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जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Thu, 05 Nov 2015 10:44 PM IST
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कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिलाध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया। जहां राज्यपाल को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी शरद सिंह को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए तिवारी ने कहा कि जनपद का किसान सूखे की चपेट से त्राहि-त्राहि कर रहा है। किसानों को अब तक एक फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुआ।
किसान मजबूर होकर आत्महत्या कर रहा है लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की घोषणाएं हवाहवाई साबित हो रही हैं। कहा कि जिले की समस्त नहर और नलकूप बंद पड़े हैं।
सरकारी समितियों पर खाद्य और बीज नहीं मिल रहा है। किसान मजबूर होकर प्राइवेट दूकानों से खाद और बीज महंगे दामों पर खरीद रहे हैं।
प्रमुख मांगें में जनपद को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए, बेतहाशा बढ़ रही महंगाई पर अंकुश लगाया जाए, सूखा से प्रभावित किसानों को राशन दिया जाए, जिले की समस्त बंद पड़ी नलकूप और नहर को तत्काल चालू कराया जाए आदि थीं।
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धरने को संबोधित करते हुए तिवारी ने कहा कि जनपद का किसान सूखे की चपेट से त्राहि-त्राहि कर रहा है। किसानों को अब तक एक फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुआ।
किसान मजबूर होकर आत्महत्या कर रहा है लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा है। केंद्र और प्रदेश सरकार की घोषणाएं हवाहवाई साबित हो रही हैं। कहा कि जिले की समस्त नहर और नलकूप बंद पड़े हैं।
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सरकारी समितियों पर खाद्य और बीज नहीं मिल रहा है। किसान मजबूर होकर प्राइवेट दूकानों से खाद और बीज महंगे दामों पर खरीद रहे हैं।
प्रमुख मांगें में जनपद को सूखाग्रस्त घोषित किया जाए, बेतहाशा बढ़ रही महंगाई पर अंकुश लगाया जाए, सूखा से प्रभावित किसानों को राशन दिया जाए, जिले की समस्त बंद पड़ी नलकूप और नहर को तत्काल चालू कराया जाए आदि थीं।
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