सुग्रीव बिंद, अंगद बिन्द सहित भोला पासवान, दिलीप पासवान, पतरू, सुनील, जय नारायण, मुकेश कमलेश पासवान आदि ने बताया कि चार दिनों से बाढ़ के पानी से बस्ती घिरी पड़ी है। इसके कारण घरों से निकलना भी मुश्किल है। नित्य की क्रियाओं में भी विभिन्न प्रकार की कठिनाइयां हो रही हैं। बस्ती की बिन्दा, कलावती, अतवारो, संजू देवी आदि ने बताया कि बस्ती किनारे स्थित घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है जिसके कारण तख्त पर गैस सिलेंडर तथा चूल्हा रख कर उसी पर बैठकर किसी प्रकार भोजन पक रहा है।
--------------------
उफनाई सरयू मचा रही तबाही
बेल्थरारोड। उफनाई सरयू नदी की लहरों ने रौद्र रूप अख्तियार कर तबाही मचाना शुरू कर दिया है। डेंजर जोन में बसे गांवों की हालत खराब है। पशुपालक परेशान हैं। लाल निशान से डेढ़ मीटर से अधिक ऊपर बहने वाली नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। नदी का पानी हाहानाला से हल्दीरामपुर तक कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में फैल गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम जलस्तर 65.560 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.010 मीटर से 1.55 मीटर अधिक है। आयोग में कहना है कि एक- एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में वृद्धि जारी रहने का पूर्वानुमान किया है। हाहानाला, तुर्तीपार, हल्दीरामपुर रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। टीएस बंधा पर न दी का पानी जमीन से करीब पांच फीट ऊपर तक पहुंच गया है। चैनपुर गुलौरा, तुर्तीपार आदि स्थानों के कब्रिस्तान पानी में डूब गए हैं। बंधा पर शवों की अंत्येष्टि की जा रही है। हाहानाला टगुनिया राजभर बस्ती के दर्जनों ग्रामों में बाढ़ का पानी घुस गया है। चैनपुर गुलौरा के प्रधान का घर तीन तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। गुलौरा के यादव बस्ती और मल्लाह बस्ती के लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। पशुपालक अपने पशुओं को बंधा पर शरण लेने को मजबूर हैं। टीएस बंधा क्षतिग्रस्त हो गया है। कई स्थानों पर बंधा कटने के कगार पर है। कोइली मोहान ताल और गौरी ताल से जुड़े गांवों की फसल पानी में डूब कर नष्ट हो गई है। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। सोनौली- बलिया राजमार्ग से सटकर पानी बह रहा है। तुर्तीपार जाने वाले कई संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से तटवर्ती क्षेत्रों में खलबली मच गई है।
उधर, जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने शुक्रवार को सरयू नदी के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान एसपी राजकरन नय्यर और एसडीएम दीपशिखा सिंह भी मौजूद रहीं। डीएम ने हाहानाला-तुर्तीपार बंधा पर चैनपुर के पास नदी के कहर को नजदीक से देखा। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से राहत और बचाव के लिए मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए। सरयू में बाढ़ का कहर इस बार 1998 के तांडव की याद दिला रहा है। 1998 में अधिकतम नदी का जलस्तर 66.00 मीटर था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार हेड पर इस बार नदी का जलस्तर 65.560 मीटर तक पहुंच गया है और अभी भी एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से नदी में बढ़ाव जारी है। टंगुनिया, गुलौरा, मुजौना, तुर्तीपार की आंशिक आबादी बाढ़ की चपेट में आ गई है। तहसील प्रशासन ने तुर्तीपार, चैनपुर और टंगुनिया गांव में करीब 14 नाव की व्यवस्था की है। शुक्रवार की सुबह में ही एसडीएम दीपशिखा सिंह ने भी टंगुनिया के तटवर्ती इलाकों में नाव से बाढ़ का जायजा लिया। इस दौरान टंगुनिया के प्रधान प्रतिनिधि महेश यादव भी मौजूद रहे।
