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Ballia News: सोशल मीडिया पर न शेयर करें व्यक्तिगत जानकारी, होंगे साइबर अपराध के शिकार

Tue, 31 Dec 2024 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 31 Dec 2024 10:42 PM IST
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Do not share personal information on social media, you will become a victim of cyber crime.
लखनापार। इन दिनों साइबर ठगी में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। साइबर ठग सीबीआई इंस्पेक्टर, कस्टम अधिकारी, इनकम टैक्स अधिकारी, ईडी अधिकारी आदि बनकर व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम कॉलिंग के माध्यम से फर्जी आरोप लगाकर मोटी रकम ऐंठ रहे हैं। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर सूचना देकर शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे नंबर को ब्लैक लिस्ट में डाल दें। ये बातें क्षेत्राधिकारी सिकंदरपुर आशीष मिश्र ने मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले क्षेत्र के खेजुरी स्थित ग्रीन लांस पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं।
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उन्होंने कहा कि पुलिस या कोई अन्य विभाग कभी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से कॉल कर लोगों को थाने नहीं बुलाता। उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक उन्नयन और करियर विकास के टिप्स दिए। कहा कि पुलिस का काम समाज को अपराध मुक्त बनाना है। उन्होंने साइबर अपराध से लेकर पॉक्सो एक्ट तक की जानकारी दी।
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छात्र, छात्राओं को 1090 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल 112, पॉक्सो एक्ट और गुड-बैड स्पर्श के बारे में बताया। विद्यार्थियों से रोजाना अखबार पढ़ने की अपील भी की। इसके पूर्व विद्यालय की मैनेजर सरिता सिंह, डायरेक्टर संजीव सिंह ने क्षेत्राधिकारी को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अनिता सिंह, छोटेलाल साहू, अंगद यादव, संग्राम सिंह मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों के सवाल, क्षेत्राधिकारी के जवाब



सवाल - साइबर क्राइम क्या है, इस पर रोक कैसे लग सकती है। सीमा यादव, कक्षा 12

जवाब - इसके लिए जागरूक होना जरूरी है। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने से बचें।

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सवाल- आस पड़ोस या गांव में किसी प्रकार का क्राइम हो तो क्या करें। स्नेहा चौहान, कक्षा 12

जवाब - पुलिस को तुरंत अवगत कराएं ताकि समय रहते इस पर कार्रवाई की जा सके।

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सवाल- दहेज जैसी सामाजिक बुराई को कैसे खत्म किया जाए। कुमारी श्रुति, कक्षा 11

जवाब- इसे सामाजिक सुधार के जरिये रोका जा सकता है। दहेज प्रतिषेध अधिनियम भी बनाया गया है।
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सवाल- रास्ते में कोई परेशान या छेड़खानी करे तो कैसे बचें। नंदलाल चौहान, कक्षा 12

जवाब- खुद की सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। तत्काल डायल 112 पर कॉल कर सहायता प्राप्त करें।
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सवाल : पुलिस की कथनी और करनी में अंतर की वजह क्या है। रितिका राय, कक्षा 11
जवाब- ऐसा नहीं है, पुलिस कानून के दायरे रह कर अपना काम करती है। जिसे लोग एक पक्षीय मान लेते हैं जो ठीक नहीं है।
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सवाल : पुलिस किसी गरीब या कमजोर की सहायता क्यों नहीं करती है। काजल उपाध्याय, कक्षा 9

जवाब : यदि लगता है कि अन्याय हो रहा है तो उच्च अधिकारियों से शिकायत कर सकते हैं।
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सवाल : पुलिस पर सहयोग न करने का अक्सर आरोप लगता है। इस पर क्या कहेंगे? अंश राय, कक्षा 9

जवाब : सूचना, जांच और एक्शन इन तीन चरणों से गुजरने के बाद अपराध की प्रकृति-प्रवृति निर्धारित होती है। इसमें थोड़ा वक्त लगता है जिसे लोग असहयोग समझ बैठते हैं।

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सवाल : साइबर अपराध बढ़ने की मुख्य वजह क्या है? कुमारी शिवानी, कक्षा 12

जवाब: जागरूकता का अभाव और नाम मात्र की सुरक्षा उपाय के साथ सोशल मीडिया पर ज्यादा सक्रियता मूल वजह है।

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सवाल : यदि कोई पुलिस कर्मी ही हमारे साथ अपराध करे तो क्या करना चाहिए। अनुष्का यादव, कक्षा 11

जवाब : पहले लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराएं। यदि वह दोषी मिला तो दंडित किया जाएगा।
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