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चिकित्सक की मौत का मामला : पत्नी ने धरने पर बैठने की दी चेतावनी
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बांसडीह/घोघा। सीएचसी अधीक्षक रहे डॉ. वेंकटेश मौआर की पत्नी प्रियंका मौआर ने बृहस्पतिवार को डीएम मंगला प्रसाद सिंह को आवेदन देकर पति की मौत मामले में साजिशकर्ता फार्मेसी संचालक पर मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई। उन्होंने मुकदमा दर्ज न होने पर डीएम कार्यालय के समक्ष शुक्रवार को पूरे परिवार के साथ धरने पर बैठने की चेतावनी दी। उन्होंने इसकी प्रति सीएम, चिकित्सक व कर्मचारी संगठन को भी भेजा है।
वहीं, सीएचसी के चिकित्सक व कर्मचारी अधीक्षक की मौत पर कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल व कार्य बहिष्कार कर तीसरे दिन ओपीडी ठप रही। इस दौरान इलाज की आस में आए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। इमरजेंसी में मरीजों का इलाज हुआ। स्वास्थ्यकर्मी हाथों में प्रकरण से जुड़ी कार्रवाई की मांग लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते रहे। आरोप है कि डॉ. वेंकटेश मौआर को षडयंत्र कर रिश्वतखोरी के मामले में फंसाया गया और सुनियोजित ढंग से उनके साथ ज्यादती की गई। जिससे उनकी जान चली गयी।
प्रियंका मौआर ने आवेदन में कहा कि पति स्व. वेंकटेश मौआर से फार्मेसी संचालक ने एक वर्ष पूर्व खाते में पैसा उधार मंगाए थे। जिसको लौटाने का समय 12 जून को था, उस दिन अजय तिवारी ने साजिश करके अपने परिचित तथा रिश्तेदार विजिलेंस के कर्मियों से मिलकर उक्त उधार के पैसे को रिश्वत का पैसा बताकर गिरफ्तार करवा दिया। मेरे पति को जेल भेज दिया गया। 16 जून को जेल में ही पति की मौत हो गई। इस मामले में 18 जून को बांसडीह कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन अब तक दर्ज नहीं किया गया है।
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वहीं, सीएचसी के चिकित्सक व कर्मचारी अधीक्षक की मौत पर कार्रवाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल व कार्य बहिष्कार कर तीसरे दिन ओपीडी ठप रही। इस दौरान इलाज की आस में आए मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। इमरजेंसी में मरीजों का इलाज हुआ। स्वास्थ्यकर्मी हाथों में प्रकरण से जुड़ी कार्रवाई की मांग लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते रहे। आरोप है कि डॉ. वेंकटेश मौआर को षडयंत्र कर रिश्वतखोरी के मामले में फंसाया गया और सुनियोजित ढंग से उनके साथ ज्यादती की गई। जिससे उनकी जान चली गयी।
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प्रियंका मौआर ने आवेदन में कहा कि पति स्व. वेंकटेश मौआर से फार्मेसी संचालक ने एक वर्ष पूर्व खाते में पैसा उधार मंगाए थे। जिसको लौटाने का समय 12 जून को था, उस दिन अजय तिवारी ने साजिश करके अपने परिचित तथा रिश्तेदार विजिलेंस के कर्मियों से मिलकर उक्त उधार के पैसे को रिश्वत का पैसा बताकर गिरफ्तार करवा दिया। मेरे पति को जेल भेज दिया गया। 16 जून को जेल में ही पति की मौत हो गई। इस मामले में 18 जून को बांसडीह कोतवाली प्रभारी को तहरीर देकर केस दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन अब तक दर्ज नहीं किया गया है।
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