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लागू की जाए पुरानी पेंशन नीति
ब्यूरो/अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 29 May 2016 11:57 PM IST
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आल टीचर्स एंपलाइज वेलफेयर की बैठक में बोलते प्रदेश मीडिया प्रभारी रेवती रमण शर्मा।
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आल टीचर्स एंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा पेंशन बचाओ मंच) के पदाधिकारियों की बैठक रविवार को आयोजित की गई। जिसमें वक्ताओं ने अपने पुराने पेंशन नीति को बहाल करने की मांग को दोहराया।अटेवा के प्रदेश मीडिया प्रभारी रेवती रमण शर्मा कहा कि अटेवा पेंशन बचाओ मंच का एक मात्र मुद्दा एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक/कर्मचारियों को पेंशन दिलाना है।
अभी हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने पुराने पेंशन को बहाल करने के लिए कमेटी गठित कर सत्ता पर दोबारा कब्जा जमा लिया है। कहा कि कर्मचारियों तथा शिक्षकों का नवीन पेंशन नीति के चलते हजारों करोड़ रुपये शेयर बाजार में चला जाता है। जिसका लाभ उद्योगपतियों को मिलता है। सूबे के नौ लाख शिक्षक/ कर्मचारियों के अंशदान से हजारों करोड़ रुपये की आमदनी प्रदेश सरकार को होगी। जिससे देश और प्रदेश का विकास होगा।
जिला संयोजक उमेश कुमार तिवारी ने कहा कि जब देश के तीन राज्य केरल, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा तथा तमिलनाडु में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं। बैठक में रमेश सिंह, आशुतोष ओझा, बब्बन, राजकुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार उपाध्याय, अनुभव कुमार सिंह, जयप्रकाश पांडेय, आदर्श, नीलेश मिश्र, रामरतन यादव आदि मौजूद रहे।
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अभी हाल ही में तमिलनाडु सरकार ने पुराने पेंशन को बहाल करने के लिए कमेटी गठित कर सत्ता पर दोबारा कब्जा जमा लिया है। कहा कि कर्मचारियों तथा शिक्षकों का नवीन पेंशन नीति के चलते हजारों करोड़ रुपये शेयर बाजार में चला जाता है। जिसका लाभ उद्योगपतियों को मिलता है। सूबे के नौ लाख शिक्षक/ कर्मचारियों के अंशदान से हजारों करोड़ रुपये की आमदनी प्रदेश सरकार को होगी। जिससे देश और प्रदेश का विकास होगा।
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जिला संयोजक उमेश कुमार तिवारी ने कहा कि जब देश के तीन राज्य केरल, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा तथा तमिलनाडु में पुरानी पेंशन बहाल हो सकती है तो उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं। बैठक में रमेश सिंह, आशुतोष ओझा, बब्बन, राजकुमार गुप्ता, राजेंद्र कुमार उपाध्याय, अनुभव कुमार सिंह, जयप्रकाश पांडेय, आदर्श, नीलेश मिश्र, रामरतन यादव आदि मौजूद रहे।
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