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गर्मी में नाले चोक, बरसात मे मुसीबत का डर
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0गर के वीर लोरिक स्पोर्ट स्टेडियम के समीप सफाई के अभाव में ओवर फ्लो हो रहा नाला।
- फोटो : BALLIA
बलिया। बरसात सिर पर है। गंदगी से चोक पड़े नाले शहरवासियों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। अभी तक नगर पालिका ने इनकी सफाई नहीं कराई। कुछ नाले क्षतिग्रस्त भी हैं, इनको सही नहीं कराया गया। कई जगह नालों के पानी का निकास पूरी तरह से बंद पड़ा है। यही नाले शहर के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन सकते हैं, क्योंकि ये नाले शहर के अंदर हैं और इन्हीं की हालत सबसे ज्यादा खराब है। अगर जून से पहले नाले साफ नहीं हुए तो इन चोक नालों का गंदा पानी लोगों के घरों में घुसेगा। बरसात पूर्व नालों की सफाई की योजना इस बार भी कागजी फरमान साबित
होती दिख रही है। नगर के 25 छोटे-बड़े नालों में अब तक महज चार नालों की सफाई का कार्य हो सका है। शेष नालों का अभी तक सिल्ट तक नहीं निकाल पाया है। नगर पालिका परिषद ने इसके लिए 50 लाख रुपये का टेंडर किया है। वहीं,आने वाले कुछ दिनों में बारिश की आशंका भी जताई गई है। यदि बारिश हुआ तो कई मोहल्लों और कालोनियों में
स्थिति नारकीय होनी तय है। बताया जाता है कि नगर पालिका के ईओ की सक्रियता से अब तक करीब पांच नालों की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है।
शासन की तरफ से 15 जून तक हर हाल में नालों की सफाई कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, नगर के एनसीसी तिराहा से लेकर हाईड्रिल कॉलोनी तक बड़े नाले का निर्माण चल रहा है। निर्माण की गति धीमी होने से मोहल्लावासी सशंकित है। जानकारों का कहना है कि अगर कार्यदायी संस्था द्वारा नाले के निर्माण में तेजी नहीं लाई गई तो एक बार
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फिर डीएम कार्यालय से लगायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय, स्टेडियम, जिला कारागार, पुलिस लाइन, आवास विकास कॉलोनी, कल्पना कॉलोनी, श्रीराम बिहार कॉलोनी, आनंद नगर, तिखमपुर, काजीपुरा सहित दर्जनों कॉलोनियों में बरसात के पानी से भर जाएंगी। वर्ष 2020 हुए जलजमाव के बाद तत्कालीन डीएम श्रीहरिप्रताप शाही ने एनसीसी तिराहा से लेकर हाईडिल कालोनी तक बड़े नाले का निमार्ण कराने का निर्देश दिया था। ताकि जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकें। उसके बाद नगर पालिका की ओर से निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था केपीएस एन्विरो टेक प्राइवेट लिमिटेड,मुरादाबाद को दी गई। बरसात आने से पूर्व नाले का निर्माण कार्य पूरा करने को कहा, लेकिन अब तक नाला का निर्माण पूरा नही हो पाया है।
जलभराव से जूझते हैं दो हजार परिवार
विगत कई वर्षों से श्रीराम बिहार कालोनी के 100, कल्पना कॉलोनी के 200, आवास विकास कॉलोनी के 1000, विवेकानंद कॉलोनी के 100, रामदहिनपुरम कॉलोनी के 500, जेल कॉलोनी के 50, पुलिस लाइन में करीब 300 आवास व टैगोरनगर के करीब 20 से 25 घरों के अलावा काजीपुरा मोहल्ला की बड़ी आबादी प्रतिवर्ष जलजमाव की समस्या से जूझ रही है।
दूसरी जगह शिफ्ट होती है जेल
बलिया। जिला कारागार में बरसात में जलजमाव की समस्या गंभीर बनी हुई है। बारिश होने पर परिसर में घुटने भर पानी भर जाता है, जिससे बंदियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कारागार का परिसर सड़क से नीचा होने के
