{"_id":"64f37d4d25451eba59061fa6","slug":"due-to-erosion-two-houses-got-submerged-in-saryu-chaos-broke-out-in-the-colony-ballia-news-c-190-1-svns1007-2719-2023-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: कटान से दो मकान सरयू में समाहित, बस्ती में मची भागमभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: कटान से दो मकान सरयू में समाहित, बस्ती में मची भागमभाग
विज्ञापन
बैरिया। गोपालनगर टाड़ी बस्ती में सरयू की उफनाती लहरों के दबाव से शनिवार को भीरुग यादव और स्वामीनाथ यादव सहित दो लोगों का मकान नदी में विलीन हो गया। वहीं, शिवजी यादव, बच्चा यादव, केदार यादव, काशीनाथ यादव और किसुनी यादव सहित पांच लोगों के मकान का आधा से अधिक हिस्सा नदी में गिर गया। इससे बस्ती में चारों तरफ भागमभाग की स्थिति रही। कटान पीड़ित लोग इससे काफी परेशान रहे।
क्षेत्रीय लेखपाल राजू यादव ने बताया कि शनिवार की सुबह ही भीरुग व स्वामीनाथ का मकान नदी में गिर गया है। किसुनी, काशीनाथ सहित पांच लोगों के मकान का आधा से अधिक हिस्सा ही अभी सरयू में समा गया है। कटान के कारण कभी चहल-पहल, हंसी-ठिठौली के बीच जीवनयापन करने वाली महिलाएं आंखों में आंसू लिए सामान समेट घर से निकलकर सड़क किनारे डेरा डालने को मजबूर है।
कटान पीड़ितों का कहना है कि सरयू ने हमारा आसरा छीन लिया। अब हमारे बच्चे, घर के बुजुर्ग कहा रहेंगे, क्या खाएंगे, यह मत पूछो तो अच्छा है क्योंकि हमारे पास कोई जवाब नहीं है। शुक्रवार को सरयू नदी की लहरों ने कुछ नुकसान नहीं किया तो हम कटान पीड़ित कुछ राहत की सांस लिए थे लेकिन शनिवार को तबाही मचाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
सरयू के कटान पीड़ितों के बीच चौबीसों घंटे तहसील के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक डेरा डाले हुए हैं। उनकी परेशानियों को हर संभव समाधान करने का प्रयास हो रहा है। राशन कीट और त्रिपाल वितरण हो चुका है। सात लोगों को आवासीय पट्टा दिया गया है। अन्य लोगों को भी दिया जाएगा। राहत पोर्टल के माध्यम से मुआवजा भी दिया जा रहा है। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया
विज्ञापन
क्षेत्रीय लेखपाल राजू यादव ने बताया कि शनिवार की सुबह ही भीरुग व स्वामीनाथ का मकान नदी में गिर गया है। किसुनी, काशीनाथ सहित पांच लोगों के मकान का आधा से अधिक हिस्सा ही अभी सरयू में समा गया है। कटान के कारण कभी चहल-पहल, हंसी-ठिठौली के बीच जीवनयापन करने वाली महिलाएं आंखों में आंसू लिए सामान समेट घर से निकलकर सड़क किनारे डेरा डालने को मजबूर है।
विज्ञापन
कटान पीड़ितों का कहना है कि सरयू ने हमारा आसरा छीन लिया। अब हमारे बच्चे, घर के बुजुर्ग कहा रहेंगे, क्या खाएंगे, यह मत पूछो तो अच्छा है क्योंकि हमारे पास कोई जवाब नहीं है। शुक्रवार को सरयू नदी की लहरों ने कुछ नुकसान नहीं किया तो हम कटान पीड़ित कुछ राहत की सांस लिए थे लेकिन शनिवार को तबाही मचाना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
सरयू के कटान पीड़ितों के बीच चौबीसों घंटे तहसील के लेखपाल, राजस्व निरीक्षक डेरा डाले हुए हैं। उनकी परेशानियों को हर संभव समाधान करने का प्रयास हो रहा है। राशन कीट और त्रिपाल वितरण हो चुका है। सात लोगों को आवासीय पट्टा दिया गया है। अन्य लोगों को भी दिया जाएगा। राहत पोर्टल के माध्यम से मुआवजा भी दिया जा रहा है। - आत्रेय मिश्र, उपजिलाधिकारी, बैरिया