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बूंदाबांदी से बढ़ी परेशानी
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 03 Jan 2015 10:50 PM IST
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जनपद में शनिवार को भी बूंदाबांदी जारी रहा। आसमान में बादलों का पहरा होने से गलन कुछ हद तक कम होने के साथ कुहासा गायब रहा। बिना टोपी, मफलर के युवाओं को मस्ती करते देखा गया। ठंड से दुबके रहने वाले लोग अलसुबह ही उठकर चहलकदमी शुरू कर दिए थे।
पूरे दिन आसमान में काले बादलों के छाए रहने से भगवान सूर्य का दीदार तक नहीं हो सका। कीचड़ आदि के चलते लोगों को सड़क पर भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बादल छंटने के बाद ठंड, गलन और तेज हो सकती है।
नगर में रिमझिम बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से सड़कें पट गई हैं। पूरे दिन लोग घर में दुबके रहे। रूक-रूककर बारिश होती रही। सुबह में बूंदाबांदी होने के बाद दोपहर तक मौसम ठीक रहा, लेकिन एक बजे से पुन: बूंदाबांदी होने से बाजार में सन्नाटा पसर गया।
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यही हाल ज्यादातर ग्रामीण इलाके में भी देखने को मिला। नरहीं संवाददाता के अनुसार मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से क्षेत्र के बुजुर्ग कड़ाके की ठंड का संकेत बता रहे हैं।
बुजुर्ग एवं प्रगतिशील किसान बैकुंठनाथ राय के अनुसार इस साल लगातार एक माह घना कोहरा होने के बाद अचानक बारिश हो जाने, तेज गलन और ठंड का दस्तक देना तय है।
ऐसे में किसानों की खेती पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि खुले आसमान के नीचे खेतों में काम करना जान को जोखिम में डालने के समान है।
यही बात पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एके सेन की भी है। सागरपाली संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में युवक इस मौसम का जमकर आनंद ले रहे हैं। खाली स्थानों पर जहां जलभराव हुआ है, वहीं खुले मैदान में जमकर फुटबाल खेल रहे हैं। सड़कों पर कीचड़ से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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पूरे दिन आसमान में काले बादलों के छाए रहने से भगवान सूर्य का दीदार तक नहीं हो सका। कीचड़ आदि के चलते लोगों को सड़क पर भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो बादल छंटने के बाद ठंड, गलन और तेज हो सकती है।
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नगर में रिमझिम बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव और कीचड़ से सड़कें पट गई हैं। पूरे दिन लोग घर में दुबके रहे। रूक-रूककर बारिश होती रही। सुबह में बूंदाबांदी होने के बाद दोपहर तक मौसम ठीक रहा, लेकिन एक बजे से पुन: बूंदाबांदी होने से बाजार में सन्नाटा पसर गया।
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यही हाल ज्यादातर ग्रामीण इलाके में भी देखने को मिला। नरहीं संवाददाता के अनुसार मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से क्षेत्र के बुजुर्ग कड़ाके की ठंड का संकेत बता रहे हैं।
बुजुर्ग एवं प्रगतिशील किसान बैकुंठनाथ राय के अनुसार इस साल लगातार एक माह घना कोहरा होने के बाद अचानक बारिश हो जाने, तेज गलन और ठंड का दस्तक देना तय है।
ऐसे में किसानों की खेती पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। क्योंकि खुले आसमान के नीचे खेतों में काम करना जान को जोखिम में डालने के समान है।
यही बात पटना मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एके सेन की भी है। सागरपाली संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में युवक इस मौसम का जमकर आनंद ले रहे हैं। खाली स्थानों पर जहां जलभराव हुआ है, वहीं खुले मैदान में जमकर फुटबाल खेल रहे हैं। सड़कों पर कीचड़ से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।