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Ballia News: खाद्यान घोटाले में ईओडब्ल्यू ने पूरी की जांच, सचिवों पर होगी कार्रवाई
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करीब दो दशक पहले जिले में हुए करोड़ों के खाद्यान घोटाले में कई तत्कालीन सचिवों पर कार्रवाई हो सकती है। ईओडब्ल्यू आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ओर से रिपोर्ट का इंतजार विभागीय अधिकारी कर रहे हैं। बताया जाता है कि ईओडब्ल्यू ने कई मुकदमों की जांच पूरी कर ली है।
जिले के बहुचर्चित करोड़ों के खाद्यान घोटाले की जांच बीते करीब दो दशक से चल रही है। जिले में कुल 51 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें से 43 मुकदमे की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। ईओडब्ल्यू की ओर से समय-समय पर गिरफ्तारी आदि भी की गई है। बीते तीन वर्षों में ईओडब्ल्यू 200 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बताया जाता है कि ईओडब्ल्यू की ओर से जांच काे अंतिम रुप दिया जा रहा है। कई मुकदमों की जांच पूरी हो चुकी है और इसमें कई तत्कालीन सचिव दोषी भी मिले हैं। हालांकि अधिकांश तत्कालीन सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं तो कइयों का निधन भी हो चुका है। दोषी मिले कई सचिवों पर कार्रवाई तय है। हालांकि इसको लेकर अधिकारी ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
यह है मामला
वर्ष 2002-03 से वर्ष 2005-06 के बीच संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत करोड़ों के खाद्यान घोटाले का मामला सामने आया। वर्ष 2005 में सबसे पहले सीबीसीआईडी ने 17 ब्लॉकों में हुई गड़बड़ी को देखते हुए अलग-अलग थानों में कुल 51 मुकदमे दर्ज कर जांच शुरु कर दी। इन मुकदमों में 2002-03 से वर्ष 2005-06 के बीच रहे सभी सीडीओ, पीडी, डीडीओ, बीडीओ, तहसीलदार, पूर्ति निरीक्षक, कोटेदार, ट्रांसपोर्टर, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव आदि समेत कुल 6055 अधिकारियों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। जांच शुरु होते ही जिले में हड़कंप मच गया और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा। इसके बाद इस जांच को शासन ने ईओडब्ल्यू को दे दी। इसी बीच जिले के कुछ लोगों ने इस घोटाले की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने आठ मुकदमों को अपने अधीन लेते हुए जांच शुुरु कर दी। उधर, ईओडब्ल्यू वाराणसी की ओर से 43 मामलों की जांच की जा रही है। कई मामलों में ईओडब्ल्यू की ओर से समय समय पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। रिपोर्ट में जो भी दोषी हाेंगे उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश मणि त्रिपाठी, पीडी, डीआरडीए, बलिया।
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जिले के बहुचर्चित करोड़ों के खाद्यान घोटाले की जांच बीते करीब दो दशक से चल रही है। जिले में कुल 51 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें से 43 मुकदमे की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। ईओडब्ल्यू की ओर से समय-समय पर गिरफ्तारी आदि भी की गई है। बीते तीन वर्षों में ईओडब्ल्यू 200 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। बताया जाता है कि ईओडब्ल्यू की ओर से जांच काे अंतिम रुप दिया जा रहा है। कई मुकदमों की जांच पूरी हो चुकी है और इसमें कई तत्कालीन सचिव दोषी भी मिले हैं। हालांकि अधिकांश तत्कालीन सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं तो कइयों का निधन भी हो चुका है। दोषी मिले कई सचिवों पर कार्रवाई तय है। हालांकि इसको लेकर अधिकारी ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
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यह है मामला
वर्ष 2002-03 से वर्ष 2005-06 के बीच संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत करोड़ों के खाद्यान घोटाले का मामला सामने आया। वर्ष 2005 में सबसे पहले सीबीसीआईडी ने 17 ब्लॉकों में हुई गड़बड़ी को देखते हुए अलग-अलग थानों में कुल 51 मुकदमे दर्ज कर जांच शुरु कर दी। इन मुकदमों में 2002-03 से वर्ष 2005-06 के बीच रहे सभी सीडीओ, पीडी, डीडीओ, बीडीओ, तहसीलदार, पूर्ति निरीक्षक, कोटेदार, ट्रांसपोर्टर, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव आदि समेत कुल 6055 अधिकारियों व कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया। जांच शुरु होते ही जिले में हड़कंप मच गया और मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा। इसके बाद इस जांच को शासन ने ईओडब्ल्यू को दे दी। इसी बीच जिले के कुछ लोगों ने इस घोटाले की सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दिया। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने आठ मुकदमों को अपने अधीन लेते हुए जांच शुुरु कर दी। उधर, ईओडब्ल्यू वाराणसी की ओर से 43 मामलों की जांच की जा रही है। कई मामलों में ईओडब्ल्यू की ओर से समय समय पर कार्रवाई की जा चुकी है।
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ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। रिपोर्ट में जो भी दोषी हाेंगे उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- उमेश मणि त्रिपाठी, पीडी, डीआरडीए, बलिया।