फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Earlier the pillar was found crooked, even after repairing there was a defect in the bridge worth Rs. 206 crores.

Ballia News: पहले पिलर मिला था टेढ़ा, दुरुस्त करने के बाद भी 206 करोड़ के पुल में खामी

Tue, 25 Feb 2025 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Feb 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
Earlier the pillar was found crooked, even after repairing there was a defect in the bridge worth Rs. 206 crores.
बैरिया। 206 करोड़ रुपये से 19 पिलर के मांझी रेल पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद भी इस पुल से ट्रेनों के आवागमन पर पेच फंसा है। पहले पिलर टेढ़ा मिला था।
विज्ञापन

कार्यदायी संस्था गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के अनुसार गोरखपुर की टेक्निकल टीम ने जांच में खामी पाई थी। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी गई थी। अब दिल्ली रेलवे बोर्ड ने टेक्निकल जांच टीम गठित की है। जांच टीम के टेक्निकल एक्सपर्ट की जांच के बाद ही यह तय होगा कि इस पुल से ट्रेनों का संचालन कब शुरू होगा।
विज्ञापन

रेलवे कंस्ट्रक्शन के अधिशासी अधिकारी शशिकांत सिंह ने मार्च 2024 को सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए निर्माणाधीन मांझी रेल पुल से इंजन रोलिंग का कार्य सम्पन्न होने की सूचना दी थी। बताया था कि सीआरएस के निरीक्षण से पूर्व या उसी दिन बकुल्हा में कट कनेक्शन किया जाएगा और पुल से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के आईओडब्ल्यू उपेन्द्र सिंह ने बताया कि शुरू में ब्रिज का पिलर टेढ़ा हुआ था, जिसे दुरुस्त कर लिया गया है। ब्रिज के निर्माण कार्य में सिर्फ गाइड-1 का कार्य बाकी है। यह तो दो माह में पूरा हो जाएगा। इस बीच गोरखपुर की टेक्निकल जांच टीम को ब्रिज में खामी मिली है, जिसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी गई है। गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के डिप्टी चीफ इंजीनियर पंकज पांडेय ने बताया कि ब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा है, लेकिन रेलवे बोर्ड ने टेक्निकल जांच टीम गठित की है। टीम की जांच के बाद ही पता चलेगा कि ब्रिज में क्या खामी है या फिर यह पता चलेगा कि कब इस ब्रिज से ट्रेनों का आवागमन शुरू होगा। रेलवे बोर्ड से गठित टेक्निकल जांच टीम में रिटायर्ड जीएम स्तर के अधिकारी, हाई प्रोफाइल टेक्निकल एक्सपर्ट होते हैं।

वर्ष 2012 में मांझी सरयू नदी पर डबल लाइन का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। तत्कालीन रेलमंत्री लालू यादव के प्रस्ताव पर यह कार्य शुरू हुआ जो विलंबित होता गया। काफी प्रतीक्षा के बाद मांझी रेलवे पुल बनकर लगभग तैयार हो चुका है। फिर भी इस पुल से ट्रेनों के आवागमन पर ग्रहण लगा है। यूपी बिहार को जोड़ने वाली और डबल लाइन पुल 1120 मीटर लंबा और 14 मीटर चौड़ा है, जो ब्रिज नंबर 16 के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed