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पोखरे व गड़हियों से नहीं हट पा रहा अतिक्रमण, गहराती जा रही जल निकासी की समस्या

Wed, 06 Jan 2021 09:38 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2021 09:38 PM IST
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Encroachment cannot be removed from puddles and pits, deepening drainage problem
बलिया। लाख प्रयास के बावजूद गांवों में दशकों पहले के पोखरे व गड़हियों पर किए गए अतिक्रमण नहीं हट पा रहे हैं। इसके चलते जल निकासी की समस्या गहराती जा रही है और घरों का पानी सड़कों पर ही बहता है। शिकायतों के बावजूद राजस्व विभाग अतिक्रमण करने वाले दबंगों के खिलाफ कार्रवाई से हिचकता है।
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जल संरक्षण को लेकर जहां नए तालाब खोदवाने की कवायद की जा रही है वहीं पुराने जमाने के पोखरे व गड़हियों पर अतिक्रमण जारी है। इतना ही नहीं कई गांवों में तो गड़हियों का अस्तित्व भी समाप्त हो चुका है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्देश भी है कि पुराने तालाब, पोखरे, कुंआ आदि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया जाए। लेकिन इसके बावजूद राजस्व विभाग उदासीन बना हुआ है। पोखरे व गड़हियों पर अतिक्रमण के कारण गांवों में स्थित घरों के पानी की निकासी विकराल रुप ले चुकी है। कई जगहों पर तो सड़कों पर पानी बहता है और बरसात के दिनों में तो नारकीय स्थिति बन जाती है। बतौर उदाहरण सोहांव ब्लॉक के भरौली व गोविंदपुर गांव के सामने एनएच 31 पर घरों का पानी गिरता है क्योंकि अधिकांश गड़हियों पर लोगों ने कब्जा कर घर का सहन बना लिया है। इन गांवों के लोगों की ओर से सैकड़ों बार शिकायत की गई लेकिन अधिकारी अतिक्रमण हटाने को लेकर गंभीर नहीं रहे। इसी तरह अन्य अधिकांश गांवों में सदियों पुराने पोखरे व गड़हियां अतिक्रमण की चपेट में हैं।
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केस-1
सोहांव ब्लॉक के सरायकोटा गांव में पोखरे का भीटा, खाद का गड्ढा व ग्रामसभा की जमीन पर बीते दो दशक से दबंगों का कब्जा है। वर्ष 2005 में तत्कालीन एसडीएम ने मामले की जांच कराई और गांव के कुल 21 लोगों पर 1.75 लाख का जुर्माना तय करते हुए सार्वजनिक जमीन से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया। लेकिन आज भी यह आदेश तहसील के ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
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केस-2
छह साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
छह साल पहले सोहांव ब्लॉक के अमांव गांव के तत्कालीन लेखपाल ने पांच लोगों के खिलाफ 115 सी की रिपोर्ट तहसील को देकर बताया कि इन लोगों ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर नुकसान पहुंचाया है। वर्ष 2014 में तहसील प्रशासन ने सभी पांच लोगों पर कुल 62 हजार का जुर्माना लगाते हुए बेदखली का आदेश दिया। लेकिन यह आदेश भी तहसील के ठंडे बस्ते में है।

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तालाब व पोखरे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार चल रही है। इस बाबत सभी एसडीएम को भी निर्देश दिया गया है। पुराने तालाबों के मामले में भी सभी एसडीएम से रिपोर्ट मंगा कर कार्रवाई की जाएगी।
- राम आसरे, एडीएम, बलिया।
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