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Ballia News: बच्चियों की मौत के मामले में डीएम ने गठित की जांच टीम
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गोपालपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत उदयी छपरा में सामुदायिक शौचालय की जर्जर दीवार गिरने से हुई दो मासूम बच्चियों की मौत के मामले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जांच टीम का गठन किया है। सीडीओ ओजस्वी राज, डीपीआरओ श्रवण कुमार व उपजिलाधिकारी बैरिया सुनील कुमार को जांच का जिम्मा मिला है।
शनिवार की शाम को उपजिलाधिकारी सुनील कुमार, डीपीआरओ श्रवण कुमार व तहसीलदार सुदर्शन कुमार मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ। हादसे में मृत दोनों बच्चियों के बाबा एवं पूर्व प्रधान राजनाथ यादव ने ही शौचालय का निर्माण कराया था। इतनी जल्दी उक्त शौचालय जर्जर कैसे हो गया, किन परिस्थितियों में उक्त शौचालय को निष्प्रयोजित हुआ, निष्प्रयोजित था तो ध्वस्तीकरण क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
बगल में आंगनबाड़ी केंद्र का हो रहा था संचालन
बैरिया। उदयी छपरा में सामुदायिक शौचालय की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चियों की मौत जहां हुई, उसी शौचालय के बगल में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को देखकर उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। मौजूदा समय में ग्राम पंचायत से उक्त आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत की जा रही थी। इसे उपजिलाधिकारी ने रोक दिया। कहा कि इस आंगनबाड़ी केंद्र का जल्द ध्वस्तीकरण होना चाहिए। अन्यथा फिर एक हादसा हो सकता है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ है उसी के बगल में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र है। उक्त आंगनबाड़ी केंद्र की छत लटक गई है। मौजूदा समय में मरम्मत का कार्य हो रहा था, जिसे रोक दिया है। ध्वस्त करने का आदेश दिया है। कहा कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी बैरिया, मुरली छपरा व एबीएसए को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्हें निर्देशित किया जा रहा है कि किसी भी ग्राम पंचायत में जर्जर सामुदायिक शौचालय या आंगनबाड़ी केंद्र है तो तत्काल ध्वस्तीकरण होना चाहिए।
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शनिवार की शाम को उपजिलाधिकारी सुनील कुमार, डीपीआरओ श्रवण कुमार व तहसीलदार सुदर्शन कुमार मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में सामुदायिक शौचालय का निर्माण हुआ। हादसे में मृत दोनों बच्चियों के बाबा एवं पूर्व प्रधान राजनाथ यादव ने ही शौचालय का निर्माण कराया था। इतनी जल्दी उक्त शौचालय जर्जर कैसे हो गया, किन परिस्थितियों में उक्त शौचालय को निष्प्रयोजित हुआ, निष्प्रयोजित था तो ध्वस्तीकरण क्यों नहीं हुआ, इसकी जांच की जा रही है।
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बगल में आंगनबाड़ी केंद्र का हो रहा था संचालन
बैरिया। उदयी छपरा में सामुदायिक शौचालय की दीवार गिरने से दो मासूम बच्चियों की मौत जहां हुई, उसी शौचालय के बगल में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र को देखकर उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। मौजूदा समय में ग्राम पंचायत से उक्त आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत की जा रही थी। इसे उपजिलाधिकारी ने रोक दिया। कहा कि इस आंगनबाड़ी केंद्र का जल्द ध्वस्तीकरण होना चाहिए। अन्यथा फिर एक हादसा हो सकता है। उपजिलाधिकारी ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ है उसी के बगल में जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र है। उक्त आंगनबाड़ी केंद्र की छत लटक गई है। मौजूदा समय में मरम्मत का कार्य हो रहा था, जिसे रोक दिया है। ध्वस्त करने का आदेश दिया है। कहा कि इस संबंध में खंड विकास अधिकारी बैरिया, मुरली छपरा व एबीएसए को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्हें निर्देशित किया जा रहा है कि किसी भी ग्राम पंचायत में जर्जर सामुदायिक शौचालय या आंगनबाड़ी केंद्र है तो तत्काल ध्वस्तीकरण होना चाहिए।
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