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स्वास्थ्य का भी नहीं रखते ख्याल
बलिया, उत्तर प्रदेश
Updated Mon, 09 May 2016 12:07 AM IST
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जिला अस्पताल में लगा कूड़े का ढेर। अमर उजाला
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जिला अस्पताल में नगर पालिका के कर्मी खुले में कूड़े को जला देते हैं। ऐसे में कूड़े के मलबे से उठता धूआं ब्लड बैंक और बर्नवार्ड में फैल जाता है। वार्ड में धुएं के प्रवेश से गंभीर मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मरीजों और तीमारदारों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। जिला अस्पताल के कूड़े के निस्तारण का जिम्मा नगर पालिका परिषद के पास है। लेकिन समय से इसका निस्तारण नहीं किया जाता जिसकी वजह से अस्पताल में जगह जगह कूड़ा फैला रहता है और यहां आने जाने वाले परेशान होते हैं।
वहीं जानवर भी कूड़े के ढेर को फैलाते रहते हैं। निजी अस्पतालों में कूड़े के निस्तारण का समुचित व्यवस्था नहीं है।
जिला अस्पताल के नये और पुराने भवनों में कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के नये भवन के पीछे नपा का एक कूड़ा पात्र रखा गया है जो नाकाफी है। क्योंकि वह कुछ ही दिनों में भर जाता है। नपा द्वारा भी कूड़े को समय पर निस्तारित नहीं किया जाता है। पात्र भर जाने पर कूड़ों को जमीन पर ही फेंक दिया जाता है। सफाई कर्मी भी एकत्रित कूड़ों को फर्श पर ही फेंक देते हैं जिससे थोड़े ही दिनों में कूड़े का ढेर लग जाता है।
घुमंतू जानवर कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते रहते हैं जिससे कूड़ा इधर-उधर फैलता रहता है। उधर जिला अस्पताल के पुराने भवन में तो कूड़ा निस्तारण व्यवस्था काफी खराब है। वहां पर कूड़ा पात्र भी नहीं है। जमीन पर एक जगह पर कूड़ा निस्तारित कर दिया जाता है। कूड़ा उठाने में देरी होने पर उसे आग के हवाले कर दिया जाता है। ऐसे कूड़े के मलबे से उठता धूआं ब्लड बैंक और बर्नवार्ड में घुसता रहता है। वार्ड में धुएं के प्रवेश से गंभीर मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
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वहीं जानवर भी कूड़े के ढेर को फैलाते रहते हैं। निजी अस्पतालों में कूड़े के निस्तारण का समुचित व्यवस्था नहीं है।
जिला अस्पताल के नये और पुराने भवनों में कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल के नये भवन के पीछे नपा का एक कूड़ा पात्र रखा गया है जो नाकाफी है। क्योंकि वह कुछ ही दिनों में भर जाता है। नपा द्वारा भी कूड़े को समय पर निस्तारित नहीं किया जाता है। पात्र भर जाने पर कूड़ों को जमीन पर ही फेंक दिया जाता है। सफाई कर्मी भी एकत्रित कूड़ों को फर्श पर ही फेंक देते हैं जिससे थोड़े ही दिनों में कूड़े का ढेर लग जाता है।
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घुमंतू जानवर कूड़े के ढेर में भोजन तलाशते रहते हैं जिससे कूड़ा इधर-उधर फैलता रहता है। उधर जिला अस्पताल के पुराने भवन में तो कूड़ा निस्तारण व्यवस्था काफी खराब है। वहां पर कूड़ा पात्र भी नहीं है। जमीन पर एक जगह पर कूड़ा निस्तारित कर दिया जाता है। कूड़ा उठाने में देरी होने पर उसे आग के हवाले कर दिया जाता है। ऐसे कूड़े के मलबे से उठता धूआं ब्लड बैंक और बर्नवार्ड में घुसता रहता है। वार्ड में धुएं के प्रवेश से गंभीर मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
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