कारण बरसात का पानी परिसर में लग जाता है। वर्ष 2019 में जेल के सभी बैरकों में पानी घुस गया गया था, जिससे मजबूर होकर सितंबर 2019 में 863 कैदियों को गैर जनपद के जेल में शिफ्ट करना पड़ा था।
नगर क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। बरसात शुरु होने से पूर्व नालों की सफाई करा ली जाएगी।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका परिषद, बलिया।
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होती दिख रही है। नगर के 25 छोटे-बड़े नालों में अब तक महज चार नालों की सफाई का कार्य हो सका है। शेष नालों का अभी तक सिल्ट तक नहीं निकाल पाया है। नगर पालिका परिषद ने इसके लिए 50 लाख रुपये का टेंडर किया है। वहीं,आने वाले कुछ दिनों में बारिश की आशंका भी जताई गई है। यदि बारिश हुआ तो कई मोहल्लों और कालोनियों में
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स्थिति नारकीय होनी तय है। बताया जाता है कि नगर पालिका के ईओ की सक्रियता से अब तक करीब पांच नालों की सफाई का कार्य पूरा हो चुका है।
शासन की तरफ से 15 जून तक हर हाल में नालों की सफाई कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, नगर के एनसीसी तिराहा से लेकर हाईड्रिल कॉलोनी तक बड़े नाले का निर्माण चल रहा है। निर्माण की गति धीमी होने से मोहल्लावासी सशंकित है। जानकारों का कहना है कि अगर कार्यदायी संस्था द्वारा नाले के निर्माण में तेजी नहीं लाई गई तो एक बार
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फिर डीएम कार्यालय से लगायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय, स्टेडियम, जिला कारागार, पुलिस लाइन, आवास विकास कॉलोनी, कल्पना कॉलोनी, श्रीराम बिहार कॉलोनी, आनंद नगर, तिखमपुर, काजीपुरा सहित दर्जनों कॉलोनियों में बरसात के पानी से भर जाएंगी। वर्ष 2020 हुए जलजमाव के बाद तत्कालीन डीएम श्रीहरिप्रताप शाही ने एनसीसी तिराहा से लेकर हाईडिल कालोनी तक बड़े नाले का निमार्ण कराने का निर्देश दिया था। ताकि जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो सकें। उसके बाद नगर पालिका की ओर से निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था केपीएस एन्विरो टेक प्राइवेट लिमिटेड,मुरादाबाद को दी गई। बरसात आने से पूर्व नाले का निर्माण कार्य पूरा करने को कहा, लेकिन अब तक नाला का निर्माण पूरा नही हो पाया है।
जलभराव से जूझते हैं दो हजार परिवार
विगत कई वर्षों से श्रीराम बिहार कालोनी के 100, कल्पना कॉलोनी के 200, आवास विकास कॉलोनी के 1000, विवेकानंद कॉलोनी के 100, रामदहिनपुरम कॉलोनी के 500, जेल कॉलोनी के 50, पुलिस लाइन में करीब 300 आवास व टैगोरनगर के करीब 20 से 25 घरों के अलावा काजीपुरा मोहल्ला की बड़ी आबादी प्रतिवर्ष जलजमाव की समस्या से जूझ रही है।
दूसरी जगह शिफ्ट होती है जेल
बलिया। जिला कारागार में बरसात में जलजमाव की समस्या गंभीर बनी हुई है। बारिश होने पर परिसर में घुटने भर पानी भर जाता है, जिससे बंदियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कारागार का परिसर सड़क से नीचा होने के
कारण बरसात का पानी परिसर में लग जाता है। वर्ष 2019 में जेल के सभी बैरकों में पानी घुस गया गया था, जिससे मजबूर होकर सितंबर 2019 में 863 कैदियों को गैर जनपद के जेल में शिफ्ट करना पड़ा था।
नगर क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। बरसात शुरु होने से पूर्व नालों की सफाई करा ली जाएगी।
-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, ईओ, नगर पालिका परिषद, बलिया।