{"_id":"69936ade88412075e40a6ace","slug":"document-writers-staging-protest-were-forcibly-removed-ballia-news-c-190-1-bal1001-157945-2026-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: धरना दे रहे दस्तावेज लेखकों को बलपूर्वक हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: धरना दे रहे दस्तावेज लेखकों को बलपूर्वक हटाया
विज्ञापन
बैरिया। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर बैरिया तहसील परिसर से प्रशासन ने रविवार की देर शाम दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेताओं का टिनशेड व गुमटियां जेसीबी से हटावा दीं।
इसके खिलाफ स्टांप विक्रेता और दस्तावेज लेखक तहसील में उप निबंधक कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए थे। सोमवार को भी उनका धरना जारी रहा। उनकी मांग थी कि जब तक तहसील परिसर में उप निबंधक कार्यालय है तब तक उन्हें यहां बैठने दिया जाए। स्टांप बेचने पर काफी पैसा आता है, उस पैसे की सुरक्षा आवश्यक है। हालांकि धरने पर बैठे दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेताओं को बैरिया पुलिस ने दोपहर बाद बलपूर्वक तहसील परिसर से बाहर कर दिया है। उनका धरना समाप्त हो गया।
उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 फरवरी को सभी स्टांप विक्रेता व दस्तावेज लेखकों को लिखित रूप से नोटिस देकर अवैध अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया गया था। तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ जाकर व्यक्तिगत रूप से अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया था।
विज्ञापन
उक्त लोगों ने उनके आग्रह पर ध्यान नहीं दिया। मजबूर होकर अतिक्रमण जेसीबी से हटाना पड़ा। दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेताओं से जेसीबी का खर्च भी वसूला जाएगी। अदा न करने पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अभय श्रीवास्तव ने बताया कि यह अस्मिता का प्रश्न है। हम लोग आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। धरना पर बैठे बृज बिहारी लाल, विजय शंकर पांडेय, बृजेश यादव, रविंद्र यादव, दीनानाथ तिवारी, प्रदीप श्रीवास्तव, अजय वर्मा, कुबेरनाथ सिंह, विवेक सिंह आदि ने कहा कि तहसील परिसर के भीतर स्टाम्प बेचने और दस्तावेज लेखन के लिए जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही नुकसान का मुआवजा तहसील प्रशासन को देना ही पड़ेगा।
विज्ञापन
इसके खिलाफ स्टांप विक्रेता और दस्तावेज लेखक तहसील में उप निबंधक कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए थे। सोमवार को भी उनका धरना जारी रहा। उनकी मांग थी कि जब तक तहसील परिसर में उप निबंधक कार्यालय है तब तक उन्हें यहां बैठने दिया जाए। स्टांप बेचने पर काफी पैसा आता है, उस पैसे की सुरक्षा आवश्यक है। हालांकि धरने पर बैठे दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेताओं को बैरिया पुलिस ने दोपहर बाद बलपूर्वक तहसील परिसर से बाहर कर दिया है। उनका धरना समाप्त हो गया।
विज्ञापन
उप जिलाधिकारी बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 फरवरी को सभी स्टांप विक्रेता व दस्तावेज लेखकों को लिखित रूप से नोटिस देकर अवैध अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया गया था। तहसीलदार और नायब तहसीलदार के साथ जाकर व्यक्तिगत रूप से अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया था।
विज्ञापन
उक्त लोगों ने उनके आग्रह पर ध्यान नहीं दिया। मजबूर होकर अतिक्रमण जेसीबी से हटाना पड़ा। दस्तावेज लेखक व स्टांप विक्रेताओं से जेसीबी का खर्च भी वसूला जाएगी। अदा न करने पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उधर, दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अभय श्रीवास्तव ने बताया कि यह अस्मिता का प्रश्न है। हम लोग आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। धरना पर बैठे बृज बिहारी लाल, विजय शंकर पांडेय, बृजेश यादव, रविंद्र यादव, दीनानाथ तिवारी, प्रदीप श्रीवास्तव, अजय वर्मा, कुबेरनाथ सिंह, विवेक सिंह आदि ने कहा कि तहसील परिसर के भीतर स्टाम्प बेचने और दस्तावेज लेखन के लिए जमीन उपलब्ध कराने के साथ ही नुकसान का मुआवजा तहसील प्रशासन को देना ही पड़ेगा।