------------------------
श्मशान स्थल डूबने से बढ़ी परेशानी
चौकिया मोड़। पिछले कई दिनों से खतरे के निशान से एक मीटर से ऊपर बहने वाली घाघरा नदी की उफनती लहरों ने तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। नदी का पानी बस्तियो में घुसने लगा है। जबकि तुर्तीपार श्मशान घाट भी पूरी तरह से डूब गया है। इसके डूब जाने की स्थिति में लोग बंधे पर ही मृतकों का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। हल्दीरामपुर गांव स्थित कोइली मोहान ताल के जल निकासी के लिए बने नदी पर जल का अधिक दबाब होने की वजह से नदी का काफी मात्रा में पानी लगातर ताल की ओर जा रहा है। जिससे ताल के तटवर्ती इलाके में बसे लोगों को 1998 की प्रलंयकारी बाढ की याद दिलाने शुरू कर दिया है।
---------------------------
गंगा की लहरों से स्पर में पड़ा दरार, गांवों में दहशत
मझौवां। गंगा नदी का तेवर लगातार पाचवीं बार तल्ख होता दिख रहा है। नदी में बढ़ाव जारी है। गंगा नदी की लहरें वार्निंग लेवल को पार कर खतरा बिंदु की ओर बढ़ रही है। केन्द्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर शुक्रवार की दोपहर 12 बजे 57.170 मीटर रिकॉर्ड किया गया, यहां खतरा बिंद 57.615 मी. है। वहीं, नदी के जलस्तर में कभी दो सेमी तो कभी तीन सेमी प्रतिघंटे का बढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। जिससे फ्लड एरिया के गांवों में दहशत का माहौल हैै।
गंगा नदी के अचानक जलस्तर बढ़ने से किसानों के चेहरे पर मायूसी छाने लगी हैं। केंद्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर 2016 में हाईलेबल 60.390 मीटर दर्ज किया गया था। इसको देखते हुए बाढ़ की प्रबल स्थिति बनती जा रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण नदी की बैक रोलिंग धारा का दबाव सीधे बलिया-बैरिया मार्ग के किलोमीटर 27.990 पर बने अधूरे स्पर पर बन रहा है। इससे स्पर में दरार पड़ गई है। वहीं एनएच-31को बचाने के लिए गंगापुर से लेकर सुघर छपरा तक तीन स्पर पर बनाए गए हैं। इन ठोकरों को रिवेटमेंट के कार्य से भी जोड़ा गया था। लेकिन मानक के अनुरूप कार्य न होने के कारण हर जगह यह रिवेटमेन्ट का कुछ हिस्सा गंगा की लहरों में समा चुका है। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के कारण सोनार टोला के समीप बने आधे अधूरे पीचिंग कार्य ध्वस्त होता जा रहा है। यह स्थिति देख बाढ़ विभाग के अंदरखाने में हलचल मच गई है। बाढ़ के पानी से नचिले इलाकों में पचरुखिया, मझौवां, धर्मपुरा, शुक्ल छपरा, बेलहरी, रुद्रपुर, गायघाट तक के पांच सौ एकड़ फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। जिससे परवल, मिर्च, भिंडी की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। उधर, चौबे छपरा से लेकर दूबे छपरा तक के कटानरोधी कार्य में धड़ल्ले से मानक की धज्जियां उड़ाई गई थीं लिहाजा गंगा नदी की उफनती लहरों के आगे पीचिंग का कार्य लगभग 80 प्रतिशत तक ध्वस्त हो चुका है। उधर नदी अपना दिन प्रतिदिन उग्ररूप धारण करना शुरू कर दी है फिर भी बाढ़ विभाग चैन की नींद सो रहा है। अगर नदी का जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो एनएच-31 के लिए घातक साबित हो सकता है।

-----------------
पांचवी बार गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
दया छपरा। गंगा नदी का तेवर लगातार पांचवीं बार भी कुछ कम नहीं होता दिखाई दे रहा है। केवल धारा ऊपर से शांत लग रहा है। कहीं फिर से पलटवार न करें यह सोच तटवर्ती इलाके के लाग सहमे हुए हैं। दुबेछपरा के ग्रामीणों को बाढ का भय आज फिर से सताने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed